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दिमागी बुखार से पांच बच्चों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2016 10:35 PM IST
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तराई में डेंगू और दिमागी बुखार पीड़ितों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती पांच बच्चों की सांसें 24 घंटे में थम गईं। इसके अलावा 23 अन्य पीड़ित भर्ती कराए गए हैं। उनमें चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह सभी बुखार, डायरिया व निमोनिया की चपेट में हैं।
जिला अस्पताल में दो दिन पूर्व शिवपुर निवासी सीमा (14) पुत्री चरन जायसवाल को भर्ती कराया गया था। उसे दिमागी बुखार था। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान सीमा ने दम तोड़ दिया। उधर नानपारा के बेलदारनटोला निवासी सरजीत (6) पुत्र गोमती, पयागपुर के सरियांवा निवासी खुशी (2) पुत्री अनूप, खैरीघाट निवासी सुमन देवी (2), नेपालगंज निवासी सायदा (6) ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ा। इन सभी को तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे।
उधर बुखार, डायरिया व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित 23 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें साहिल (12) निवासी दरगाह, अंश (4) निवासी हुजूरपुर, चमेली (2) निवासी विशेश्वरगंज और रमेश (1) निवासी मल्हीपुर की हालत नाजुक बताई गई है। जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि बुखार के बाद बरती जा रही लापरवाही के चलते रोगियों की मौत हो रही है।
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जिला अस्पताल में दो दिन पूर्व शिवपुर निवासी सीमा (14) पुत्री चरन जायसवाल को भर्ती कराया गया था। उसे दिमागी बुखार था। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान सीमा ने दम तोड़ दिया। उधर नानपारा के बेलदारनटोला निवासी सरजीत (6) पुत्र गोमती, पयागपुर के सरियांवा निवासी खुशी (2) पुत्री अनूप, खैरीघाट निवासी सुमन देवी (2), नेपालगंज निवासी सायदा (6) ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ा। इन सभी को तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे।
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उधर बुखार, डायरिया व अन्य संक्रामक रोगों से पीड़ित 23 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें साहिल (12) निवासी दरगाह, अंश (4) निवासी हुजूरपुर, चमेली (2) निवासी विशेश्वरगंज और रमेश (1) निवासी मल्हीपुर की हालत नाजुक बताई गई है। जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि बुखार के बाद बरती जा रही लापरवाही के चलते रोगियों की मौत हो रही है।
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