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रुपईडीहा से दूसरे प्रदेशों को जल्द चलेंगी बसें
ब्यूरो/अमर उजाला, बहराइच
Updated Fri, 25 Mar 2016 10:10 PM IST
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रुपईडीहा में अंतरराज्यीय बसअड्डे का होता निर्माण।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बहराइच
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रुपईडीहा (बहराइच)। रुपईडीहा से जल्द ही अन्य राज्यों के लिए बसें मिलेंगी। शासन से बजट मिलने के बाद यहां अंतरराज्ययीय बस अड्डे का निर्माण शुरू हो गया है। 14 करोड़ रुपये से बनने वाला यह बस अड्डा सभी सुविधाओं से लैस होगा।
उत्तराखंड, दिल्ली, पूर्वांचल और हरियाणा समेत अन्य शहरों के लिए यहां से सीधी बसें चलेंगी। अधिकारियों के मुताबिक अगले साल से नागरिकों को बस अड्डे का लाभ मिलने लगेगा।
नेपाल सीमा से सटे होने के कारण शासन ने रुपईडीहा बस अड्डे को अंतरराज्यीय बस अड्डे के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की है। इसके तहत 14 करोड़ रुपये का बजट शासन ने स्वीकृत किया है।
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इसके लिए परिवहन निगम ने छह एकड़ भूमि अधिग्रहीत की है। इसके साथ ही निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। कार्यदायी संस्था को छह माह में निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बस अड्डे पर यात्रियों के एसी और जनरल विश्रामालय, शौचालय, पानी टंकी समेत कर्मचारियों को आवास भी मुहैया होगा।
पूर्वांचल के शहर भी जुड़ेंगे
रुपईडीहा के स्टेशन अधीक्षक डीपी सिंह ने बताया कि शासन ने अत्याधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डे की स्थापना को हरी झंडी दी है। उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा की बसों के साथ ही पूर्वांचल के गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, देवरिया, बस्ती की बसों को भी रुपईडीहा बस अड्डे से रवाना किया जाएगा। तैयारी पूरी कर ली गई है। बस अड्डे का निर्माण कार्य पूरा होते ही बसों के संचालन की कवायद शुरू की जाएगी।
नए साल से होगा संचालन
स्टेशन अधीक्षक डीपी सिंह ने बताया कि जो रूपरेखा तय की गई है, उसके तहत सितंबर तक बस अड्डे का निर्माण कार्य होना है। इसके बाद रंग रोगन व अन्य व्यवस्थाओं में दो माह का समय लगेगा। कोशिश होगी कि वर्ष 2017 के जनवरी से बसअड्डे का संचालन शुरू हो जाए।
नेपाल में भी बसों के संचालन की तैयारी
डीपी सिंह ने बताया कि कस्बा नेपाल सीमा से सटा हुआ है। अधिकतर यात्री नेपाल के होते हैं। भारत से भी नेपाल में यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए नेपाल सरकार से भी बातचीत चल रही है।
प्रयास है कि नेपाल की बसों का भी आवागमन रुपईडीहा बस अड्डे से हो, जिसके चलते काठमांडू, सूरखेत, बांके, बर्दिया, जुमला, हुमला, कालीकोट जिलों को बसों की रवानगी हो सके। ऐसे में भारतीय क्षेत्र में लगने वाले नेपाल के प्रवासियों को समस्याओं से निजात मिल सकेगी।
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उत्तराखंड, दिल्ली, पूर्वांचल और हरियाणा समेत अन्य शहरों के लिए यहां से सीधी बसें चलेंगी। अधिकारियों के मुताबिक अगले साल से नागरिकों को बस अड्डे का लाभ मिलने लगेगा।
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नेपाल सीमा से सटे होने के कारण शासन ने रुपईडीहा बस अड्डे को अंतरराज्यीय बस अड्डे के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू की है। इसके तहत 14 करोड़ रुपये का बजट शासन ने स्वीकृत किया है।
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इसके लिए परिवहन निगम ने छह एकड़ भूमि अधिग्रहीत की है। इसके साथ ही निर्माण की कवायद शुरू कर दी गई है। कार्यदायी संस्था को छह माह में निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बस अड्डे पर यात्रियों के एसी और जनरल विश्रामालय, शौचालय, पानी टंकी समेत कर्मचारियों को आवास भी मुहैया होगा।
पूर्वांचल के शहर भी जुड़ेंगे
रुपईडीहा के स्टेशन अधीक्षक डीपी सिंह ने बताया कि शासन ने अत्याधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डे की स्थापना को हरी झंडी दी है। उत्तराखंड, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा की बसों के साथ ही पूर्वांचल के गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, देवरिया, बस्ती की बसों को भी रुपईडीहा बस अड्डे से रवाना किया जाएगा। तैयारी पूरी कर ली गई है। बस अड्डे का निर्माण कार्य पूरा होते ही बसों के संचालन की कवायद शुरू की जाएगी।
नए साल से होगा संचालन
स्टेशन अधीक्षक डीपी सिंह ने बताया कि जो रूपरेखा तय की गई है, उसके तहत सितंबर तक बस अड्डे का निर्माण कार्य होना है। इसके बाद रंग रोगन व अन्य व्यवस्थाओं में दो माह का समय लगेगा। कोशिश होगी कि वर्ष 2017 के जनवरी से बसअड्डे का संचालन शुरू हो जाए।
नेपाल में भी बसों के संचालन की तैयारी
डीपी सिंह ने बताया कि कस्बा नेपाल सीमा से सटा हुआ है। अधिकतर यात्री नेपाल के होते हैं। भारत से भी नेपाल में यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में यात्रियों की समस्याओं को देखते हुए नेपाल सरकार से भी बातचीत चल रही है।
प्रयास है कि नेपाल की बसों का भी आवागमन रुपईडीहा बस अड्डे से हो, जिसके चलते काठमांडू, सूरखेत, बांके, बर्दिया, जुमला, हुमला, कालीकोट जिलों को बसों की रवानगी हो सके। ऐसे में भारतीय क्षेत्र में लगने वाले नेपाल के प्रवासियों को समस्याओं से निजात मिल सकेगी।