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UP Election 2022: भाजपा से अब तक नहीं सुलझ सकी बलिया के बांसडीह सीट की पहेली, एक बार भी नहीं खुला पार्टी का खाता

Sun, 06 Feb 2022 05:33 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 06 Feb 2022 05:33 PM IST
सार

बांसडीह विधानसभा हर चुनावों में बलिया की हॉट सीट रही है। इस सीट से विधायक सपा के रामगोविंद चौधरी इस समय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका अदा कर रहे हैं। भाजपा इसी सीट से कई बार दमदारी के साथ उतरी लेकिन अभी तक इस सीट पर उसे सफलता नहीं मिल पाई है। 

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The puzzle of Bansdih could not be solved by the BJP yet
भाजपा, सपा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 वर्ष 2017 में प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी ने भले ही बलिया  की सात विधानसभाओं में पांच पर अपना कब्जा बनाया था, लेकिन जनपद की बांसडीह विधानसभा सीट अभी तक उसके लिए पहेली बनी हुई है। पार्टी अभी तक मात्र दो चुनाव में दूसरे स्थान तक का सफर तय कर पाई है। इस सीट से कमल खिलाना चुनौती बनी हुई है।

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इस सीट से सर्वाधिक बच्चा पाठक और रामगोविंद चौधरी ने विधानसभा में प्रतिनिधित्व किया है। बांसडीह विधानसभा हर चुनावों में जनपद की हॉट सीट रही है। इस सीट से विधायक सपा के रामगोविंद चौधरी इस समय विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका अदा कर रहे हैं।
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भाजपा इसी सीट से कई बार दमदारी के साथ उतरी लेकिन अभी तक इस सीट पर उसे सफलता नहीं मिल पाई है। पिछले विधानसभा चुनाव में ये सीट गठबंधन में भाजपा ने सुभासपा को दी थी। सीट से सुभासपा सुप्रीमो ओमप्रकाश राजभर के पुत्र अरिवंद राजभर ने अपनी किस्मत आजमाई थी, लेकिन उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा था।

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भाजपा से ही विद्रोह कर निर्दलीय चुनाव लड़ीं केतकी सिंह रामगोविंद चौधरी से बहुत कम मतों से हारकर दूसरे स्थान पर रही थीं। वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा से केतकी सिंह, वर्ष 1996 के चुनाव में भाजपा से पीएन तिवारी इस सीट से दूसरे स्थान पर रहे थे। इसके अलावा किसी चुनाव भाजपा इतनी दमदार उपस्थिति नहीं दर्ज करा पाई।

बच्चा पाठक ने किया सर्वाधिक प्रतिनिधित्व

बात इससे पहले की चुनावों की करें तो नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी इस सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। एक चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार पांचवीं बार मैदान में हैं। उनसे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे स्व. बच्चा इस सीट से सबसे ज्यादा बार विधानसभा में प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वो 1996, 1993, 1991, 1980, 1977, 1974, 1969 में विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा विजयलक्ष्मी भी दो बार सीट का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

इस बार बदली हैं परिस्थितियां

विधानसभा चुनाव-2022 में परिस्थितियां कुछ अलग हैं। इस सीट से सपा से फिर रामगोविंद चौधरी उम्मीदवार हैं। पार्टी का सुभासपा के साथ गठबंधन भी है। उसे अपने मतों के अलावा राजभर मतों की भी आस हैं। वहीं, बसपा ने सुभासपा में संगठन का पद छोड़कर आईं मानती राजभर को प्रत्याशी घोषित कर दिया है।

इससे राजभर मतों में बिखराव से इंकार नहीं किया जा सकता। भाजपा से केतकी सिंह के अलावा कनक पांडेय, शिवशंकर चौहान आदि दावेदारी कर रहे हैं। निषाद पार्टी से गठबंधन की भी बातें चल रही हैं। अभी टिकट फाइनल नहीं हैं।

कब कौन रहा विधायक

             वर्ष       विधायक                    रनरअप
  • 2017-रामगोविंद चौधरी (सपा)-केतकी सिंह (निर्दल)
  • 2012-रामगोविंद चौधरी (सपा)-केतकी सिंह (भाजपा)
  • 2007-शिवशंकर (बसपा)-रामगोविंद चौधरी (सपा)
  • 2002-रामगोविंद चौधरी (सपा)-बच्चा पाठक (एबीएलटीसी)
  • 1996-बच्चा पाठक (कांग्रेस)-पीएन तिवारी (भाजपा)
  • 1993-बच्चा पाठक (कांग्रेस)-विजय लक्ष्मी (जद)
  • 1991-बच्चा पाठक (कांग्रेस)-विजयलक्ष्मी (जप)
  • 1989-विजयलक्ष्मी (जद)-बच्चा पाठक (कांग्रेस)
  • 1985विजयलक्ष्मी (जनप)- अशोक पाठक (कांग्रेस)
  • 1980-बच्चा पाठक (कांग्रेस)-विजय बहादुर (जप)
  • 1977-बच्चा पाठक (कांग्रेस)-चंद्रिका प्रसाद (जनप)
  • 1974-बच्चा पाठक (कांग्रेस)-शिवमंगल (एनसीओ)
  • 1969-बच्चा पाठक (कांग्रेस)-विजय बहादुर (निर्दल)
  • 1967-बैजनाथ (बीजेएस)-बच्चा पाठक (कांग्रेस)
  • 1962 वेस्ट-शिवमंगल (कांग्रेस)-राजाराम (निर्दल)
  • 1962 ईस्ट-काशीनाथ (एसओसी)-ब्रजबिहारी सिंह (कांग्रेस)
  • 1957 ईस्ट-रामलछन (कांग्रेस)-केदारनाथ (पीएसपी)
  • 1957 वेस्ट-शिवमंगल (कांग्रेस)-बैजनाथ सिंह (निर्दल)
  • 1951 वेस्ट-शिवमंगल (कांग्रेस)-जगनाथ (एसपी)
  • 1951 ईस्ट-बैजनाथ (निर्दल)-रंजीत बहादुर (एसपी)
  • नोट : 1962 तक बासंडीह वेस्ट और बांसडीह वेस्ट विधानसभाएं थीं।
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