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डीसी पर व्यापारियों ने अवैध वसूली का लगाया आरोप
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बलिया।वर्ष 2015-16 का वैट निर्धारण को लेकर व्यापार मंडल, कर अधिवक्ता और डिप्टी कमिश्नर के बीच ठनी है। कर अधिवक्ताओं व व्यापारियों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अवैध वसूली को तत्काल रोक लगाने तथा डिप्टी कमिश्नर का स्थानांतरण करने की मांग की है। चेताया कि अगर मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
वर्ष 2015-16 का वैट निर्धारण का समय 31 मार्च 2019 है। जनपद में करीब 7500 व्यापारी वैट में पंजीकृत हैं। इसमें से अब तक मात्र 10 से 15 फीसदी ही व्यापारियों के मामलों का निस्तारण हो सका है। अब एक महीने से भी कम का समय बचा है ऐसे में बचे हुए व्यापारियों का करण निर्धारण कैसे होगा इसको लेकर व्यापारियों में उहापोह है। इधर व्यापारियों का आरोप है कि में वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी घोषित खरीद-बिक्री एवं पोर्टल में दिखाए गए खरीद में अंतर बताकर वसूली में लगे हैं। इसको लेकर व्यापारियों व कर अधिवक्ताओं ने ज्वाइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर एवं कमिश्नर को फैक्स के माध्यम अवैध वसूूली का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र भेजा था।
लेकिन ज्वाइंट कमिश्नर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। व्यापारियों का आरोप है कि डिप्टी कमिश्नर द्वारा कहा जा रहा है कि जो निर्धारण हो जा रहा
है उसे लिफाफे में डालकर उस पर अपना नाम लिखकर संबंधित कर्मचारियों को दे दें। अन्यथा की स्थिति में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। व्यापारी सनोज कुमार ने बताया कि पोर्टल से वैट मिलान के नाम पर डीसी व उनके अधीनस्थ द्वारा अवैध धन उगाही की जा रही। इससे हम व्यापारी पूरी तरह त्रस्त हैं। व्यापारी सुरेंद्र प्रसाद का कहना है कि मानक के अनुसार खरीद-बिक्री करने के बाद भी बेवजह परेशान किया जा रहा है। चेताया कि अगर कर विभाग अपनी व्यवस्था में सुधार नहीं करता है तो हम व्यापारी व कर अधिवक्ता सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे।
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वर्ष 2015-16 का वैट निर्धारण का समय 31 मार्च 2019 है। जनपद में करीब 7500 व्यापारी वैट में पंजीकृत हैं। इसमें से अब तक मात्र 10 से 15 फीसदी ही व्यापारियों के मामलों का निस्तारण हो सका है। अब एक महीने से भी कम का समय बचा है ऐसे में बचे हुए व्यापारियों का करण निर्धारण कैसे होगा इसको लेकर व्यापारियों में उहापोह है। इधर व्यापारियों का आरोप है कि में वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी घोषित खरीद-बिक्री एवं पोर्टल में दिखाए गए खरीद में अंतर बताकर वसूली में लगे हैं। इसको लेकर व्यापारियों व कर अधिवक्ताओं ने ज्वाइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर एवं कमिश्नर को फैक्स के माध्यम अवैध वसूूली का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र भेजा था।
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लेकिन ज्वाइंट कमिश्नर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। व्यापारियों का आरोप है कि डिप्टी कमिश्नर द्वारा कहा जा रहा है कि जो निर्धारण हो जा रहा
है उसे लिफाफे में डालकर उस पर अपना नाम लिखकर संबंधित कर्मचारियों को दे दें। अन्यथा की स्थिति में खामियाजा भुगतना पड़ेगा। व्यापारी सनोज कुमार ने बताया कि पोर्टल से वैट मिलान के नाम पर डीसी व उनके अधीनस्थ द्वारा अवैध धन उगाही की जा रही। इससे हम व्यापारी पूरी तरह त्रस्त हैं। व्यापारी सुरेंद्र प्रसाद का कहना है कि मानक के अनुसार खरीद-बिक्री करने के बाद भी बेवजह परेशान किया जा रहा है। चेताया कि अगर कर विभाग अपनी व्यवस्था में सुधार नहीं करता है तो हम व्यापारी व कर अधिवक्ता सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे।
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