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मृत शिक्षकों के अभिलेखों की भी होगी जांच!
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बलिया। बीते दिनों जिले के 464 शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों के अभिलेखों की जांच के लिए शासन से निर्देश आया था। इसमें वे शिक्षक शामिल हैं जिन्होंने वर्ष 2004 से 2016 के बीच संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से शिक्षा प्राप्त की है। इसमें दिलचस्प ये है कि जो सूची शासन से जिले को भेजी गई है, उसमें कुछ ऐसे शिक्षक भी शामिल हैं जो अब दुनिया में नहीं हैं। सूची को बीएसए ने भी सभी बीईओ को जारी कर दिया है।
बेसिक शिक्षा विभाग में अनामिका प्रकरण के बाद प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ने जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 464 शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षा मित्रों की सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी थी। इन शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन सभी शिक्षकों ने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी से वर्ष 2004 से 2014 में मध्य शैक्षिक एवं प्रशिक्षण परीक्षा उत्तीर्ण की हैं। शासन से पत्र मिलने के बाद विभाग सक्रिय हो गया और बीएसए शिव नारायण सिंह ने छह सदस्यीय टीम भी गठित की है।
हैरानी की बात है कि जो सूची बीएसए की ओर से सभी बीईओ को भेजी गई है उसमें कई मृत शिक्षकों के भी नाम हैं। उदाहरण के तौर पर सूची के क्रमांक 422 पर कन्या प्राथमिक स्कूल नरहीं नंबर तीन पर हेमनाथ राय का भी नाम है। इन्होंने वर्ष 2012 में संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से बीए किया है। हेमनाथ राय शिक्षा मित्र थे जो समायोजित होकर शिक्षक बने। श्री राय का निधन 29 अक्तूबर 2017 को बीमारी के कारण हो गया था। सूची को खंगाला जाए तो ऐसे कई मृतकों का नाम सूची में है। इस बाबत बीएसए शिवनारायन सिंह ने बताया कि जो सूची शासन से प्राप्त हुई है उसे संबंधित बीईओ को भेजा गया है। बीईओ की ओर से सत्यापन में इसे दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग में अनामिका प्रकरण के बाद प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ने जिले के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत 464 शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षा मित्रों की सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजी थी। इन शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन सभी शिक्षकों ने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय वाराणसी से वर्ष 2004 से 2014 में मध्य शैक्षिक एवं प्रशिक्षण परीक्षा उत्तीर्ण की हैं। शासन से पत्र मिलने के बाद विभाग सक्रिय हो गया और बीएसए शिव नारायण सिंह ने छह सदस्यीय टीम भी गठित की है।
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हैरानी की बात है कि जो सूची बीएसए की ओर से सभी बीईओ को भेजी गई है उसमें कई मृत शिक्षकों के भी नाम हैं। उदाहरण के तौर पर सूची के क्रमांक 422 पर कन्या प्राथमिक स्कूल नरहीं नंबर तीन पर हेमनाथ राय का भी नाम है। इन्होंने वर्ष 2012 में संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से बीए किया है। हेमनाथ राय शिक्षा मित्र थे जो समायोजित होकर शिक्षक बने। श्री राय का निधन 29 अक्तूबर 2017 को बीमारी के कारण हो गया था। सूची को खंगाला जाए तो ऐसे कई मृतकों का नाम सूची में है। इस बाबत बीएसए शिवनारायन सिंह ने बताया कि जो सूची शासन से प्राप्त हुई है उसे संबंधित बीईओ को भेजा गया है। बीईओ की ओर से सत्यापन में इसे दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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