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बालक को उठा ले गया तेंदुआ, मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 15 Dec 2015 09:57 PM IST
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सिरसिया (श्रावस्ती)। वन कार्यालय सोहेलवा व प्राथमिक विद्यालय के मध्य से मंगलवार दोपहर खेत जा रहे एक बालक को तेंदुए ने उठा लिया। पीछे से आ रहे ग्रामीणों ने तेंदुए को दौड़ाया। तब तक तेंदुआ बालक को लेकर एक झाड़ी में छिप गया।
इससे पहले कि ग्रामीण झाड़ी को काट कर बच्चे को मुक्त कराते उसकी मौत हो गई। जबकि तेंदुआ जंगल में भाग गया।
सिरसिया थाना क्षेत्र का ग्राम सोहेलवा जंगल के बीच बसा है। जहां से वन कार्यालय सोहेलवा मात्र 500 मीटर की दूरी पर है।
मंगलवार को सोहेलवा निवासी रामदयाल गौतम अपने खेत में गेहूं की बोआई कर रहा था। उसने अपने बेटे रामजीते (9) को स्कूल न भेज कर उससे गेहूं का बीज लेकर खेत आने को कहा था।
दोपहर करीब 12 बजे रामजीते बीज लेकर खेत जा रहा था। जैसे ही वह प्राथमिक प्राथमिक विद्यालय सोहेलवा व वन कार्यालय के बीच पहुंचा तभी झाड़ियों में छिपे एक तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया।
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इससे पहले कि पीछे आ रहे ग्रामीण नान्हू व रक्षाराम कुछ कर पाते तेंदुआ रामजीते की गर्दन पकड़ कर झाड़ियों में भाग गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर पहुंचे अन्य ग्रामीण जब तक झाड़ियों को काट कर रामजीते को तेंदुए के चंगुल से मुक्त कराते उसकी मौत हो गई।
जबकि तेंदुआ ग्रामीणों की भीड़ देख बच्चे को छोड़ कर जंगल में भाग गया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम भिनगा सत्य प्रकाश वर्मा ने भी घटना स्थल का जायजा लिया।
वहीं सिरसिया पुलिस ने लाश का पंचनामा भराकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वनक्षेत्राधिकारी सोहेलवा रामानंद मौर्या का कहना था कि वह अपने स्तर से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का प्रयास करेंगे।
जौ भइया जात स्कूल तो बच जात जान...
सोहेलवा निवासी रामदयाल गौतम के तीन पुत्र शोभाराम, शिवकुमार व रामजीते सहित एक पुत्री अनीता थी। इनमें रामजीते सबसे छोटा था। जो अक्सर अपने पिता रामदयाल के आगे पीछे लगा रहता था।
रामदयाल भी हर काम में उसे अपने साथ रखता था। यही वजह थी कि मंगलवार को जब राम दयाल अपने खेत में गेहूं बोने जा रहा था तो उसने रामजीते से गेहूं का बीज लेकर आने को कहा था।
जबकि रामजीते की मां शिवरानी उसे स्कूल भेज रही थी। लेकिन रामजीते खेत जाने की जिद कर रहा था। इस पर शिवरानी भी मान गई थी। घटना के बाद शिवरानी बार बार यह कहकर बेहोश हो रही थी कि जौ भइया जात स्कूल तो बच जात हमरे लाल के जान।
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इससे पहले कि ग्रामीण झाड़ी को काट कर बच्चे को मुक्त कराते उसकी मौत हो गई। जबकि तेंदुआ जंगल में भाग गया।
सिरसिया थाना क्षेत्र का ग्राम सोहेलवा जंगल के बीच बसा है। जहां से वन कार्यालय सोहेलवा मात्र 500 मीटर की दूरी पर है।
मंगलवार को सोहेलवा निवासी रामदयाल गौतम अपने खेत में गेहूं की बोआई कर रहा था। उसने अपने बेटे रामजीते (9) को स्कूल न भेज कर उससे गेहूं का बीज लेकर खेत आने को कहा था।
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दोपहर करीब 12 बजे रामजीते बीज लेकर खेत जा रहा था। जैसे ही वह प्राथमिक प्राथमिक विद्यालय सोहेलवा व वन कार्यालय के बीच पहुंचा तभी झाड़ियों में छिपे एक तेंदुए ने उस पर हमला बोल दिया।
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इससे पहले कि पीछे आ रहे ग्रामीण नान्हू व रक्षाराम कुछ कर पाते तेंदुआ रामजीते की गर्दन पकड़ कर झाड़ियों में भाग गया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर पहुंचे अन्य ग्रामीण जब तक झाड़ियों को काट कर रामजीते को तेंदुए के चंगुल से मुक्त कराते उसकी मौत हो गई।
जबकि तेंदुआ ग्रामीणों की भीड़ देख बच्चे को छोड़ कर जंगल में भाग गया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम भिनगा सत्य प्रकाश वर्मा ने भी घटना स्थल का जायजा लिया।
वहीं सिरसिया पुलिस ने लाश का पंचनामा भराकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वनक्षेत्राधिकारी सोहेलवा रामानंद मौर्या का कहना था कि वह अपने स्तर से पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का प्रयास करेंगे।
जौ भइया जात स्कूल तो बच जात जान...
सोहेलवा निवासी रामदयाल गौतम के तीन पुत्र शोभाराम, शिवकुमार व रामजीते सहित एक पुत्री अनीता थी। इनमें रामजीते सबसे छोटा था। जो अक्सर अपने पिता रामदयाल के आगे पीछे लगा रहता था।
रामदयाल भी हर काम में उसे अपने साथ रखता था। यही वजह थी कि मंगलवार को जब राम दयाल अपने खेत में गेहूं बोने जा रहा था तो उसने रामजीते से गेहूं का बीज लेकर आने को कहा था।
जबकि रामजीते की मां शिवरानी उसे स्कूल भेज रही थी। लेकिन रामजीते खेत जाने की जिद कर रहा था। इस पर शिवरानी भी मान गई थी। घटना के बाद शिवरानी बार बार यह कहकर बेहोश हो रही थी कि जौ भइया जात स्कूल तो बच जात हमरे लाल के जान।