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Ballia News: लोकतंत्र अपनाओ–अराजकता हटाओ के नारे के साथ अभाविप का प्रदर्शन
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विभिन्न मांगों को लेकर जेएनसीयू के मुख्य गेट पर प्रदर्शन करते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के
बलिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की बलिया इकाई की ओर से शुक्रवार को जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में ‘लोकतंत्र अपनाओ–अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग और न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता एवं गरिमा बनाए रखने की मांग उठाई। अभाविप ने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार सवाल उठाना और अराजकता के जरिए दबाव बनाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करता है।
प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
संगठन ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है। किसी चुनावी प्रक्रिया या सुधार को लेकर आपत्ति होने पर संविधान और कानून के तहत निर्धारित वैधानिक मंचों का सहारा लिया जाना चाहिए।
अभाविप ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें किसी पात्र मतदाता का नाम छूट जाने पर उसे दोबारा जुड़वाने की निर्धारित व्यवस्था है। ऐसे में संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाने के बजाय वैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
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जिला संयोजक अभिषेक यादव ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनाव सुधार प्रक्रियाओं पर निराधार सवाल उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। जनता के बीच भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को प्रभावित नहीं किया जा सकता। अभाविप ने युवाओं और नागरिकों से तथ्यों के आधार पर राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करने तथा लोकतांत्रिक तरीकों से अराजकता का विरोध करने का आह्वान किया।
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प्रदर्शन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक मर्यादाओं और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
संगठन ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है। किसी चुनावी प्रक्रिया या सुधार को लेकर आपत्ति होने पर संविधान और कानून के तहत निर्धारित वैधानिक मंचों का सहारा लिया जाना चाहिए।
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अभाविप ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें किसी पात्र मतदाता का नाम छूट जाने पर उसे दोबारा जुड़वाने की निर्धारित व्यवस्था है। ऐसे में संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास फैलाने के बजाय वैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
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जिला संयोजक अभिषेक यादव ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनाव सुधार प्रक्रियाओं पर निराधार सवाल उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। जनता के बीच भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को प्रभावित नहीं किया जा सकता। अभाविप ने युवाओं और नागरिकों से तथ्यों के आधार पर राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करने तथा लोकतांत्रिक तरीकों से अराजकता का विरोध करने का आह्वान किया।