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Ballia News: एक महीने बाद खुला कंधरापुर प्राथमिक विद्यालय
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भीमपुरा। प्राथमिक विद्यालय कंधरापुर में एक महीने बंद पठन-पाठन शुरू हो गया। इसपर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की।
शासन के निर्देशानुसार संविलयन समाप्त होने के बाद भी प्राथमिक विद्यालय कंधरापुर को एक महीने से बंद रखा गया था। इससे नाराज़ ग्रामीणों ने “हमारा स्कूल वापस हो” के नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस मुद्दे को अमर उजाला ने 29 अगस्त को “विलय निरस्त होने के बाद भी लटका है स्कूल पर ताला शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। लगातार खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को प्रधानाध्यापक ने विद्यालय खोलकर पठन-पाठन शुरू करा दिया।
जुलाई माह में शिक्षा क्षेत्र सीयर के करीब 39 विद्यालयों को नामांकन कम होने पर दूसरे विद्यालयों में विलय किया गया था। इसके बाद शासन ने आदेश दिया कि एक किलोमीटर की दूरी वाले विद्यालय पुनः अपने मूल भवन पर संचालित होंगे। विभाग की ओर से जारी 21 विद्यालयों की सूची में कई स्कूल वापस भी चले गए। प्राथमिक विद्यालय कंधरापुर अब तक अपने मूल विद्यालय में स्थानांतरित नहीं हो पाया था। इससे बच्चे और अभिभावक असमंजस की स्थिति में थे।
ग्रामीणों का आरोप था कि पास का विद्यालय वापस आ गया लेकिन कंधरापुर विद्यालय को बीईओ सुनील चौबे और प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से नहीं खोला जा रहा था। ग्राम पंचायत कंधरापुर में महज 500 मीटर की दूरी पर दो प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन्हें करीब दो किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय भिंड लखन सिन्हा में विलय किया गया था। बाद में प्राथमिक विद्यालय नथना को तो वापस कर दिया गया, लेकिन कंधरापुर विद्यालय अब तक विलय का दंश झेल रहा था।
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शासन के निर्देशानुसार संविलयन समाप्त होने के बाद भी प्राथमिक विद्यालय कंधरापुर को एक महीने से बंद रखा गया था। इससे नाराज़ ग्रामीणों ने “हमारा स्कूल वापस हो” के नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन भी किया था। इस मुद्दे को अमर उजाला ने 29 अगस्त को “विलय निरस्त होने के बाद भी लटका है स्कूल पर ताला शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। लगातार खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और सोमवार को प्रधानाध्यापक ने विद्यालय खोलकर पठन-पाठन शुरू करा दिया।
जुलाई माह में शिक्षा क्षेत्र सीयर के करीब 39 विद्यालयों को नामांकन कम होने पर दूसरे विद्यालयों में विलय किया गया था। इसके बाद शासन ने आदेश दिया कि एक किलोमीटर की दूरी वाले विद्यालय पुनः अपने मूल भवन पर संचालित होंगे। विभाग की ओर से जारी 21 विद्यालयों की सूची में कई स्कूल वापस भी चले गए। प्राथमिक विद्यालय कंधरापुर अब तक अपने मूल विद्यालय में स्थानांतरित नहीं हो पाया था। इससे बच्चे और अभिभावक असमंजस की स्थिति में थे।
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ग्रामीणों का आरोप था कि पास का विद्यालय वापस आ गया लेकिन कंधरापुर विद्यालय को बीईओ सुनील चौबे और प्रधानाध्यापक की मिलीभगत से नहीं खोला जा रहा था। ग्राम पंचायत कंधरापुर में महज 500 मीटर की दूरी पर दो प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन्हें करीब दो किलोमीटर दूर प्राथमिक विद्यालय भिंड लखन सिन्हा में विलय किया गया था। बाद में प्राथमिक विद्यालय नथना को तो वापस कर दिया गया, लेकिन कंधरापुर विद्यालय अब तक विलय का दंश झेल रहा था।
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