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धरने पर बैठे य़ुवती की लू से मौत !
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 03 May 2016 10:19 PM IST
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सूर्य
- फोटो : अमर उजाला
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शिवपुर दियर नंबरी के पांडेय डेरा के दलितों का धरना छठवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान धरने में आई अर्जुन की पुत्री का धरने में लू लगने से मौत हो गई। धरने में दो मिनट का मौन रखकर मृत युवती को श्रद्धांजलि दी गई।
धरने को संबोधित करते हुए भाकपा के जिला सचिव परमात्मा नंद राय ने कहा कि धरने में आई युवती को दो दिन पूर्व लू लग गई थी। इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। भाकपा ने लू से बीमार हुई युवती के इलाज में भी लापरवाही का आरोप लगाया।
मंगलवार को धरने को संबोधित करते हुए भाकपा नेता ने कहा कि जिला प्रशासन इतना बेरहम है कि उसे धरना पर बैठे दलित पीड़ितों की चिंता नहीं है। शिवपुर दियर के पीड़ित औरतें, पुरूष और बच्चे छह दिन से अपना काम छोड़कर धरने पर बैठे है।
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लेकिन जिला प्रशासन अपना कर्तव्य पूरा नहीं कर रहा है। उन्होंने मांग किया कि मृतक ऋचा के माता-पिता को दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। क्योंकि ऋचा की मौत प्रशासन की लापरवाही से हुई है। उन्होंने कहा कि मृतका का पिता कई दिनों से धरने पर बैठा है। मजदूरी के अभाव में उसके पास पैसे नहीं थे। जिसके कारण वह अपनी पुत्री का उपचार नहीं करा पाया। इस मौके पर अशोक कुमार पांडेय, बीएन लाल, अवध नारायण सिंह, संतोष गुप्ता, मुन्ना बहेलिया, नथुनी आदि रहे। धरना की अध्यक्षता दीना पासवान तथा संचालन अशोक पांडेय ने किया।
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धरने को संबोधित करते हुए भाकपा के जिला सचिव परमात्मा नंद राय ने कहा कि धरने में आई युवती को दो दिन पूर्व लू लग गई थी। इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई। भाकपा ने लू से बीमार हुई युवती के इलाज में भी लापरवाही का आरोप लगाया।
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मंगलवार को धरने को संबोधित करते हुए भाकपा नेता ने कहा कि जिला प्रशासन इतना बेरहम है कि उसे धरना पर बैठे दलित पीड़ितों की चिंता नहीं है। शिवपुर दियर के पीड़ित औरतें, पुरूष और बच्चे छह दिन से अपना काम छोड़कर धरने पर बैठे है।
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लेकिन जिला प्रशासन अपना कर्तव्य पूरा नहीं कर रहा है। उन्होंने मांग किया कि मृतक ऋचा के माता-पिता को दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। क्योंकि ऋचा की मौत प्रशासन की लापरवाही से हुई है। उन्होंने कहा कि मृतका का पिता कई दिनों से धरने पर बैठा है। मजदूरी के अभाव में उसके पास पैसे नहीं थे। जिसके कारण वह अपनी पुत्री का उपचार नहीं करा पाया। इस मौके पर अशोक कुमार पांडेय, बीएन लाल, अवध नारायण सिंह, संतोष गुप्ता, मुन्ना बहेलिया, नथुनी आदि रहे। धरना की अध्यक्षता दीना पासवान तथा संचालन अशोक पांडेय ने किया।