{"_id":"5be5d855bdec2269602c593e","slug":"nandigram-cattle-fair-gulzar-landslide-to-reach","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहुंचने लगे पशुपालक, गुलजार हुआ नंदीग्राम पशु मेला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहुंचने लगे पशुपालक, गुलजार हुआ नंदीग्राम पशु मेला
अमर उजाला ब्यूरो, बलिया
Updated Sat, 10 Nov 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
नंदीग्राम पशु मेला
जनपद के ऐतिहासिक ददरी मेले के नंदीग्राम पशु मेले में गैर जनपदों के पशु व्यापारी अपने-अपने पशुओं के साथ आना शुरू कर दिए हैं। इसे लेकर नगरपालिका की तरफ से पशुओं के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। मेले में आने वाले पशुओं और पशुपालकों की सुरक्षा के लिए नंदीग्राम में पशु थाना भी स्थापित कर दिया गया है।
शहर के पूर्वी छोर पर मिश्र नेवरी और उसके आसपास लगने वाले ऐतिहासिक ददरी मेला के पशु मेला नंदीग्राम में मवेशियों का आना शुरू हो गया है। लगभग महीने भर चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में जिले के अलावा गैर प्रांतों से भी पशुपालक तथा पशु व्यापारी अपने-अपने मवेशियों को लेकर आते हैं। करीब ढाई किमी क्षेत्रफल में लगने वाले इस पशु मेले को सुरक्षा पहुंचाने के लिए पुलिस विभाग की ओर से नंदीग्राम पशु थाना भी स्थापित किया गया है। इसके प्रभारी उप निरीक्षक विवेक पांडेय को बनाया गया है। हालांकि नगरपालिका की ओर से पशुपालकों को दी जाने वाली सुविधाएं अभी भी पूरी तरह से नहीं हो पाई हैं। कई स्थानों पर अपने मवेशियों के साथ आए पशुपालक तथा पशु व्यापारी मेला में सुविधाओं के लिए अभी भी इधर-उधर भटक रहे हैं। जबकि मेला प्रशासन अपना कार्यालय नंदीग्राम पशु मेले में स्थापित कर चुका है। मवेशियों की बिक्री अभी भी कम है। हर साल आने वाले पशु व्यापारियों की माने तो छठ पूजा के बाद ही यह मेला पूरी तरह से सज सकेगा।
विज्ञापन
शहर के पूर्वी छोर पर मिश्र नेवरी और उसके आसपास लगने वाले ऐतिहासिक ददरी मेला के पशु मेला नंदीग्राम में मवेशियों का आना शुरू हो गया है। लगभग महीने भर चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में जिले के अलावा गैर प्रांतों से भी पशुपालक तथा पशु व्यापारी अपने-अपने मवेशियों को लेकर आते हैं। करीब ढाई किमी क्षेत्रफल में लगने वाले इस पशु मेले को सुरक्षा पहुंचाने के लिए पुलिस विभाग की ओर से नंदीग्राम पशु थाना भी स्थापित किया गया है। इसके प्रभारी उप निरीक्षक विवेक पांडेय को बनाया गया है। हालांकि नगरपालिका की ओर से पशुपालकों को दी जाने वाली सुविधाएं अभी भी पूरी तरह से नहीं हो पाई हैं। कई स्थानों पर अपने मवेशियों के साथ आए पशुपालक तथा पशु व्यापारी मेला में सुविधाओं के लिए अभी भी इधर-उधर भटक रहे हैं। जबकि मेला प्रशासन अपना कार्यालय नंदीग्राम पशु मेले में स्थापित कर चुका है। मवेशियों की बिक्री अभी भी कम है। हर साल आने वाले पशु व्यापारियों की माने तो छठ पूजा के बाद ही यह मेला पूरी तरह से सज सकेगा।
विज्ञापन