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नौ कटान पीडि़तों का आशियाना राख
ब्यूरो/ अमर उजाला बलिया
Updated Wed, 21 Oct 2015 09:51 PM IST
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हल्दी थाना क्षेत्र के रामगढ़ ढाला स्थित एसबीआई के सामने स्थित हरिजन बस्ती में बुधवार को अचानक आग लग गई। अगलगी की इस घटना में नौ परिवार की दर्जन भर से अधिक रिहायशी झोपडि़यां और उसमें रखे हजारों रुपये के सामान जलकर राख हो गए। पीडि़त लोग मजदूरी के लिए निकले थे।
आसपास के लोगों ने ट्यूबवेल की सहायता से घंटों प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। घटना के बाद पीडि़तों का पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
कटान से बेघर होकर एनएच-31 पर गंगा के किनारे बसे गंगापुर निवासी सुरेंद्र राम की रिहायशी झोपड़ी से बुधवार की दोपहर अचानक आग की लपटें उठने लगीं।
अभी लोग कुछ समझ पाते कि आग ने विकराल रूप धारण करते हुए गंगापुर निवासी नंदजी राम, छठिया देवी, हरेंद्र राम, पिंटू राम, सिंटू राम और बैरिया तहसील के गंगौली निवासी दीपक बिंद, श्रीराम बिंद, जगलाल बिंद की रिहायशी झोपडि़यों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
इस घटना में पीडि़त परिवार का सबकुछ जल गया। कटान पीडि़त सुबह से ही दैनिक मजदूरी पर निकले हुए थे। अगलगी की सूचना मिली तो जैसे-तैसे मौके पर पहुंचे लेकिन तबतक सब कुछ राख हो चुका था। खबर लिखे जाने तक सूचना के बाद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा था।
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आसपास के लोगों ने ही ट्यूबवेल चलाकर किसी तरह आग पर काबू पाया। उसके बाद क्षेत्र के समाजसेवियों ने पीडि़तों का हालचाल दिया और उनकी आर्थिक सहायता की।
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आसपास के लोगों ने ट्यूबवेल की सहायता से घंटों प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। घटना के बाद पीडि़तों का पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है।
कटान से बेघर होकर एनएच-31 पर गंगा के किनारे बसे गंगापुर निवासी सुरेंद्र राम की रिहायशी झोपड़ी से बुधवार की दोपहर अचानक आग की लपटें उठने लगीं।
अभी लोग कुछ समझ पाते कि आग ने विकराल रूप धारण करते हुए गंगापुर निवासी नंदजी राम, छठिया देवी, हरेंद्र राम, पिंटू राम, सिंटू राम और बैरिया तहसील के गंगौली निवासी दीपक बिंद, श्रीराम बिंद, जगलाल बिंद की रिहायशी झोपडि़यों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
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इस घटना में पीडि़त परिवार का सबकुछ जल गया। कटान पीडि़त सुबह से ही दैनिक मजदूरी पर निकले हुए थे। अगलगी की सूचना मिली तो जैसे-तैसे मौके पर पहुंचे लेकिन तबतक सब कुछ राख हो चुका था। खबर लिखे जाने तक सूचना के बाद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा था।
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आसपास के लोगों ने ही ट्यूबवेल चलाकर किसी तरह आग पर काबू पाया। उसके बाद क्षेत्र के समाजसेवियों ने पीडि़तों का हालचाल दिया और उनकी आर्थिक सहायता की।