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जिम्मेदारों को नहीं दिख रहे बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे अस्पताल
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बहराइच। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में तमाम नर्सिंग होम व पैथालॉजी बिना रजिस्ट्रेशन संचालित हो रहे हैं। यहां पर प्रशिक्षित स्टाफ की भी भारी कमी है। अप्रशिक्षित लोग ही मरीजों का इलाज करते हैं। पैथालॉजी भी बिना पैथालॉजिस्ट के ही चल रही हैं। सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत अस्पतालों व पैथालॉजी की संख्या काफी कम है। इसकी तुलना में संचालन काफी ज्यादा संख्या में हो रहा है। इससे साफ है कि अवैध रूप से संचालित अस्पताल व पैथालॉजी काफी तादाद में हैं। बताया जाता है कि जिले में दो दर्जन से अधिक निजी अस्पताल व पैथालॉजी हैं। ऐसे में किसी मरीज के साथ बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
शहर क्षेत्र के अलावा तहसीलों, ब्लॉकों व ग्रामीण क्षेत्रों में काफी संख्या में निजी अस्पतालों व पैथालॉजी का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। एक तो इनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, वहीं अन्य निर्धारित मानकों का भी पालन यहां नहीं किया जा रहा है। ऐसे अस्पतालों में अप्रशिक्षित लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अवैध तरीके से चल रहीं पैथालॉजी में भी यही हाल है। यहां बिना रेडियोलॉजिस्ट के ही अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। अन्य जांचें भी अप्रशिक्षित लोग ही कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस प्रकार के अस्पताल सबसे ज्यादा महसी क्षेत्र में चल रहे हैं। कस्बाई इलाकों में इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है क्योंकि जांच टीमें ज्यादातर शहरी क्षेत्र में ही अभियान चलाती हैं। बताया जाता है कि बाबागंज में करीब तीन पैथालॉजी व आधा दर्जन निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।
जिला चिकित्सालय स्थित सीएमओ कार्यालय की सूची के अनुसार, जिले में 30 निजी अस्पताल, 45 पैथालॉजी व 40 क्लीनिक पंजीकृत हैं। सीएमओ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे नर्सिंग होम, पैथालॉजी व निजी अस्पतालों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। अभियान चलाकर जांच की जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शहर क्षेत्र के अलावा तहसीलों, ब्लॉकों व ग्रामीण क्षेत्रों में काफी संख्या में निजी अस्पतालों व पैथालॉजी का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। एक तो इनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, वहीं अन्य निर्धारित मानकों का भी पालन यहां नहीं किया जा रहा है। ऐसे अस्पतालों में अप्रशिक्षित लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अवैध तरीके से चल रहीं पैथालॉजी में भी यही हाल है। यहां बिना रेडियोलॉजिस्ट के ही अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है। अन्य जांचें भी अप्रशिक्षित लोग ही कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस प्रकार के अस्पताल सबसे ज्यादा महसी क्षेत्र में चल रहे हैं। कस्बाई इलाकों में इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है क्योंकि जांच टीमें ज्यादातर शहरी क्षेत्र में ही अभियान चलाती हैं। बताया जाता है कि बाबागंज में करीब तीन पैथालॉजी व आधा दर्जन निजी अस्पताल अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।
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जिला चिकित्सालय स्थित सीएमओ कार्यालय की सूची के अनुसार, जिले में 30 निजी अस्पताल, 45 पैथालॉजी व 40 क्लीनिक पंजीकृत हैं। सीएमओ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे नर्सिंग होम, पैथालॉजी व निजी अस्पतालों की जांच के लिए टीम का गठन किया गया है। अभियान चलाकर जांच की जाएगी। बिना रजिस्ट्रेशन मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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