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Bahraich News: तेंदुए ने पालतू कुत्ते का किया शिकार
Thu, 11 Sep 2025 01:03 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 11 Sep 2025 01:03 AM IST
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कतर्नियाघाट के बर्दिया गांव स्थित घर के आंगन में मौजूद तेंदुए के पगचिह्न। -संवाद
बिछिया। बर्दिया गांव में मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे छलांग लगाकर घर में घुसा तेंदुआ पालतू कुत्ते को उठा ले गया। आहट सुनकर परिजन जागे और शोर मचाया, लेकिन तब तक तेंदुआ दीवार फांदकर गन्ने के खेत की ओर चला गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
गांव निवासी मुन्नन ने बताया कि मंगलवार रात परिवार के लोग घर में सो रहे थे, तभी आंगन से आहट मिली। कमरे की खिड़की खोलकर देखा तो पालतू कुत्ते को तेंदुआ दबोच कर ले जा रहा था। इस पर शोर मचाया तो गांव के लोग हांका लगाते हुए जुट गए। ग्रामीणों के मुताबिक, यह पहला मौका नहीं है, जब तेंदुआ गांव में आया हो।
पिछले एक महीने से वह लगातार दस्तक दे रहा है और पालतू जानवरों को निशाना बना रहा है। करीब दस दिन पहले भी तेंदुए ने एक बकरे को शिकार बनाया था। उसके बाद से लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
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गांव के अकबर अली, असगर अली, सुरेश गुप्ता, डॉ. हरिभगवान यादव और श्रीराम गुप्ता ने बताया कि जैसे ही अंधेरा होता है, तेंदुए का डर हर किसी के मन पर हावी हो जाता है। महिलाएं और बच्चे घर से बाहर निकलने से कतराते हैं। कई परिवार रात में अपने पालतू जानवरों को घर के भीतर ही बांधने लगे हैं। गांव वालों ने रेंज कार्यालय में पत्र देकर पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है।
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गांव निवासी मुन्नन ने बताया कि मंगलवार रात परिवार के लोग घर में सो रहे थे, तभी आंगन से आहट मिली। कमरे की खिड़की खोलकर देखा तो पालतू कुत्ते को तेंदुआ दबोच कर ले जा रहा था। इस पर शोर मचाया तो गांव के लोग हांका लगाते हुए जुट गए। ग्रामीणों के मुताबिक, यह पहला मौका नहीं है, जब तेंदुआ गांव में आया हो।
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पिछले एक महीने से वह लगातार दस्तक दे रहा है और पालतू जानवरों को निशाना बना रहा है। करीब दस दिन पहले भी तेंदुए ने एक बकरे को शिकार बनाया था। उसके बाद से लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
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गांव के अकबर अली, असगर अली, सुरेश गुप्ता, डॉ. हरिभगवान यादव और श्रीराम गुप्ता ने बताया कि जैसे ही अंधेरा होता है, तेंदुए का डर हर किसी के मन पर हावी हो जाता है। महिलाएं और बच्चे घर से बाहर निकलने से कतराते हैं। कई परिवार रात में अपने पालतू जानवरों को घर के भीतर ही बांधने लगे हैं। गांव वालों ने रेंज कार्यालय में पत्र देकर पिंजरा लगाने और तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है।