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नशीले पदार्थ की तस्करी में 16 साल का कारावास
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बहराइच। चरस जैसे नशीले पदार्थ की तस्करी में बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नितिन पांडेय ने अभियुक्त को 16 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को एक लाख के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर अभियुक्त को दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक एनसीबी लखनऊ पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ के सूचना अधिकारी उदयभान मिश्रा व रामेश्वर दास की अगुवाई में 18 अगस्त 2018 को रुपईडीहा में भारत-नेपाल सीमा स्थित एसएसबी चौकी निबिया के पास एसएसबी के सहायक कमांडेंट जगजीत बहादुर जेगवार जांच कर रहे थे। इसी दौरान बॉर्डर स्थित पिलर संख्या 29 के पास एक नेपाली युवक बैग लेकर नेपाल से रुपईडीहा की तरफ आ रहा था। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि टीम ने युवक को रोककर उसके बैग की तलाशी ली।
इस दौरान बैग से नौ किला नौ सौ ग्राम चरस बरामद हुई थी। पूछताछ के दौरान नेपाली युवक ने अपना नाम प्रकाश बहादुर शाही निवासी बाटला आठ जिला अद्यम नेपाल बताया। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि एनसीबी व एसएसबी की टीम ने प्रकाश बहादुर को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को मामले में विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नितिन पांडेय के न्यायालय में बहस के दौरान न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोष सिद्ध करते हुए 16 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि न्यायाधीश ने अभियुक्त को दो लाख के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर अभियुक्त को दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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डीजीसी क्रिमिनल मुन्नूलाल मिश्रा ने बताया कि थाना फखरपुर के शिवनाथपुरवा निवासी शिवकुमार गुप्ता को थाना पयागपुर की पुलिस ने 13 नवंबर, 2016 को चरस के साथ गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को मुकदमे में सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नितिन पांडेय ने अभियुक्त की जुर्म स्वीकृति के आधार पर पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि न्यायाधीश ने अभियुक्त को 10 हजार रुपये की धनराशि से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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विशेष लोक अभियोजक एनसीबी लखनऊ पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ के सूचना अधिकारी उदयभान मिश्रा व रामेश्वर दास की अगुवाई में 18 अगस्त 2018 को रुपईडीहा में भारत-नेपाल सीमा स्थित एसएसबी चौकी निबिया के पास एसएसबी के सहायक कमांडेंट जगजीत बहादुर जेगवार जांच कर रहे थे। इसी दौरान बॉर्डर स्थित पिलर संख्या 29 के पास एक नेपाली युवक बैग लेकर नेपाल से रुपईडीहा की तरफ आ रहा था। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि टीम ने युवक को रोककर उसके बैग की तलाशी ली।
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इस दौरान बैग से नौ किला नौ सौ ग्राम चरस बरामद हुई थी। पूछताछ के दौरान नेपाली युवक ने अपना नाम प्रकाश बहादुर शाही निवासी बाटला आठ जिला अद्यम नेपाल बताया। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि एनसीबी व एसएसबी की टीम ने प्रकाश बहादुर को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को मामले में विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नितिन पांडेय के न्यायालय में बहस के दौरान न्यायाधीश ने अभियुक्त को दोष सिद्ध करते हुए 16 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि न्यायाधीश ने अभियुक्त को दो लाख के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर अभियुक्त को दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
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डीजीसी क्रिमिनल मुन्नूलाल मिश्रा ने बताया कि थाना फखरपुर के शिवनाथपुरवा निवासी शिवकुमार गुप्ता को थाना पयागपुर की पुलिस ने 13 नवंबर, 2016 को चरस के साथ गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को मुकदमे में सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट नितिन पांडेय ने अभियुक्त की जुर्म स्वीकृति के आधार पर पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि न्यायाधीश ने अभियुक्त को 10 हजार रुपये की धनराशि से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।