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Ballia News: मौसम का बदलाव बना बीमारियों का कारण, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी, घट रहा प्लेटलेट

Thu, 01 May 2025 04:12 PM IST
नितीश कुमार पांडेय अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया Published by: नितीश कुमार पांडेय Updated Thu, 01 May 2025 04:12 PM IST
सार

बदलते मौसम के मिजाज से आम जनता प्रभावित होती दिखाई दे रही है। अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। आजम ये हैं कि कई मरीजों का प्लेटलेट घट गया है और परेशानी बढ़ती नजर आ रही है।
 

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Change in weather becomes the cause of diseases number of fever patients increases
वायरल फीवर, सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

तापमान के बदलाव और उमस भरी गर्मी से बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। लोग उल्टी-दस्त के साथ ही पेट दर्द और तेज बुखार से भी पीड़ित हो रहे हैं। इसकी वजह से खून जांच कराने पर प्लेटलेट्स भी कम निकल रहीं हैं।

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ऐसे मरीजों को चिकित्सक डेंगू संदिग्ध मानकर उपचार कर रहे हैं। चिकित्सकों की मानें तो मरीजों की जांच में डेंगू नहीं है, लेकिन प्लेटलेट्स 60 से 70 हजार तक आ रहे हैं। जिससे खतरा बना रहता हैं। मरीज को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को फिजिशियन की ओपीडी में 213 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। यहां डॉ. मनोज कुमार, डॉक्टर विनोद कुमार, डॉक्टर आरके झा व डॉक्टर रितेश सोनी ने मरीजों को देखा। कई दिन से वायरल बुखार न छोड़ने व थकावट की शिकायत पर चिकित्सक खून जांच की सलाह दी तो 28 मरीजों की जांच में प्लेटलेट्स कम आए।
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चिकित्सक ने बताया कि 40 हजार से कम प्लेटलेट्स वाले मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों की माने तो प्लेटलेट्स रक्त के थक्के बनाने में मदद करते हैं, और उनकी संख्या कम होने पर रक्तस्राव की समस्या हो सकती है।

यदि प्लेटलेट्स की संख्या बहुत कम हो जाती है तो जानलेवा साबित होती है। मेडिकल वार्ड में रोज तीन चार मरीजों को भर्ती किया जाता है। जिसमें गंभीर एक दो मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़ाया जाता है। भले ही डेंगू न हो, लेकिन जब तक प्लेटलेट्स की दिक्कत ठीक नहीं हो जाती तब तक मरीजों का इलाज जरूरी है।

यही कारण है कि उनको भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। जिला ब्लड बैंक से रोज दो से तीन प्लेटलेट्स की मांग आ रही है। जनवरी से अब तक सरकारी आंकड़े की माने तो चार डेंगू पॉजिटिव मरीज मिले हैं। चिकित्सक ने बताया कि नियमित अंतराल पर बुखार आना, ठंड लगने के साथ बुखार आना, जोड़ों के पास तेज दर्द होना, चेहरे पर सूजन और उल्टी होना आदि पर घबराने की जगह फिजिशियन से सलाह पर दवा का सेवन करे।


इस बाबत सीएमएस डॉ. एसके यादव ने कहा कि वायरल बुखार के मरीजों को कम प्लेटलेट्स की शिकायत आ रही है। अस्पताल में प्लेटलेट्स व दवाएं मौजूद है।

प्लेटलेट्स बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों की बढ़ी डिमांड

वायरल बुखार के सीजन में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए खाद्य आयटमों की डिमांड बढ़ गई है। ऐसे में लोग नारियल पानी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। शहर में रोज 300 सौ से अधिक नारियल की ब्रिकी है। इसके अलावा कीवी फल भी पसंद आ रहे हैं। नारियल पानी 60 से 70 रुपये में बिक रहा है। वहीं, कीवी 20 से 30 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बिक रही है। प्रशासन की लापरवाही से दुकानदार इसका फायदा जमकर उठा रहे हैं।
 

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