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मासूम के परिवारवालों के छलक उठे आंसू, न्यायपालिका पर जताया भरोसा
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16 बीएचआर 47 - बहराइच में स्थित जिला न्यायालय का मुख्य द्वारा।
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। पतरहिया गांव में दो माह पूर्व मासूम के साथ हुई हैवानियत को याद कर आज भी लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं। अदालत का फैसला आने के बाद मासूम सिंहनी के माता-पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। न्यायपालिका पर उनका भरोसा और भी मजबूत हुआ है। परिवार का कहना है कि अब दोषी को जल्द से जल्द फांसी के फंदे पर लटका कर ऐसी सोच रखने वालों को करारा जवाब दिया जाए।
कोतवाली नानपारा क्षेत्र के पतरहिया गांव में दो माह पूर्व डेढ़ वर्षीय दुधमुंही मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया था। निचली अदालत ने सोमवार को अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई जिस पर उसके माता-पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि न्यायपालिका पर उन्हें शुरू से ही भरोसा था मगर इतनी जल्दी फैसला आ जाएगा, यह उम्मीद नहीं थी। अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाकर समाज में छिपे ऐसे अपराधियों को सख्त संदेश दिया है। अब इस संदेश को और भी मजबूती के साथ समाज के सामने रखने के लिए आरोपी को तत्काल फांसी के फंदे पर लटका दिया जाना चाहिए। उधर, गांव के लोग भी मासूम सिंहनी के साथ यह घृणित कृत्य करने वाले को फांसी की सजा सुनाए जाने से काफी खुश दिखाई रहे हैं। सभी ने कहा कि मासूम बेटी सभी की दुलारी थी। उसे हमसे छीनने वाले वहशी को अदालत ने फांसी की सजा देकर न्याय किया है।
अपर सत्र न्यायाधीश नितिन पांडेय ने अदालत में सिद्धदोष अभियुक्त परशुराम को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद प्रतिकर परिवार को दिए जाने की भी संस्तुति की है। अदालत ने कहा कि यह घटना काफी विभत्स रही है। मृतका सिंहनी के माता एवं पिता उसकी मृत्यु से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। ऐसे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अभियुक्त को सुनाए गए 50 हजार के अर्थदंड को प्रतिकर के रूप में परिवार को दिए जाने की संस्तुति की गई है।
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कोतवाली नानपारा क्षेत्र के पतरहिया गांव में दो माह पूर्व डेढ़ वर्षीय दुधमुंही मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया था। निचली अदालत ने सोमवार को अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई जिस पर उसके माता-पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उनका कहना है कि न्यायपालिका पर उन्हें शुरू से ही भरोसा था मगर इतनी जल्दी फैसला आ जाएगा, यह उम्मीद नहीं थी। अदालत ने दोषी को फांसी की सजा सुनाकर समाज में छिपे ऐसे अपराधियों को सख्त संदेश दिया है। अब इस संदेश को और भी मजबूती के साथ समाज के सामने रखने के लिए आरोपी को तत्काल फांसी के फंदे पर लटका दिया जाना चाहिए। उधर, गांव के लोग भी मासूम सिंहनी के साथ यह घृणित कृत्य करने वाले को फांसी की सजा सुनाए जाने से काफी खुश दिखाई रहे हैं। सभी ने कहा कि मासूम बेटी सभी की दुलारी थी। उसे हमसे छीनने वाले वहशी को अदालत ने फांसी की सजा देकर न्याय किया है।
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अपर सत्र न्यायाधीश नितिन पांडेय ने अदालत में सिद्धदोष अभियुक्त परशुराम को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद प्रतिकर परिवार को दिए जाने की भी संस्तुति की है। अदालत ने कहा कि यह घटना काफी विभत्स रही है। मृतका सिंहनी के माता एवं पिता उसकी मृत्यु से सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। ऐसे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अभियुक्त को सुनाए गए 50 हजार के अर्थदंड को प्रतिकर के रूप में परिवार को दिए जाने की संस्तुति की गई है।
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