{"_id":"73e874cf5cb54238f918000ffc254525","slug":"two-boys-drowned-in-drain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बरसाती नाले में डूबने से दो बच्चों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बरसाती नाले में डूबने से दो बच्चों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 23 Jul 2015 10:06 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिहींपुरवा (बहराइच)। बरसाती नाले में नहाने गए लौकाही गांव निवासी दो बच्चे गुरुवार शाम उसमें डूब गए। काफी देर बाद जब वे घर नहीं लौटे तो घर वालों ने खोजबीन शुरू की।
नाले में कुछ दूरी पर दोनों मासूमों के शव उतराते मिले। शवों का पंचनामा कराने के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। हादसे से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
मोतीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लौकाही से आधा किलोमीटर की दूरी पर बरसाती परसोहना नाला बहता है।
गांव निवासी गुलाम वारिस का 10 वर्षीय पुत्र इरफान अपने पड़ोसी साथी नौ वर्षीय इकराम पुत्र साबित के साथ गुरुवार शाम घर से निकला था।
दोनों बच्चों ने नाले के तट पर खेलने और फिर उसमें नहाकर लौटने की बात परिवारीजनों से कही थी। अंधेरा होने पर भी जब बच्चे नहीं लौटे तो दोनों के परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की।
विज्ञापन
घर वाले परसोहना नाले पर पहुंचे तो इरफान और इकराम के कपड़े तथा चप्पल नाले के तट पर मिले। यहां से दो सौ मीटर की दूरी पर झाड़ियों में दोनों का शव उतराता मिला। मौके पर कोहराम मच गया।
मौके पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव नाले से निकाले गए। ग्राम प्रधान अब्दुल कादिर की मौजूदगी में पंचनामा के बाद शव को दफना दिया गया है।
किस घड़ी में घर से निकला था बेटा
बेटे की मौत से गुलाम वारिस और साबित की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। मां-पिता फफकते हुए बता रहे हैं कि अक्सर बेटा गर्मी में खेलने और स्नान करने के लिए नाले के तट पर निकल जाता था लेकिन आज की घड़ी शायद मनहूस थी।
नहीं मिली सूचना: एसओ
बच्चों के नाले में डूबने के मामले में थानाध्यक्ष मोतीपुर मोहम्मद यासीन का कहना है कि बच्चों के डूबने की सूचना नहीं मिली है।
अगर बच्चे नहाते समय डूबे हैं तो यह परिवार के लोगों की लापरवाही है। अगर परिवारीजन प्रार्थनापत्र देंगे तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
नाले में कुछ दूरी पर दोनों मासूमों के शव उतराते मिले। शवों का पंचनामा कराने के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। हादसे से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा है।
विज्ञापन
मोतीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लौकाही से आधा किलोमीटर की दूरी पर बरसाती परसोहना नाला बहता है।
गांव निवासी गुलाम वारिस का 10 वर्षीय पुत्र इरफान अपने पड़ोसी साथी नौ वर्षीय इकराम पुत्र साबित के साथ गुरुवार शाम घर से निकला था।
दोनों बच्चों ने नाले के तट पर खेलने और फिर उसमें नहाकर लौटने की बात परिवारीजनों से कही थी। अंधेरा होने पर भी जब बच्चे नहीं लौटे तो दोनों के परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की।
विज्ञापन
घर वाले परसोहना नाले पर पहुंचे तो इरफान और इकराम के कपड़े तथा चप्पल नाले के तट पर मिले। यहां से दो सौ मीटर की दूरी पर झाड़ियों में दोनों का शव उतराता मिला। मौके पर कोहराम मच गया।
मौके पर ग्रामीण इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव नाले से निकाले गए। ग्राम प्रधान अब्दुल कादिर की मौजूदगी में पंचनामा के बाद शव को दफना दिया गया है।
किस घड़ी में घर से निकला था बेटा
बेटे की मौत से गुलाम वारिस और साबित की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। मां-पिता फफकते हुए बता रहे हैं कि अक्सर बेटा गर्मी में खेलने और स्नान करने के लिए नाले के तट पर निकल जाता था लेकिन आज की घड़ी शायद मनहूस थी।
नहीं मिली सूचना: एसओ
बच्चों के नाले में डूबने के मामले में थानाध्यक्ष मोतीपुर मोहम्मद यासीन का कहना है कि बच्चों के डूबने की सूचना नहीं मिली है।
अगर बच्चे नहाते समय डूबे हैं तो यह परिवार के लोगों की लापरवाही है। अगर परिवारीजन प्रार्थनापत्र देंगे तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।