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Ballia News: ओपीडी में 40 प्रतिशत लोग डायरिया और हीट वेव के लक्षण वाले
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जनपद में तेज धूप और लू से राहत मिलने के आसार अभी नहीं है। आईएमडी के अनुसार अधिकतम तापमान 42 व न्यूनतम 28 डिग्री पर पहुंच चुका है। सप्ताह के अंत तक मौसम इसी तरह बने रहने का अनुमान है। गर्मी बढ़ने के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। खासतौर पर बच्चे व बुजुर्ग इसकी चपेट में ज्यादा हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1783 नए मरीज इलाज कराने पहुंचे, करीब 700 पुराने मरीज शामिल रहे। इसमें 40 प्रतिशत मरीज डायरिया व हीट वेव के लक्षण वाले शामिल रहे। इमरजेंसी में 170 मरीज 24 घंटे में पहुंचे, इसमें 80 मरीजों की प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने घर के लिए छुट्टी दे दी, अन्य मरीजों की हालत गंभीर देख भर्ती कर उपचार किया।
फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। फिजीशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया की वायरल बुखार की चपेट में आन वाले मरीजों में प्लेटलेट्स गिरने के ज्यादा मामले आ रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक प्लेटलेट्स 70 हजार के भी नीचे पहुंच जा रहा है।
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लक्षण डेंगू जैसे हैं, लेकिन रिपोर्ट में पुष्टि नहीं हो रही। अस्पताल के पैथालॉजी में रोज 250 से 300 मरीजों की खून जांच हो रही है। वहीं, पांच से दस डेंगू की जांच भी हो रही है, लेकिन उसमें पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आ रही है। जनवरी से अब तक डेंगू के सात पॉजिटिव मरीज हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. एके उपाध्याय ने बताया की तापमान बढ़ने से बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत आम हो गई है।
खानपान में संयम बरत कर इस बीमारी से बचा जा सकता है। बच्चे को ज्यादा से तरल पदार्थ का सेवन कराए, धूप में खेलने से रोके, साफ -सफाई पर विशेष ध्यान दे। अगर उल्टी दस्त हो रहा है तो डाक्टर से पहुंचने से पूर्व ओआरएस का घोल थोड़ी-थोड़ी देर पर पिलाते रहें। लापरवाही घातक हो सकती है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 1783 नए मरीज इलाज कराने पहुंचे, करीब 700 पुराने मरीज शामिल रहे। इसमें 40 प्रतिशत मरीज डायरिया व हीट वेव के लक्षण वाले शामिल रहे। इमरजेंसी में 170 मरीज 24 घंटे में पहुंचे, इसमें 80 मरीजों की प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने घर के लिए छुट्टी दे दी, अन्य मरीजों की हालत गंभीर देख भर्ती कर उपचार किया।
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फिजिशियन और बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। फिजीशियन डॉ. मनोज कुमार ने बताया की वायरल बुखार की चपेट में आन वाले मरीजों में प्लेटलेट्स गिरने के ज्यादा मामले आ रहे हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक प्लेटलेट्स 70 हजार के भी नीचे पहुंच जा रहा है।
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लक्षण डेंगू जैसे हैं, लेकिन रिपोर्ट में पुष्टि नहीं हो रही। अस्पताल के पैथालॉजी में रोज 250 से 300 मरीजों की खून जांच हो रही है। वहीं, पांच से दस डेंगू की जांच भी हो रही है, लेकिन उसमें पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आ रही है। जनवरी से अब तक डेंगू के सात पॉजिटिव मरीज हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. एके उपाध्याय ने बताया की तापमान बढ़ने से बच्चों को उल्टी दस्त की शिकायत आम हो गई है।
खानपान में संयम बरत कर इस बीमारी से बचा जा सकता है। बच्चे को ज्यादा से तरल पदार्थ का सेवन कराए, धूप में खेलने से रोके, साफ -सफाई पर विशेष ध्यान दे। अगर उल्टी दस्त हो रहा है तो डाक्टर से पहुंचने से पूर्व ओआरएस का घोल थोड़ी-थोड़ी देर पर पिलाते रहें। लापरवाही घातक हो सकती है।