Bahraich: नहर में नहाने गए दो चचेरे भाइयों की डूबकर मौत, देर रात बरामद हुए दोनों शव
एक ही परिवार के दो मासूम चचेरे भाइयों की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाया गया, लेकिन उनके इन्कार करने पर पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिए गए।
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भीषण गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए नहर में नहाने गए दो चचेरे भाइयों की रविवार शाम डूबने से मौत हो गई। पुलिस और ग्रामीणों ने कई घंटे तक नहर में तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद देर रात करीब 12 बजे दोनों के शव बरामद किए गए। घटना से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।
ग्राम पंचायत लौदा महोली निवासी सचिन (8) और उसका चचेरा भाई विनीत (10) रविवार शाम करीब सात बजे गांव से कुछ दूरी पर स्थित नहर में नहाने गए थे। नहाते समय दोनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की।
खोजबीन के दौरान नहर की पुलिया के पास दोनों बच्चों के कपड़े पड़े मिले, जिससे अनहोनी की आशंका गहरा गई। सूचना मिलने पर हुजूरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से नहर में तलाश अभियान शुरू कराया। कई घंटे की मशक्कत के बाद पुलिया से लगभग 50 मीटर दूर रात करीब 12 बजे दोनों चचेरे भाइयों के शव नहर से बाहर निकाले गए।
एक ही परिवार के दो मासूम चचेरे भाइयों की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी निरीक्षक विपिन प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। परिजनों को पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाया गया, लेकिन उनके इन्कार करने पर पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिए गए।
बच्चे अक्सर नहाने जाते थे और लौट आते थे
बेटों की मौत से गमगीन सचिन के पिता गुरदयाल गोस्वामी और बिनीत के पिता प्रभु दयाल ने फफकते हुए कहा कि बेटे अक्सर शाम के समय गर्मी में नहर पुलिया पर नहाने जाते थे और लौट आते थे, क्या पता था कि रविवार को वह नहीं लौटेंगे। यह कहकर दोनो फफक पड़े। मौके पर मौजूद गांव के लोग भी गमगीन दिखे।
बुझ गए घर के चिराग, परिवार के इकलौते थे दोनों बालक
नहर में डूबकर जान गंवाने वाले सचिन और विनीत अपने परिवार के इकलौते थे। सचिन की मौत के बाद गुरुदयाल गोस्वामी की दो बेटियां बची हैं। वहीं उसका चचेरा भाई विनीत पांच बहनों के बीच इकलौता था। परिजनों के अनुसार विनीत मूक-बधिर भी था, जिससे परिवार उसका विशेष ध्यान रखता था। इस हादसे ने दो सगे भाइयों के परिवारों की खुशियां एक झटके में छीन लीं। एक ही परिवार के दो इकलौते बेटों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। घर में महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है और हर आने वाले की आंखें नम हो रही हैं।