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डेंगू व दिमागी बुखार से दो बच्चों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Sep 2016 10:03 PM IST
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जिले के तराई इलाकों में डेंगू और दिमागी बुखार जानलेवा बना है। बाबागंज और जरवल में बुखार के चलते दो लोगों की जान चली गई। 68 बुखार से पीड़ितों में 42 लोग डेंगू के खौफ के चलते इलाज कराने लखनऊ चले गए।
जिले में बाबागंज क्षेत्र के बसभरिया और कलवारी गांव में 35 से अधिक लोग डेंगू से पीड़ित हैं। इन पीड़ितों ने निजी चिकित्सकों से इलाज शुरू कराया है। परीक्षण में प्लेटलेट्स काफी कम मिली। डेंगू से पीड़ित समयदीन के डेढ़ वर्षीय पुत्र मुन्ना की सुबह मौत हो गई। उसे बुखार के साथ तेज झटके आ रहे थे। शरीर पर चखत्ते भी निकल आए थे।
वहीं जिला अस्पताल में भर्ती बुखार पीड़ित पयागपुर निवासी बाबू (8) की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं जरवल कस्बे में भी डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। मोहल्ला जामा मस्जिद, मोहल्ला तकिया, अग्रवाल, मोहल्ला, चौक मोहल्ला समेत आधा दर्जन मोहल्लों में लोग पीड़ित हैं। यहां के भी 33 बुखार पीड़ित इलाज कराने लखनऊ चले गए हैं।
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इनमें आठ रोगियों को डेंगू होने की पुष्टि विवेकानंद हास्पिटल में हुई है। डेंगू पीड़ितों में मोहल्ला जामा मस्जिद निवासी माता प्रसाद (42), रुकनेश (45), मोहल्ला बाजदारी निवासी चंदन (29), मोहल्ला तकिया निवासी सहाबुद्दीन (28), अग्रवाल मोहल्ला निवासी मनीष कुमार (40), संजय कुमार (44), इकबाल खां (55) आदि शामिल हैं।
इन सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। रोगियों के साथ उनके परिवारीजन भी लखनऊ में हैं। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग दोनों क्षेत्रों में बुखार पीड़ितों के इलाज के लिए कोई इंतजाम नहीं कर सका है। आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित गंभीर हालत में भी स्वास्थ्य केंद्र व स्थानीय निजी चिकित्सकों के भरोसे हैं।
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जिले में बाबागंज क्षेत्र के बसभरिया और कलवारी गांव में 35 से अधिक लोग डेंगू से पीड़ित हैं। इन पीड़ितों ने निजी चिकित्सकों से इलाज शुरू कराया है। परीक्षण में प्लेटलेट्स काफी कम मिली। डेंगू से पीड़ित समयदीन के डेढ़ वर्षीय पुत्र मुन्ना की सुबह मौत हो गई। उसे बुखार के साथ तेज झटके आ रहे थे। शरीर पर चखत्ते भी निकल आए थे।
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वहीं जिला अस्पताल में भर्ती बुखार पीड़ित पयागपुर निवासी बाबू (8) की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं जरवल कस्बे में भी डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। मोहल्ला जामा मस्जिद, मोहल्ला तकिया, अग्रवाल, मोहल्ला, चौक मोहल्ला समेत आधा दर्जन मोहल्लों में लोग पीड़ित हैं। यहां के भी 33 बुखार पीड़ित इलाज कराने लखनऊ चले गए हैं।
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इनमें आठ रोगियों को डेंगू होने की पुष्टि विवेकानंद हास्पिटल में हुई है। डेंगू पीड़ितों में मोहल्ला जामा मस्जिद निवासी माता प्रसाद (42), रुकनेश (45), मोहल्ला बाजदारी निवासी चंदन (29), मोहल्ला तकिया निवासी सहाबुद्दीन (28), अग्रवाल मोहल्ला निवासी मनीष कुमार (40), संजय कुमार (44), इकबाल खां (55) आदि शामिल हैं।
इन सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है। रोगियों के साथ उनके परिवारीजन भी लखनऊ में हैं। लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग दोनों क्षेत्रों में बुखार पीड़ितों के इलाज के लिए कोई इंतजाम नहीं कर सका है। आर्थिक रूप से कमजोर पीड़ित गंभीर हालत में भी स्वास्थ्य केंद्र व स्थानीय निजी चिकित्सकों के भरोसे हैं।