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सीएम सामूहिक विवाह फर्जीवाड़ा: पिछड़ा वर्ग कल्याण तक पहुंची जांच की आंच
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बलिया। मनियर में बीते 25 जनवरी को हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में फर्जीवाड़े की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही वैसे-वैसे कई रसूखदार चेहरे बेपर्दा हो रहे है। जांच की आंच अब विकास भवन के पिछड़ा वर्ग कल्याण तक जा पहुंची है। पुलिस ने जांच के दौरान पिछड़ा वर्ग समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है। चर्चा है कि विभाग के कुछ और बाबू और अधिकारी पुलिस के रडार पर है।
उधर, सीडीओ ओजस्वी राज के नेतृत्व में फर्जीवाड़ा की परतों को खोलने में अधिकारी और कर्मचारी जुटे है। हर उस एक फाइल को टटोला जा रहा है, जो मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जुड़ी है। अपात्रों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। इसके लिए कई विभागों के कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है। इसका असर यह है कि सामूहिक विवाह के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले आवेदक भी साइलेंट मोड में चले गए है। विभाग भी नए आयोजनों से कतरा रहा है।
बीडीओ की भूमिका की होगी जांच
मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के नाम पर हुए फर्जीवाड़े में मनियर, बांसडीह, बेरुआरबारी और रेवती के खंड विकास अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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अब आठ फरवरी को होने वाला आयोजन टला
समाज कल्याण विभाग द्वारा मनियर के बाद आठ फरवरी को शहर के टाउन पॉलिटेक्निक के मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाना था, लेकिन जिले में सामने आए फर्जीवाड़े के बाद विभाग और जिला प्रशासन बैकफुट पर और विधान सभा सत्र का हवाला देकर कार्यक्रम को टाल दिया है। फिलहाल आयोजन की तिथि विभाग की ओर से नियत नहीं की गई है, जिससे लाभार्थियों में मायूसी है।
जिले में करीब 2100 से अधिक ने किया था आवेदन
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 21 सौ से अधिक लोगों ने ऑनलाइन आवेदन कर रखा है। इनमें से सीयर ब्लॉक के हल्दीरामपुर में बीते 18 जनवरी को 551 और मनियर विकास खंड में 25 जनवरी को 537 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ था। अभी भी करीब एक जार से अधिक आवेदक सामूहिक विवाह में शिरकत होने की तैयारी में है। मनियर में हुई कार्रवाई के बाद विभाग और आवेदक दोनों साइलेंट मोड में चले गए है।
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उधर, सीडीओ ओजस्वी राज के नेतृत्व में फर्जीवाड़ा की परतों को खोलने में अधिकारी और कर्मचारी जुटे है। हर उस एक फाइल को टटोला जा रहा है, जो मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से जुड़ी है। अपात्रों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। इसके लिए कई विभागों के कर्मचारियों को काम पर लगाया गया है। इसका असर यह है कि सामूहिक विवाह के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले आवेदक भी साइलेंट मोड में चले गए है। विभाग भी नए आयोजनों से कतरा रहा है।
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बीडीओ की भूमिका की होगी जांच
मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के नाम पर हुए फर्जीवाड़े में मनियर, बांसडीह, बेरुआरबारी और रेवती के खंड विकास अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। संलिप्तता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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अब आठ फरवरी को होने वाला आयोजन टला
समाज कल्याण विभाग द्वारा मनियर के बाद आठ फरवरी को शहर के टाउन पॉलिटेक्निक के मैदान में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाना था, लेकिन जिले में सामने आए फर्जीवाड़े के बाद विभाग और जिला प्रशासन बैकफुट पर और विधान सभा सत्र का हवाला देकर कार्यक्रम को टाल दिया है। फिलहाल आयोजन की तिथि विभाग की ओर से नियत नहीं की गई है, जिससे लाभार्थियों में मायूसी है।
जिले में करीब 2100 से अधिक ने किया था आवेदन
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अब तक 21 सौ से अधिक लोगों ने ऑनलाइन आवेदन कर रखा है। इनमें से सीयर ब्लॉक के हल्दीरामपुर में बीते 18 जनवरी को 551 और मनियर विकास खंड में 25 जनवरी को 537 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ था। अभी भी करीब एक जार से अधिक आवेदक सामूहिक विवाह में शिरकत होने की तैयारी में है। मनियर में हुई कार्रवाई के बाद विभाग और आवेदक दोनों साइलेंट मोड में चले गए है।