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सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूबी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2016 10:10 PM IST
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काश्तकार हुए प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
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झमाझम बारिश के बाद रविवार रात रिसिया नाला उफना गया। इससे रिसिया इलाके के 13 गांवों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। सूरजमुखी, लोबिया, गन्ना, धान की नर्सरी व मक्का के खेत पानी में डूबे हैं।
इससे एक हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। जलस्तर लगातार बढ़ने से आधा दर्जन गांवों में पानी घुसने का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने राजस्व कर्मियों को सतर्क करने के साथ पल-पल की रिपोर्ट मांगी है।
तराई में कहीं सूखा तो कहीं अतिवृष्टि की स्थिति बनी है। इसके चलते कई बरसाती नाले उफान पर हैं। रिसिया कस्बे के पश्चिमी क्षेत्र में एक नाला बहता है। इसे सरयू की शाखा भी माना जाता है। नाले में रविवार रात अचानक उफान आ गया।
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देखते ही देखते बंगलाचक, इमामनगर, नंदापुरवा, बलिदानपुरवा, जंगलीपुरवा, बाबाकुट्टी, महरथा समेत 13 गांवों सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए। खेतों में लगी धान की नर्सरी, लोबिया, गन्ना, सूरजमुखी, मक्का, उड़द, मेंथा की फसल डूब गई। जलभराव से ज्यादातर फसल के नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है।
इससे एक हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। उनमें हड़कंप की स्थिति है। नाले का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए बंगलाचक, बलिदानपुरवा समेत आधा दर्जन गांवों में पानी घुसने का खतरा पैदा हो गया है। इससे किसान भयभीत हैं।
रिसिया नाले के उफनाने की सूचना पर बीडीओ शोभनाथ चौरसिया ने क्षेत्र के राजस्व व ग्राम पंचायत कर्मियों को सतर्क किया है। बीडीओ के मुताबिक सीमावर्ती इलाकों में दो दिन से हो रही मूसलाधार वर्षा के चलते नाले मेें उफान की स्थिति बनी है।
इससे क्षेत्र के कुछ गांवों के आसपास नाले का पानी पहुंच गया है। संबंधित कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रभावित होने वाले किसानों का आकलन किया जा रहा है। दूसरी तरफ नाला उफनाने से फसलों को हुए नुकसान का किसानों को मुआवजा देने की मांग भी उठने लगी है।
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इससे एक हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। जलस्तर लगातार बढ़ने से आधा दर्जन गांवों में पानी घुसने का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने राजस्व कर्मियों को सतर्क करने के साथ पल-पल की रिपोर्ट मांगी है।
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तराई में कहीं सूखा तो कहीं अतिवृष्टि की स्थिति बनी है। इसके चलते कई बरसाती नाले उफान पर हैं। रिसिया कस्बे के पश्चिमी क्षेत्र में एक नाला बहता है। इसे सरयू की शाखा भी माना जाता है। नाले में रविवार रात अचानक उफान आ गया।
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देखते ही देखते बंगलाचक, इमामनगर, नंदापुरवा, बलिदानपुरवा, जंगलीपुरवा, बाबाकुट्टी, महरथा समेत 13 गांवों सैकड़ों बीघा खेत जलमग्न हो गए। खेतों में लगी धान की नर्सरी, लोबिया, गन्ना, सूरजमुखी, मक्का, उड़द, मेंथा की फसल डूब गई। जलभराव से ज्यादातर फसल के नष्ट होने का खतरा पैदा हो गया है।
इससे एक हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। उनमें हड़कंप की स्थिति है। नाले का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए बंगलाचक, बलिदानपुरवा समेत आधा दर्जन गांवों में पानी घुसने का खतरा पैदा हो गया है। इससे किसान भयभीत हैं।
रिसिया नाले के उफनाने की सूचना पर बीडीओ शोभनाथ चौरसिया ने क्षेत्र के राजस्व व ग्राम पंचायत कर्मियों को सतर्क किया है। बीडीओ के मुताबिक सीमावर्ती इलाकों में दो दिन से हो रही मूसलाधार वर्षा के चलते नाले मेें उफान की स्थिति बनी है।
इससे क्षेत्र के कुछ गांवों के आसपास नाले का पानी पहुंच गया है। संबंधित कर्मचारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रभावित होने वाले किसानों का आकलन किया जा रहा है। दूसरी तरफ नाला उफनाने से फसलों को हुए नुकसान का किसानों को मुआवजा देने की मांग भी उठने लगी है।