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Bahraich News: पांच ब्लॉकों में खुलेंगे आश्रम पद्धति विद्यालय
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बहराइच/मिहींपुरवा। आकांक्षी जनपद बहराइच के ग्रामीण और वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली बच्चों को अब नजदीक ही आवासीय शिक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड की पहल पर जिले के पांच विकासखंडों में एक-एक राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय (जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय) खोलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शासन ने प्रत्येक विद्यालय के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जिले में नए आश्रम पद्धति विद्यालय स्थापित कराने की मांग की थी। इसके बाद शासन ने मिहींपुरवा, नवाबगंज, महसी, शिवपुर और चितौरा में एक-एक विद्यालय प्रस्तावित किए हैं। सांसद ने कहा कि इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ आवास और भोजन की सुविधा मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को लाभ मिलेगा। दूर स्थित अच्छे आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी।
कक्षा छह से 12 तक निशुल्क शिक्षा
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा के साथ आवास, भोजन और वर्दी की सुविधा दी जाती है। इनका संचालन जवाहर नवोदय विद्यालय की तर्ज पर किया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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डीएम को जमीन चिह्नित करने के निर्देश
सांसद की मांग पर प्रमुख सचिव स्तर से जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजा गया है। इसमें जिलाधिकारी से पांचों प्रस्तावित विद्यालयों के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन चिह्नित कर समाज कल्याण विभाग के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। जमीन चिह्नित होने और शासन से स्वीकृति मिलने के बाद विद्यालयों की स्थापना की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।
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सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जिले में नए आश्रम पद्धति विद्यालय स्थापित कराने की मांग की थी। इसके बाद शासन ने मिहींपुरवा, नवाबगंज, महसी, शिवपुर और चितौरा में एक-एक विद्यालय प्रस्तावित किए हैं। सांसद ने कहा कि इन विद्यालयों में शिक्षा के साथ आवास और भोजन की सुविधा मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को लाभ मिलेगा। दूर स्थित अच्छे आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई का खर्च नहीं उठा पाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी।
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कक्षा छह से 12 तक निशुल्क शिक्षा
राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में कक्षा छह से 12 तक विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा के साथ आवास, भोजन और वर्दी की सुविधा दी जाती है। इनका संचालन जवाहर नवोदय विद्यालय की तर्ज पर किया जाता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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डीएम को जमीन चिह्नित करने के निर्देश
सांसद की मांग पर प्रमुख सचिव स्तर से जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजा गया है। इसमें जिलाधिकारी से पांचों प्रस्तावित विद्यालयों के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन चिह्नित कर समाज कल्याण विभाग के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। जमीन चिह्नित होने और शासन से स्वीकृति मिलने के बाद विद्यालयों की स्थापना की अगली प्रक्रिया शुरू होगी।