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सारे दावे फेल, रमजान पर भी बिजली गुल
Amar ujala Bureau
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:43 PM IST
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अंधड़ से बिजली सप्लाई ठप
- फोटो : अमर उजाला
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रमजान के मौके पर शहर, कस्बों और गांवों को भरपूर बिजली सप्लाई का दावा शासन ने किया है। लेकिन जिले में यह दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। सेहरी और इफ्तार दोनों समय किसी न किसी बहाने बिजली गुल हो रही है। जिसके कारण ग्रामीण व कस्बे के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पेयजल की किल्लत रुला रही है। रमजान के मौके पर शहर मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील मुख्यालय को 16 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 14 घंटे विद्युत सप्लाई का नया रोस्टर जारी किया गया है। लेकिन यह रोस्टर फाइलों मेें ही सिमटा नजर आरहा है। जिले के 14 विकासखंडों में 22 उपकेंद्र स्थापित हैं।
इन उपकेंद्रों से जिले की 36 लाख की आबादी को विद्युत सप्लाई होती है। इनमें 1.20 लाख बिजली के उपभोक्ता हैं। लेकिन संख्या इतनी कम होने के बावजूद समुचित तरीके से बिजली नहीं मिल पा रही है। विद्युत विभाग के मांग और पूर्ति नजर डालें तो जिले को लगभग 110 मेगावाट बिजली की जरूरत है।
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जबकि सप्लाई 95 मेगावाट की मिल रही है। ऐसे में कटौती लाजमी है। हालांकि, पावर कॉर्पोरेशन के उपखंड अधिकारी मोहित दीक्षित का कहना है कि शहर में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। तहसील और ग्रामीण अंचलों में रोस्टर का अनुपालन हो रहा है। लेकिन व्यवस्थाएं इससे इतर हैं।
बुधवार सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह तीन बजे से ही बिजली गुल रही। इसके कारण सेहरी में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बिजली व्यवस्था बाधित होने के पीछे पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी खराब मौसम को दोषी ठहरा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता आरिफ अहमद ने कहा कि रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति की जा रही है। कहीं पर कोई समस्या नहीं है। मौसम खराब या फाल्ट होने पर ही विद्युत सप्लाई बाधित होती है। प्रयास होता है कि फाल्ट को शीघ्र दुरुस्त कर सप्लाई दी जाए। ग्रामीण अंचलों में भी रोस्टर के मुताबिक सप्लाई की कोशिश हो रही है।
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पेयजल की किल्लत रुला रही है। रमजान के मौके पर शहर मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील मुख्यालय को 16 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 14 घंटे विद्युत सप्लाई का नया रोस्टर जारी किया गया है। लेकिन यह रोस्टर फाइलों मेें ही सिमटा नजर आरहा है। जिले के 14 विकासखंडों में 22 उपकेंद्र स्थापित हैं।
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इन उपकेंद्रों से जिले की 36 लाख की आबादी को विद्युत सप्लाई होती है। इनमें 1.20 लाख बिजली के उपभोक्ता हैं। लेकिन संख्या इतनी कम होने के बावजूद समुचित तरीके से बिजली नहीं मिल पा रही है। विद्युत विभाग के मांग और पूर्ति नजर डालें तो जिले को लगभग 110 मेगावाट बिजली की जरूरत है।
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जबकि सप्लाई 95 मेगावाट की मिल रही है। ऐसे में कटौती लाजमी है। हालांकि, पावर कॉर्पोरेशन के उपखंड अधिकारी मोहित दीक्षित का कहना है कि शहर में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति दी जा रही है। तहसील और ग्रामीण अंचलों में रोस्टर का अनुपालन हो रहा है। लेकिन व्यवस्थाएं इससे इतर हैं।
बुधवार सुबह ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह तीन बजे से ही बिजली गुल रही। इसके कारण सेहरी में लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ा। बिजली व्यवस्था बाधित होने के पीछे पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारी खराब मौसम को दोषी ठहरा रहे हैं।
अधिशासी अभियंता आरिफ अहमद ने कहा कि रोस्टर के अनुरूप बिजली आपूर्ति की जा रही है। कहीं पर कोई समस्या नहीं है। मौसम खराब या फाल्ट होने पर ही विद्युत सप्लाई बाधित होती है। प्रयास होता है कि फाल्ट को शीघ्र दुरुस्त कर सप्लाई दी जाए। ग्रामीण अंचलों में भी रोस्टर के मुताबिक सप्लाई की कोशिश हो रही है।