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Ballia News: 23 छात्रों की शिकायत पर अन्नपूर्णानंद पैरामेडिकल कॉलेज के प्रबंधक समेत चार के खिलाफ मुकदमा
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बैरिया के 23 छात्र-छात्राओं की तहरीर पर अन्नपूर्णानंद पैरामेडिकल कॉलेज के प्रबंधक गुप्तेश्वर पांडेय, तत्कालीन प्राचार्य अजय पांडेय, प्राचार्य सुदर्शन यादव, लिपिक आनंद कुमार तिवारी निवासी चरजपुरा (चांदपुर) के खिलाफ थाना बैरिया में धोखाधड़ी और अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज की गई है।
एसएचओ धर्मवीर सिंह ने बताया अन्नू मौर्य चांदपुर, मनोज कुमार उमरगंज बलिया, आनंद बाबू बाहरी, गुड़िया कोटवां, आरती भवन टोला, अजय पाण्डेय जमालपुर, उमेश पासवान धतुरी टोला सहित 23 छात्र छात्राओं ने प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि फर्जी संस्था खोलकर फीस के नाम पर हम लोगों से भारी भरकम धनराशि वसूली गई। एक साल की परीक्षा के बाद फर्जी अंक पत्र दिया गया। जब हम लोगों को पता चला कि संस्था फर्जी है। इसकी कोई मान्यता नहीं है तो हम लोगों ने प्रबंधक से फीस लौटाने को कहा। प्रबंधक फीस लौटाने की जगह तरह तरह के बहाने बाजी करने लगे। बाद में धमकी देने लगे। दबाव बढ़ाया तो संस्था का बोर्ड भी भवन से हटा दिया गया। एसएचओ ने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चारों के खिलाफ बुधवार की रात प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई करेगी।
प्रबंधक बोला, मान्यता देने वाली संस्था फर्जी, मेरे साथ भी हुई ठकी
कॉलेज चरजपुरा चांदपुर के प्रबंधक गुप्तेश्वर नाथ पांडेय ने बताया कि मैंने अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय आगरा से स्टडी सेंटर के रूप में मान्यता प्राप्त की थी। मान्यता प्रदान करने वाली संस्था ही फर्जी निकली तो इसमें मेरा क्या कसूर है। मैं स्वयं ठगी का शिकार हुआ हूं। मान्यता प्रदान करने वाले पंकज श्रीवास्तव गुलहरिया गोरखपुर जेल में बंद हैं। मेरा लाखों रुपये बर्बाद हुए हैं। बच्चों का नुकसान पहुंचाने या उनसे किसी तरह का अनैतिक लाभ लेने की कोई मंशा मेरी नहीं थी।
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एसएचओ धर्मवीर सिंह ने बताया अन्नू मौर्य चांदपुर, मनोज कुमार उमरगंज बलिया, आनंद बाबू बाहरी, गुड़िया कोटवां, आरती भवन टोला, अजय पाण्डेय जमालपुर, उमेश पासवान धतुरी टोला सहित 23 छात्र छात्राओं ने प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि फर्जी संस्था खोलकर फीस के नाम पर हम लोगों से भारी भरकम धनराशि वसूली गई। एक साल की परीक्षा के बाद फर्जी अंक पत्र दिया गया। जब हम लोगों को पता चला कि संस्था फर्जी है। इसकी कोई मान्यता नहीं है तो हम लोगों ने प्रबंधक से फीस लौटाने को कहा। प्रबंधक फीस लौटाने की जगह तरह तरह के बहाने बाजी करने लगे। बाद में धमकी देने लगे। दबाव बढ़ाया तो संस्था का बोर्ड भी भवन से हटा दिया गया। एसएचओ ने कहा कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चारों के खिलाफ बुधवार की रात प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच के बाद कानूनी कार्रवाई करेगी।
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प्रबंधक बोला, मान्यता देने वाली संस्था फर्जी, मेरे साथ भी हुई ठकी
कॉलेज चरजपुरा चांदपुर के प्रबंधक गुप्तेश्वर नाथ पांडेय ने बताया कि मैंने अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय आगरा से स्टडी सेंटर के रूप में मान्यता प्राप्त की थी। मान्यता प्रदान करने वाली संस्था ही फर्जी निकली तो इसमें मेरा क्या कसूर है। मैं स्वयं ठगी का शिकार हुआ हूं। मान्यता प्रदान करने वाले पंकज श्रीवास्तव गुलहरिया गोरखपुर जेल में बंद हैं। मेरा लाखों रुपये बर्बाद हुए हैं। बच्चों का नुकसान पहुंचाने या उनसे किसी तरह का अनैतिक लाभ लेने की कोई मंशा मेरी नहीं थी।
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