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टूटी रेलिंग दे रही बड़े हादसे को दावत
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हुजूरपुर (बहराइच)। खुटेहना-कैसरगंज मार्ग पर सहसलमपुर गांव के पास सरयू नहर पर बना पुल बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। पुल के दोनों तरफ की रेलिंग टूट गई, जिससे आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं हो रही हैं। वहीं, मोड़ होने के चलते कई बार ट्रक भी पलट चुके हैं। राहगीरों की ओर से कई बार पुल के पुनर्निर्माण की गुहार लगाई गई है, लेकिन प्रशासनिक जिम्मेदार मौन हैं।
खुटेहना से हुजुरपुर होते हुए कैसरगंज में लखनऊ-बहराइच हाईवे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त पुल की वजह से दुर्घटना का कारण बन रहा है। मार्ग पर सहसलमपुर गांव के पास सड़क पर मोड़ है। इसी मोड़ के पास से गुजरी सरयू नहर पर पुल बना हुआ है जिसके दोनों तरफ की रेलिंग टूट गई है। मोड़ के चलते अक्सर राहगीरों को पुल पार करते समय गिरकर चोट खाते देखा जाता है। यही नहीं कई बार ट्रक भी पलट चुके हैं। बड़ी दुर्घटना की आशंका में कई बार लोगों ने प्रशासनिक जिम्मेदारों से पुल के पुनर्निर्माण की मांग की है, लेकिन जिम्मदारों का ढुलमुल रवैया जारी है।
बताते चलें कि मार्ग खुटेहना के आसपास के राहगीरों के लिए राजधानी से दूरी कम कर देता है। वहीं, पयागपुर, बलरामपुर, इकौना, खुटेहना, गिलौला आदि क्षेत्र के लोग राजधानी तक का सफर इसी मार्ग से तय करते हैं। इसके चलते इस मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। वहीं, लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्ग का निर्माण करवाया जा रहा है जो लगभग अंतिम चरण में है। मार्ग के दुरुस्त होने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही और बढ़ गई है। ऐसे में नहर में पानी होने पर पुल की रेलिंग टूटी होने पर किसी दिन बड़ी दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
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खुटेहना से हुजुरपुर होते हुए कैसरगंज में लखनऊ-बहराइच हाईवे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त पुल की वजह से दुर्घटना का कारण बन रहा है। मार्ग पर सहसलमपुर गांव के पास सड़क पर मोड़ है। इसी मोड़ के पास से गुजरी सरयू नहर पर पुल बना हुआ है जिसके दोनों तरफ की रेलिंग टूट गई है। मोड़ के चलते अक्सर राहगीरों को पुल पार करते समय गिरकर चोट खाते देखा जाता है। यही नहीं कई बार ट्रक भी पलट चुके हैं। बड़ी दुर्घटना की आशंका में कई बार लोगों ने प्रशासनिक जिम्मेदारों से पुल के पुनर्निर्माण की मांग की है, लेकिन जिम्मदारों का ढुलमुल रवैया जारी है।
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बताते चलें कि मार्ग खुटेहना के आसपास के राहगीरों के लिए राजधानी से दूरी कम कर देता है। वहीं, पयागपुर, बलरामपुर, इकौना, खुटेहना, गिलौला आदि क्षेत्र के लोग राजधानी तक का सफर इसी मार्ग से तय करते हैं। इसके चलते इस मार्ग पर वाहनों का भारी दबाव रहता है। वहीं, लोक निर्माण विभाग की ओर से मार्ग का निर्माण करवाया जा रहा है जो लगभग अंतिम चरण में है। मार्ग के दुरुस्त होने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही और बढ़ गई है। ऐसे में नहर में पानी होने पर पुल की रेलिंग टूटी होने पर किसी दिन बड़ी दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है।
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