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Bahraich News: सौ करोड़ खर्च, फिर भी नहीं मिली जर्जर तारों से निजात
Tue, 06 May 2025 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 06 May 2025 12:19 AM IST
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बहराइच। शहरवासियों को जर्जर विद्युत तारों से मुक्ति दिलाने के लिए वर्ष 2015 में शुरू की गई भूमिगत बिजली लाइन परियोजना आज भी अधूरी और खतरनाक स्थिति में है। समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान तत्कालीन ऊर्जा मंत्री यासर शाह की पहल पर शुरू इस योजना पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके।
19 जनवरी 2015 को कार्यदायी संस्था द्वारा शहर में भूमिगत लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। वर्ष 2016 में कार्य पूर्ण कर विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया। लेकिन 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार में यह परियोजना लगभग ठंडे बस्ते में चली गई। नतीजा यह है कि आज भी शहर के कई मोहल्लों में जर्जर तार लटक रहे हैं और भूमिगत आपूर्ति पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है।
खुले विद्युत बॉक्स दे रहे हादसों को दावत
शहर के कई मोहल्लों में भूमिगत लाइन से कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन अधिकांश जगहों पर लगे बिजली बॉक्स बिना ढक्कन के खुले पड़े हैं, जिनमें बिजली आपूर्ति चालू है। ये बॉक्स कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, खासकर बरसात या बच्चों की पहुंच की स्थिति में।
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जर्जर हो चुके हैं करोड़ों की लागत वाले कई बॉक्स
शहर के कई वार्डों में स्थापित विद्युत बॉक्स टूट-फूट कर जर्जर हो चुके हैं। भले ही इनमें से कुछ बॉक्सों में विद्युत आपूर्ति बंद हो, लेकिन सड़क किनारे खुले और क्षतिग्रस्त बॉक्स राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए हमेशा खतरा बने हुए हैं।
जानकारी करेंगे
ज्यादातर इलाकों में भूमिगत बॉक्स के माध्यम से ही उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। कुछ बॉक्स निष्क्रिय हैं। उन्हें चालू क्यों नहीं किया गया। इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है।- शैलेंद्र कुमार, एक्सईएन (विद्युत विभाग)
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19 जनवरी 2015 को कार्यदायी संस्था द्वारा शहर में भूमिगत लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। वर्ष 2016 में कार्य पूर्ण कर विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया। लेकिन 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार में यह परियोजना लगभग ठंडे बस्ते में चली गई। नतीजा यह है कि आज भी शहर के कई मोहल्लों में जर्जर तार लटक रहे हैं और भूमिगत आपूर्ति पूरी तरह लागू नहीं हो सकी है।
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खुले विद्युत बॉक्स दे रहे हादसों को दावत
शहर के कई मोहल्लों में भूमिगत लाइन से कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन अधिकांश जगहों पर लगे बिजली बॉक्स बिना ढक्कन के खुले पड़े हैं, जिनमें बिजली आपूर्ति चालू है। ये बॉक्स कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं, खासकर बरसात या बच्चों की पहुंच की स्थिति में।
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जर्जर हो चुके हैं करोड़ों की लागत वाले कई बॉक्स
शहर के कई वार्डों में स्थापित विद्युत बॉक्स टूट-फूट कर जर्जर हो चुके हैं। भले ही इनमें से कुछ बॉक्सों में विद्युत आपूर्ति बंद हो, लेकिन सड़क किनारे खुले और क्षतिग्रस्त बॉक्स राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए हमेशा खतरा बने हुए हैं।
जानकारी करेंगे
ज्यादातर इलाकों में भूमिगत बॉक्स के माध्यम से ही उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। कुछ बॉक्स निष्क्रिय हैं। उन्हें चालू क्यों नहीं किया गया। इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है।- शैलेंद्र कुमार, एक्सईएन (विद्युत विभाग)