{"_id":"618ab6762a8a7200cd743af0","slug":"six-beneficiaries-of-pm-housing-found-ineligible-will-be-recovered-bahraich-news-lko6037056170","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम आवास के छह लाभार्थी मिले अपात्र, होगी वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम आवास के छह लाभार्थी मिले अपात्र, होगी वसूली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। प्रधानमंत्री आवास योजना में हुए फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। फर्जी दस्तावेज लगाकर पीएम आवास लेने वाले छह लाभार्थियों के नाम का खुलासा है। अब अपात्रों से धन की वसूली की जाएगी। पीएम आवास में हुए फर्जीवाड़े को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए है।
महसी ब्लॉक के मैकूपुरवा निवासी तालुकदार व अन्य पांच ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए याचिका दायर की। कोर्ट ने मामले का निस्तारण करने के लिए डीएम को जांच करने के निर्देश दिए। 13 अक्तूबर को जिलाधिकारी ने याचिकाकर्ता तालुकदार, रिखीराम, कुसुमा, छबीले व शत्रुघन की शिकायत पर सुनवाई की, जिसमें तालुकदार एवं छबीले अपात्र पाए गए, जबकि अन्य तीन याची तकनीकी कारणोंवश अपात्र पाए गए। सुनवाई के दौरान अपात्र होने की जानकारी होने पर शिकायतकर्ता तालुकदार एवं अन्य ने डीएम से बताया कि जिस आधार पर मुझे अपात्र घोषित किया गया है। उसी आधार पर गांव के आठ लोगों को आवास मिला है।
डीएम ने इसको गंभीरता से लेते हुए बीडीओ से जांच करा दी। जांच में पाया गया कि चिंताराम, हसन अली, नागरजीत, सुरेश, मैसरा व मेवालाल अपात्र हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने इन छह अपात्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए तथा सभी से वसूली कराने को भी कहा। साथ ही दोषी ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
महसी ब्लॉक के मैकूपुरवा निवासी तालुकदार व अन्य पांच ग्रामीणों ने हाईकोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए याचिका दायर की। कोर्ट ने मामले का निस्तारण करने के लिए डीएम को जांच करने के निर्देश दिए। 13 अक्तूबर को जिलाधिकारी ने याचिकाकर्ता तालुकदार, रिखीराम, कुसुमा, छबीले व शत्रुघन की शिकायत पर सुनवाई की, जिसमें तालुकदार एवं छबीले अपात्र पाए गए, जबकि अन्य तीन याची तकनीकी कारणोंवश अपात्र पाए गए। सुनवाई के दौरान अपात्र होने की जानकारी होने पर शिकायतकर्ता तालुकदार एवं अन्य ने डीएम से बताया कि जिस आधार पर मुझे अपात्र घोषित किया गया है। उसी आधार पर गांव के आठ लोगों को आवास मिला है।
विज्ञापन
डीएम ने इसको गंभीरता से लेते हुए बीडीओ से जांच करा दी। जांच में पाया गया कि चिंताराम, हसन अली, नागरजीत, सुरेश, मैसरा व मेवालाल अपात्र हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम ने इन छह अपात्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए तथा सभी से वसूली कराने को भी कहा। साथ ही दोषी ग्राम विकास अधिकारी एवं ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन