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चार सौ एकड़ खड़ी फसल डूबी
balia
Updated Wed, 17 Aug 2016 11:59 PM IST
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तटवर्ती इलाके में कटकर लहरों में समाता रिहायशी मकान
- फोटो : balia
गंगा ने एक माह के दौरान चौथी बार रौद्र रूप धारण किया है। गंगा-टोंस और मगई नदी के उफान पर होने से करीब 400 एकड़ खड़ी फसल डूब गई है। तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की आशंका को लेकर लोग दहशत में हैं। वहीं शाहपुर बभनौली गांव में कटान तेज हो गई है। गंगा का जलस्तर दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
बक्सर केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, शाम करीब तीन बजे गंगा दो सेमी. की रफ्तार से बढ़ाव पर रही। संभावना जताई कि आगे भी गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहेगा। गंगा के खतरा बिंदु छूते ही गड़हांचल में तबाही मचनी शुरू हो जाती है। गंगा-टोंस और मगई नदी एक साथ कहर बरपाना शुरू कर देती है। पूरा गड़हांचल जलमग्र हो जाता है। ऐसे में इसे लेकर किसानों में चिंता बढ़ गई है। जबकि शहापुर बभनौली गांव में कटान शुरू होने से कटान के मुंहाने पर बसे लोगों और तटवर्ती इलाकों के बाशिंदे दहशत में हैं।
बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार, घाघरा नदी के जलस्तर में बुधवार की सुबह से ही स्थिरता बनी हु़ई है। नदी का जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती वाशिंदों ने राहत की अनुभूृति महसूस की। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार बुधवार को सायं चार बजे जलस्तर 63.685 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.010 से 0.325 मीटर कम है। नदी की प्रकृति में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।
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रामगढ़ संवाददाता के अनुसार, गंगा में ठहराव के बाद एक बार फिर उफान शुरू होने लगा है। चौबे छपरा, श्रीनगर, लालाबगीचा के लोगों की मुसीबतें उसी तरह बनी हुई है। डेंजर जोन पचरूखिया पर धारा की बैकरोलिंग का दबाव बढ़ता ही जा रहा है और दूबे छपरा रिंग बंधा धीरे-धीरे अब कटता जा रहा है। बाढ़ विभाग के कर्मचारी बोरियों में बालू भरकर बचाने के प्रयास में जुटे हैं। श्रीनगर स्थित वर्षों पुराना शिव मंदिर का आधा हिस्सा मंगलवार को गिरकर गंगा में समाहित हो गया और कभी भी पूरा शिव मंदिर पानी में डूब सकता है। बृजमोहन राम, संजय सिंह, दिलीप कुमार, मनोज गुप्त, बच्चा सिंह का खड़ा मकान गंगा की लहरों में समाहित हो गया। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर 59.00 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही प्रतिघंटा एक सेमी का बढ़ाव बना हुआ है।
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बक्सर केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, शाम करीब तीन बजे गंगा दो सेमी. की रफ्तार से बढ़ाव पर रही। संभावना जताई कि आगे भी गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहेगा। गंगा के खतरा बिंदु छूते ही गड़हांचल में तबाही मचनी शुरू हो जाती है। गंगा-टोंस और मगई नदी एक साथ कहर बरपाना शुरू कर देती है। पूरा गड़हांचल जलमग्र हो जाता है। ऐसे में इसे लेकर किसानों में चिंता बढ़ गई है। जबकि शहापुर बभनौली गांव में कटान शुरू होने से कटान के मुंहाने पर बसे लोगों और तटवर्ती इलाकों के बाशिंदे दहशत में हैं।
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बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार, घाघरा नदी के जलस्तर में बुधवार की सुबह से ही स्थिरता बनी हु़ई है। नदी का जलस्तर स्थिर होने से तटवर्ती वाशिंदों ने राहत की अनुभूृति महसूस की। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार बुधवार को सायं चार बजे जलस्तर 63.685 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.010 से 0.325 मीटर कम है। नदी की प्रकृति में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।
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रामगढ़ संवाददाता के अनुसार, गंगा में ठहराव के बाद एक बार फिर उफान शुरू होने लगा है। चौबे छपरा, श्रीनगर, लालाबगीचा के लोगों की मुसीबतें उसी तरह बनी हुई है। डेंजर जोन पचरूखिया पर धारा की बैकरोलिंग का दबाव बढ़ता ही जा रहा है और दूबे छपरा रिंग बंधा धीरे-धीरे अब कटता जा रहा है। बाढ़ विभाग के कर्मचारी बोरियों में बालू भरकर बचाने के प्रयास में जुटे हैं। श्रीनगर स्थित वर्षों पुराना शिव मंदिर का आधा हिस्सा मंगलवार को गिरकर गंगा में समाहित हो गया और कभी भी पूरा शिव मंदिर पानी में डूब सकता है। बृजमोहन राम, संजय सिंह, दिलीप कुमार, मनोज गुप्त, बच्चा सिंह का खड़ा मकान गंगा की लहरों में समाहित हो गया। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार, गंगा का जलस्तर 59.00 मीटर दर्ज किया गया। साथ ही प्रतिघंटा एक सेमी का बढ़ाव बना हुआ है।