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Ballia News: बिलगोह के 42 पंजे बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार
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वन विभाग टीम की ओर से बरामद संरक्षित बिलगोह के अंग। पुलिस
बलिया। वन विभाग ने संरक्षित वन्यजीव की तस्करी करने वाले गिराेह का भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में लीलाधर प्रजापति निवासी तिलकारी, अखिलेश शर्मा निवासी बराइच थाना भीमपुरा और रविंद्र निवासी नगरा के पास से बिलगोह (मॉनिटर लिजार्ड) के 42 पंजे व जननांग बरामद हुए हैं। आरोपी इसे बंगाल के रास्ते विदेश भेजने वाले तस्करों को बिक्री करने के लिए नगरा कस्बा स्थित एक मैरिज लॉज में ठहरे थे।
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि नगरा के एक मैरिज हाॅल में संरक्षित जानवर के अंगों की तस्करी की खबर मिली। इस पर वन विभाग की दो टीमों का गठन किया गया। एक टीम सादे वेश में और दूसरी वर्दी में थी। टीम ने छापा माकर तीन आरोपियों को मॉनिटर लिजार्ड के अंगों के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने बताया कि बाहर के तस्कर आने वाले थे, उन्हीं को ये अंग देने वाले थे। बताया कि जंगलों व सुनसान इलाके में मॉनिटर लिजार्ड की तलाश कर उसके अंग को अलग कर तस्करों को बेचते हैं, इसका अच्छा पैसा मिल जाता है। इसका प्रयोग तांत्रिक विद्या व शारीरिक क्षमता बढ़ाने की दवा बनाने में होता है।
तेल, अंग हैं कीमती
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि मॉनिटर लिजार्ड का तेल, अंग व प्रजनन अंग सभी का व्यापार होता है। मांसपेशियों की जकड़न, जोड़ों के दर्द और नसों की कमजोरी दूर करने के लिए तेल का मालिश के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने का दावा किया जाता है जो सूजन कम करने में सहायक हो सकता है। तो अंग तंत्र-मंत्र के लिए प्रयोग होता है। मॉनिटर लिजार्ड के प्रजनन अंग का शारीरिक क्षमता बढ़ाने की दवा बनाने में प्रयोग किया जाता है। बंगाल के अलावा खाड़ी देशों में तस्करी की जाती है। इसके अच्छे पैसा मिल जाता है।
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छिपकली से थोड़ा बड़ा होता है
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि मॉनिटर लिजार्ड को गोह भी कहते हैं। यह मगरमच्छ के स्वरूप का छिपकली से थोड़ा बड़ा होता है। दलदली इलाकों में मिलने वाला यह जीव सांप की तरह जीभ निकालता है।
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डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि नगरा के एक मैरिज हाॅल में संरक्षित जानवर के अंगों की तस्करी की खबर मिली। इस पर वन विभाग की दो टीमों का गठन किया गया। एक टीम सादे वेश में और दूसरी वर्दी में थी। टीम ने छापा माकर तीन आरोपियों को मॉनिटर लिजार्ड के अंगों के साथ गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने बताया कि बाहर के तस्कर आने वाले थे, उन्हीं को ये अंग देने वाले थे। बताया कि जंगलों व सुनसान इलाके में मॉनिटर लिजार्ड की तलाश कर उसके अंग को अलग कर तस्करों को बेचते हैं, इसका अच्छा पैसा मिल जाता है। इसका प्रयोग तांत्रिक विद्या व शारीरिक क्षमता बढ़ाने की दवा बनाने में होता है।
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तेल, अंग हैं कीमती
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि मॉनिटर लिजार्ड का तेल, अंग व प्रजनन अंग सभी का व्यापार होता है। मांसपेशियों की जकड़न, जोड़ों के दर्द और नसों की कमजोरी दूर करने के लिए तेल का मालिश के लिए उपयोग किया जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने का दावा किया जाता है जो सूजन कम करने में सहायक हो सकता है। तो अंग तंत्र-मंत्र के लिए प्रयोग होता है। मॉनिटर लिजार्ड के प्रजनन अंग का शारीरिक क्षमता बढ़ाने की दवा बनाने में प्रयोग किया जाता है। बंगाल के अलावा खाड़ी देशों में तस्करी की जाती है। इसके अच्छे पैसा मिल जाता है।
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छिपकली से थोड़ा बड़ा होता है
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि मॉनिटर लिजार्ड को गोह भी कहते हैं। यह मगरमच्छ के स्वरूप का छिपकली से थोड़ा बड़ा होता है। दलदली इलाकों में मिलने वाला यह जीव सांप की तरह जीभ निकालता है।