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एफसीआई के गुणवत्ता मानक गेहूं खरीद में रोड़ा
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:37 PM IST
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गेहूं खरीद
- फोटो : अमर उजाला
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गेहूं खरीद शुक्रवार से शुरू हो गई। एफसीआई इस बार भी गेहूं की खरीद करेगा। हर बार एफसीआई ही गेहूं व धान के भंडारण में रोड़े अटकाता रहता है। ऐसे में इस बार भी गेहूं पर पड़ी मौसम की मार के कारण उसके डैमेज होने की बात कहकर एफसीआई किसानों के गेहूं को लौटा सकता है।
इससे खरीद प्रभावित हो सकती है।
मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं की खरीद करने के लिए जनपद के 97 स्थानों पर शुक्रवार को क्रय केंद्र खोल दिए गए। बैनर टांगने के साथ ही गेहूं खरीद के लिए बोरों और पैसे की मांग भी शासन से कर ली गई है।
सरकार ने वर्ष 2016 में गेहूं खरीद के भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को भी जिम्मा दिया है ताकि खरीद प्रभावित न हो सके। जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश पांडेय ने बताया कि एफसीआई की ओर से वर्ष 2015 में गेहूं खरीद के लिए तीन क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे।
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एफसीआई को दो हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य दिया गया था। जबकि अंतिम समय तक एफसीआई ने लक्ष्य से डेढ़ गुना करीब 3584 क्विंटल खरीद की थी। इसे देखते हुए इस बार भी एफसीआई ने बहराइच गल्लामंडी, नानपारा और रिसिया में एक-एक क्रय केंद्र स्थापित किए हैं।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि खरीद को देखते हुए सभी क्रय केंद्रों पर बोरों की मांग की जा चुकी है। हालांकि पिछले साल एफसीआई की ओर से किसानों के गेहूं बड़े पैमाने पर लौटाया गया था। इसके अलावा धान खरीद में एफसीआई ने फसल अच्छी न होने की बात कहकर भंडारण में किनारा कसा था जिससे मुश्किलें बढ़ी थीं।
बढ़िया फसल हुई, नहीं आएगी दिक्कत
एफसीआई के डिपो प्रबंधक जगतराम का कहना है कि क्रय केंद्रों पर तैनाती के लिए कर्मचारियों को रिलीव कर दिया गया है। दो तीन दिन में लक्ष्य मिलने की संभावना है। भंडारण में डैमेज होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि इस बार की गेहूं की फसल काफी अच्छी हुई है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि भंडारण में किसी प्रकार की समस्या नहीं आ सकती है।
इस बार निराश नहीं होंगे श्रावस्ती के किसान
गेहूं बोआई से लेकर मड़ाई तक का समय आ गया है। बोआई के समय जहां तापमान में अनुकूलता नहीं थी। वहीं पानी का अभाव भी खला। अब गेहूं तैयार है तो मड़ाई में पतला, कम वजन की फसल किसानों के हाथ आ रही है। इन सबसे अलग सरकार इस बार किसानों को खरीद मामले में निराश नहीं करना चाहती।
इसीलिए खरीद के कई नियम बदले गए। इन्हीं नियमों में जिले के अंदर गेहूं खरीद का लक्ष्य भी शामिल है। विगत वर्ष जिले में 27 क्रय केंद्रों के माध्यम से 11450 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। वहीं इस बार यह लक्ष्य दोगुना होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कमलेश पांडे बताते हैं कि अभी तक जिले के लिए गेहूं खरीद लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। लेकिन विभागीय स्तर पर गेहूं खरीद का लक्ष्य विगत वर्ष की अपेक्षा डेढ़ से दोगुना होने की संभावना बताई जा रही है।
ऐसे में इस बार लक्ष्य 22900 एमटी के करीब हो सकता है। इसका लाभ जिले के किसानों को मिलेगा। यदि किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल को बेचना चाहते हैं तो उनकी सभी फसलें क्रय केंद्रों पर खरीदी जा सकती है। इसमें खरीद लक्ष्य आड़े नहीं आएगा।
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इससे खरीद प्रभावित हो सकती है।
मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं की खरीद करने के लिए जनपद के 97 स्थानों पर शुक्रवार को क्रय केंद्र खोल दिए गए। बैनर टांगने के साथ ही गेहूं खरीद के लिए बोरों और पैसे की मांग भी शासन से कर ली गई है।
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सरकार ने वर्ष 2016 में गेहूं खरीद के भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को भी जिम्मा दिया है ताकि खरीद प्रभावित न हो सके। जिला खाद्य विपणन अधिकारी कमलेश पांडेय ने बताया कि एफसीआई की ओर से वर्ष 2015 में गेहूं खरीद के लिए तीन क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे।
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एफसीआई को दो हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य दिया गया था। जबकि अंतिम समय तक एफसीआई ने लक्ष्य से डेढ़ गुना करीब 3584 क्विंटल खरीद की थी। इसे देखते हुए इस बार भी एफसीआई ने बहराइच गल्लामंडी, नानपारा और रिसिया में एक-एक क्रय केंद्र स्थापित किए हैं।
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि खरीद को देखते हुए सभी क्रय केंद्रों पर बोरों की मांग की जा चुकी है। हालांकि पिछले साल एफसीआई की ओर से किसानों के गेहूं बड़े पैमाने पर लौटाया गया था। इसके अलावा धान खरीद में एफसीआई ने फसल अच्छी न होने की बात कहकर भंडारण में किनारा कसा था जिससे मुश्किलें बढ़ी थीं।
बढ़िया फसल हुई, नहीं आएगी दिक्कत
एफसीआई के डिपो प्रबंधक जगतराम का कहना है कि क्रय केंद्रों पर तैनाती के लिए कर्मचारियों को रिलीव कर दिया गया है। दो तीन दिन में लक्ष्य मिलने की संभावना है। भंडारण में डैमेज होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि इस बार की गेहूं की फसल काफी अच्छी हुई है। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि भंडारण में किसी प्रकार की समस्या नहीं आ सकती है।
इस बार निराश नहीं होंगे श्रावस्ती के किसान
गेहूं बोआई से लेकर मड़ाई तक का समय आ गया है। बोआई के समय जहां तापमान में अनुकूलता नहीं थी। वहीं पानी का अभाव भी खला। अब गेहूं तैयार है तो मड़ाई में पतला, कम वजन की फसल किसानों के हाथ आ रही है। इन सबसे अलग सरकार इस बार किसानों को खरीद मामले में निराश नहीं करना चाहती।
इसीलिए खरीद के कई नियम बदले गए। इन्हीं नियमों में जिले के अंदर गेहूं खरीद का लक्ष्य भी शामिल है। विगत वर्ष जिले में 27 क्रय केंद्रों के माध्यम से 11450 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। वहीं इस बार यह लक्ष्य दोगुना होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी कमलेश पांडे बताते हैं कि अभी तक जिले के लिए गेहूं खरीद लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। लेकिन विभागीय स्तर पर गेहूं खरीद का लक्ष्य विगत वर्ष की अपेक्षा डेढ़ से दोगुना होने की संभावना बताई जा रही है।
ऐसे में इस बार लक्ष्य 22900 एमटी के करीब हो सकता है। इसका लाभ जिले के किसानों को मिलेगा। यदि किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपनी फसल को बेचना चाहते हैं तो उनकी सभी फसलें क्रय केंद्रों पर खरीदी जा सकती है। इसमें खरीद लक्ष्य आड़े नहीं आएगा।