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बारिश से किसान खुश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jun 2016 10:16 PM IST
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जिले के ग्रामीण अंचलों में मंगलवार सुबह झमाझम बरसात हुई। बारिश के चलते खेत-खलिहान पानी से भर गए। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे। मनमाफिक वर्षा के चलते किसानों ने धान की नर्सरी की बोआई का काम शुरू कर दिया है।
मूसलाधार बरसात से गांव और कस्बों में जलभराव की स्थिति बन गई है। उर्रा बाजार के दर्जन भर घरों व दुकानों में पानी घुस गया है। शहर समेत कुछ हिस्सों में पानी नहीं बरसा। मंगलवार को दिन भर बादल तो छाये। वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज हुई। गर्मी से लोगों को राहत मिली।
तराई के लोग अरसे से बारिश का इंतजार कर रहे थे। उनकी मुराद सोमवार रात पूरी हुई। रात करीब 10 बजे के आसपास बूंदाबांदी शुरू हुई। जिले के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार सुबह चार बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई। बरसात से आधा जिला तरबतर हो गया। वर्षा के चलते आ रही ठंडी हवाओं से लोगों को काफी राहत मिली।
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बारिश से सबसे अधिक खुश किसान हैं। झमाझम बरसात के चलते किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेत-खलिहान पानी से भर गए। अब तक सूखे से जूझ रहे किसान नर्सरी बोआई की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों की जोताई और पलेवा का काम अब आसान हो गया।
वहीं भारी वर्षा के चलते मिहींपुरवा, जालिमनगर, बिछिया, सुजौली, नैनिहा, गूढ़, उर्रा, नैनिहा कांटा, झाला, पैरुआ, गंगापुर, कंचनपुर, नकौहा, मधवापुर, हरखापुर, अमृतपुर पुरैना आदि इलाकों में जलभराव की स्थिति दिखी। सबसे खराब स्थिति उर्रा बाजार की रही। अंबेडकर चौराहे से मुख्य बाजार होते हुए मस्जिद तक मार्ग पर घुटने तक पानी भरा रहा।
दर्जन भर मकानों व दुकानों में पानी घुस गया। बारिश ने शहर समेत कई क्षेत्र के लोगों को निराश किया जहां बादल तो छाए लेकिन बिना बारिश के लौट गए। मंगलवार को भी बदली रही।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि जिले के आधे हिस्से में तीन सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बताया यह बारिश लोकल प्रेशर का परिणाम है। दो दिन बाद पूरे तराई में झमाझम बरसात होगी।
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मूसलाधार बरसात से गांव और कस्बों में जलभराव की स्थिति बन गई है। उर्रा बाजार के दर्जन भर घरों व दुकानों में पानी घुस गया है। शहर समेत कुछ हिस्सों में पानी नहीं बरसा। मंगलवार को दिन भर बादल तो छाये। वर्षा से तापमान में गिरावट दर्ज हुई। गर्मी से लोगों को राहत मिली।
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तराई के लोग अरसे से बारिश का इंतजार कर रहे थे। उनकी मुराद सोमवार रात पूरी हुई। रात करीब 10 बजे के आसपास बूंदाबांदी शुरू हुई। जिले के पश्चिमी हिस्से में मंगलवार सुबह चार बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई। बरसात से आधा जिला तरबतर हो गया। वर्षा के चलते आ रही ठंडी हवाओं से लोगों को काफी राहत मिली।
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बारिश से सबसे अधिक खुश किसान हैं। झमाझम बरसात के चलते किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेत-खलिहान पानी से भर गए। अब तक सूखे से जूझ रहे किसान नर्सरी बोआई की तैयारी में जुट गए हैं। खेतों की जोताई और पलेवा का काम अब आसान हो गया।
वहीं भारी वर्षा के चलते मिहींपुरवा, जालिमनगर, बिछिया, सुजौली, नैनिहा, गूढ़, उर्रा, नैनिहा कांटा, झाला, पैरुआ, गंगापुर, कंचनपुर, नकौहा, मधवापुर, हरखापुर, अमृतपुर पुरैना आदि इलाकों में जलभराव की स्थिति दिखी। सबसे खराब स्थिति उर्रा बाजार की रही। अंबेडकर चौराहे से मुख्य बाजार होते हुए मस्जिद तक मार्ग पर घुटने तक पानी भरा रहा।
दर्जन भर मकानों व दुकानों में पानी घुस गया। बारिश ने शहर समेत कई क्षेत्र के लोगों को निराश किया जहां बादल तो छाए लेकिन बिना बारिश के लौट गए। मंगलवार को भी बदली रही।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि जिले के आधे हिस्से में तीन सेंटीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। बताया यह बारिश लोकल प्रेशर का परिणाम है। दो दिन बाद पूरे तराई में झमाझम बरसात होगी।