{"_id":"62bb4044178e51653c2e25fb","slug":"bahraich-bahraich-news-lko6372641148","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिंजड़े में कैद हुआ बाघ, बाघिन की तलाश जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिंजड़े में कैद हुआ बाघ, बाघिन की तलाश जारी
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गायघाट (बहराइच)। आतंक का पर्याय बना बाघ आखिरकार पिंजडे़ में कैद हो गया। बाघ अब तक तीन ग्रामीणों को मौत के घाट उतार चुका है। बाघ को कतर्नियाघाट रेंज कार्यालय गया, लेकिन बाघिन की तलाश अब भी जारी है। वन विभाग ने ग्रामीणों को अलर्ट किया है कि जब तक बाघिन न पकड़ी जाए तब तक खेतों की ओर न जाएं। वहीं, पकड़े गये बाघ का परीक्षण कराने के बाद तय किया जाएगा कि उसे कहां छोड़ना है।
लखीमपुर खीरी व कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग का कई हिस्सा एक-दूसरे से सटा है। निघासन में बीते एक माह के अंदर बाघ ने तीन ग्रामीणों को निवाला बना लिया था। बाघ के आतंक को देखते हुए वन विभाग ने ट्रैप कैमरा लगवाया था। कैमरे में बाघ व बाघिन की तस्वीरें कैद र्हुइं थीं। तस्वीरें देखने के बाद वन महकमा अलर्ट हुआ और पिंजड़ा लगाया। मंगलवार सुबह बाघ पिंजड़े में कैद हो गया। इससे वन विभाग ने थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन बाघिन की तलाश में अब भी टीमें लगी हुईं हैं। प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग सुंदरेश ने बताया कि पिंजड़े में कैद बाघ नर है।
बाघ के कैद होने के बाद कैद हुई तस्वीर से पता लगा कि बाघिन कई बार बाघ के पास आई और उसे छुड़ाने के लिए परेशान दिखी। बाघ का परीक्षण कराने के बाद उसे छोड़ने के लिए स्थान तय किया जाएगा। बाघिन के कैद न होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक बाघिन पिंजड़े में कैद न हो जाए तब तक अकेले जंगल व खेतों की ओर बिल्कुल न जाएं। बाघिन को पकड़ने के लिए एसटीपीएफ के जवान, चार पशु चिकित्सक व वन विभाग की चार टीमें लगाई गईं हैं।
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वन विभाग के पिंजड़े में मंगलवार सुबह बाघ कैद हो गया। वह अब तक तीन लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। बाघिन को पकड़ने के लिए अब भी टीमें मुस्तैद हैं। जल्द ही बाघिन को भी पकड़ लिया जाएगा।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर
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लखीमपुर खीरी व कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग का कई हिस्सा एक-दूसरे से सटा है। निघासन में बीते एक माह के अंदर बाघ ने तीन ग्रामीणों को निवाला बना लिया था। बाघ के आतंक को देखते हुए वन विभाग ने ट्रैप कैमरा लगवाया था। कैमरे में बाघ व बाघिन की तस्वीरें कैद र्हुइं थीं। तस्वीरें देखने के बाद वन महकमा अलर्ट हुआ और पिंजड़ा लगाया। मंगलवार सुबह बाघ पिंजड़े में कैद हो गया। इससे वन विभाग ने थोड़ी राहत की सांस ली, लेकिन बाघिन की तलाश में अब भी टीमें लगी हुईं हैं। प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग सुंदरेश ने बताया कि पिंजड़े में कैद बाघ नर है।
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बाघ के कैद होने के बाद कैद हुई तस्वीर से पता लगा कि बाघिन कई बार बाघ के पास आई और उसे छुड़ाने के लिए परेशान दिखी। बाघ का परीक्षण कराने के बाद उसे छोड़ने के लिए स्थान तय किया जाएगा। बाघिन के कैद न होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक बाघिन पिंजड़े में कैद न हो जाए तब तक अकेले जंगल व खेतों की ओर बिल्कुल न जाएं। बाघिन को पकड़ने के लिए एसटीपीएफ के जवान, चार पशु चिकित्सक व वन विभाग की चार टीमें लगाई गईं हैं।
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वन विभाग के पिंजड़े में मंगलवार सुबह बाघ कैद हो गया। वह अब तक तीन लोगों को मौत के घाट उतार चुका है। बाघिन को पकड़ने के लिए अब भी टीमें मुस्तैद हैं। जल्द ही बाघिन को भी पकड़ लिया जाएगा।
- संजय पाठक, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व, लखीमपुर