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Ballia News: खामी को ठीक करने की तकनीक नहीं खोज सकी टीम
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बैरिया। 206 करोड़ रुपये से निर्माणाधीन 19 पिलर के मांझी रेलपुल से ट्रेनों के आवागमन पर संशय बना है। गोरखपुर की टेक्निकल टीम ने जांच में पुल में खामी पाई थी। इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को भेजी। दिल्ली रेलवे बोर्ड ने जांच के लिए टेक्निकल टीम गठित की है। कार्यदायी संस्था के अनुसार दिल्ली रेलवे बोर्ड की जांच टीम कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों से खामी को दूर करने के लिए लगातार विमर्श कर रही है। हालांकि अब तक फाॅल्ट को ठीक करने तकनीक टीम खोज नहीं सकी है।
रेलवे कंस्ट्रक्शन के अधिशासी अधिकारी शशिकांत सिंह ने मार्च 2024 को सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए निर्माणाधीन मांझी रेल पुल से इंजन रोलिंग का कार्य सम्पन्न होने की सूचना दी थी। बताया था कि सीआरएस के निरीक्षण से पूर्व या उसी दिन बकुल्हा में कट कनेक्शन किया जाएगा। पुल से ट्रेनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। हालांकि इस बीच जांच में खामी उजागर हो गई।
गोरखपुर रेल कंस्ट्रक्शन के आईओडब्ल्यू उपेंद्र सिंह ने बताया कि शुरू में ब्रिज का पिलर टेढ़ा मिला था, जिसे दुरुस्त कर लिया गया है। इस बीच गोरखपुर टेक्निकल जांच टीम को ब्रिज में खामी मिल गई। गोरखपुर रेल कंस्ट्रक्शन के डिप्टी चीफ इंजीनियर पंकज पाण्डेय ने बताया कि ब्रिज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। हालांकि मिली खामी को ठीक करने के बाद ही बताया जा सकता है कि कब से आवागमन शुरू होगा।
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वर्ष 2012 में मांझी सरयू नदी पर डबल लाइन के लिए पुल का निर्माण शुरू हुआ था। तत्कालीन रेलमंत्री लालू यादव के प्रस्ताव पर यह कार्य शुरू हुआ था। यूपी बिहार को जोड़ने वाला और डबल लाइन पुल 1120 मीटर लंबा और 14 मीटर चौड़ा है, जो ब्रिज नंबर 16 के नाम से जाना जाता है।
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दिल्ली रेलवे बोर्ड की ओर से गठित टेक्निकल जांच टीम कई बार फॉल्ट को दुरुस्त करने पर विमर्श कर चुकी है। अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। बहुत जल्द भी होगा तो नए पुल के फाॅल्ट को दुरुस्त करने के बाद ट्रेनों का आवागमन 2026 में ही शुरू हो पाएगा। उपेंद्र, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेल कंस्ट्रक्शन गोरखपुर
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निर्माणाधीन मांझी रेलपुल के संबंध में कोई नया अपडेट फिलहाल नहीं है। मामला जस का तस है। पुल लगभग बनकर तैयार है। उक्त पुल से ट्रेनों के संचालन के संबंध में कोई अपडेट होगा तो जानकारी दी जाएगी। - अशोक चौधरी, जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी
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रेलवे कंस्ट्रक्शन के अधिशासी अधिकारी शशिकांत सिंह ने मार्च 2024 को सोशल मीडिया पर फोटो शेयर करते हुए निर्माणाधीन मांझी रेल पुल से इंजन रोलिंग का कार्य सम्पन्न होने की सूचना दी थी। बताया था कि सीआरएस के निरीक्षण से पूर्व या उसी दिन बकुल्हा में कट कनेक्शन किया जाएगा। पुल से ट्रेनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। हालांकि इस बीच जांच में खामी उजागर हो गई।
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गोरखपुर रेल कंस्ट्रक्शन के आईओडब्ल्यू उपेंद्र सिंह ने बताया कि शुरू में ब्रिज का पिलर टेढ़ा मिला था, जिसे दुरुस्त कर लिया गया है। इस बीच गोरखपुर टेक्निकल जांच टीम को ब्रिज में खामी मिल गई। गोरखपुर रेल कंस्ट्रक्शन के डिप्टी चीफ इंजीनियर पंकज पाण्डेय ने बताया कि ब्रिज का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है। हालांकि मिली खामी को ठीक करने के बाद ही बताया जा सकता है कि कब से आवागमन शुरू होगा।
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वर्ष 2012 में मांझी सरयू नदी पर डबल लाइन के लिए पुल का निर्माण शुरू हुआ था। तत्कालीन रेलमंत्री लालू यादव के प्रस्ताव पर यह कार्य शुरू हुआ था। यूपी बिहार को जोड़ने वाला और डबल लाइन पुल 1120 मीटर लंबा और 14 मीटर चौड़ा है, जो ब्रिज नंबर 16 के नाम से जाना जाता है।
दिल्ली रेलवे बोर्ड की ओर से गठित टेक्निकल जांच टीम कई बार फॉल्ट को दुरुस्त करने पर विमर्श कर चुकी है। अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। बहुत जल्द भी होगा तो नए पुल के फाॅल्ट को दुरुस्त करने के बाद ट्रेनों का आवागमन 2026 में ही शुरू हो पाएगा। उपेंद्र, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेल कंस्ट्रक्शन गोरखपुर
निर्माणाधीन मांझी रेलपुल के संबंध में कोई नया अपडेट फिलहाल नहीं है। मामला जस का तस है। पुल लगभग बनकर तैयार है। उक्त पुल से ट्रेनों के संचालन के संबंध में कोई अपडेट होगा तो जानकारी दी जाएगी। - अशोक चौधरी, जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी