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गधे और खच्चरों की एक-एक लाख लग रही बोली
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बेल्थरारोड। सोनाडीह के 52 बीघे के परिसर में इन दिनों गदहे और खच्चरों का मेला अपने पूरे शबाब पर है। मेले में दूरदराज से आये खरीद और बिक्री करने वाले व्यापारियों का जमावड़ा लगा हुआ है। गधे और खच्चरों की बोली लाखों में हो रही है।
कन्नौजिया समाज के लोगों के अनुसार गदहे भी बड़े काम के होते हैं। गधे और खच्चरों के इस विशाल मेले में यूपी के लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, देवरिया, अलीगढ़, वाराणसी, इलाहाबाद के अलावा बिहार व नेपाल तक के व्यापारी मेले में आये हुए है। मेले में हजारों की संख्या में गधा व खच्चर बेचने को लोग पहुंच चुके है।
जबकि अन्य बेचने वालों के आने का क्रम लगातार जारी है। इस मेला के सुरक्षा व मेला संचालन के लिए प्रशासन की द्वारा न तो व्यवस्था होती है और न ही यहां व्यापारियों के रहने के लिए किसी तरह की सुविधा ही मुहैया होती है। बावजूद हर साल पितृपक्ष में जिऊतिया पर्व पर यहां विशाल मेला लगता रहा है जो सुचारू रूप से चल रहा है। मेले में सोमवार को गाजीपुर के सुदामा कन्नौजिया के गधे की आखिरी बोली 80 हजार तक लगाई गई।
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बतादें की बीते रविवार को देवरिया जनपद के बलिया गांव निवासी रामबली कन्नौजिया का एक खच्चर एक लाख की कीमत पर बिका था। मेले में खच्चर व गधे की कीमत उसके साइज व क्वालिटी के हिसाब से लगाई जाती है। मेले में खरीददारों व बेचने वालों से स्थानीय स्तर पर सुविधा शुल्क की वसूली भी की जा रही है। जिसे लेकर अक्सर स्थानीय लोग और व्यापारियों के बीच नोकझोक होती रहती है।
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कन्नौजिया समाज के लोगों के अनुसार गदहे भी बड़े काम के होते हैं। गधे और खच्चरों के इस विशाल मेले में यूपी के लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़, देवरिया, अलीगढ़, वाराणसी, इलाहाबाद के अलावा बिहार व नेपाल तक के व्यापारी मेले में आये हुए है। मेले में हजारों की संख्या में गधा व खच्चर बेचने को लोग पहुंच चुके है।
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जबकि अन्य बेचने वालों के आने का क्रम लगातार जारी है। इस मेला के सुरक्षा व मेला संचालन के लिए प्रशासन की द्वारा न तो व्यवस्था होती है और न ही यहां व्यापारियों के रहने के लिए किसी तरह की सुविधा ही मुहैया होती है। बावजूद हर साल पितृपक्ष में जिऊतिया पर्व पर यहां विशाल मेला लगता रहा है जो सुचारू रूप से चल रहा है। मेले में सोमवार को गाजीपुर के सुदामा कन्नौजिया के गधे की आखिरी बोली 80 हजार तक लगाई गई।
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बतादें की बीते रविवार को देवरिया जनपद के बलिया गांव निवासी रामबली कन्नौजिया का एक खच्चर एक लाख की कीमत पर बिका था। मेले में खच्चर व गधे की कीमत उसके साइज व क्वालिटी के हिसाब से लगाई जाती है। मेले में खरीददारों व बेचने वालों से स्थानीय स्तर पर सुविधा शुल्क की वसूली भी की जा रही है। जिसे लेकर अक्सर स्थानीय लोग और व्यापारियों के बीच नोकझोक होती रहती है।