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राष्ट्र निर्माण में अहिल्याबाई होल्कर का योगदान अनुकरणीय : स्वांत रंजन
Tue, 06 May 2025 12:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 06 May 2025 12:14 AM IST
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बहराइच के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में सोमवार को आयोजित आरएसएस के कार्यक्रम में मौजूद मुख्य अ
बहराइच। सामाजिक समरसता गतिविधि एवं लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी समारोह समिति के तत्वाधान में सोमवार को सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्वांत रंजन ने कहा कि राष्ट्र तभी सशक्त होता है, जब राष्ट्र निर्माण का कार्य सतत चलता रहता है। राष्ट्र निर्माण में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंंने संपूर्ण भारत को जोड़ने का कार्य किया। विश्व में अनेक देशों की आक्रमणों से संस्कृति समाप्त हो गई, लेकिन भारत में महापुरुषों के त्याग के कारण संस्कृति अक्षुण्य बनी रही है। प्रांत प्रमुख राज किशोर ने अहिल्याबाई होलकर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता बावन मंदिर अयोध्या के महंत और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर त्रि-शताब्दी समारोह समिति अवध प्रांत के अध्यक्ष वैदेही वल्लभ शरण महाराज ने किया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर रवि गिरी जी महाराज, हनुमत धाम नगरौर के पीठाधीश्वर स्वामी विष्णु देवाचार्य जी महाराज, रंजीता वाल्मीकि, गंगा सिंह, महिरजध्वज, कृष्णानंद, अंबिका प्रसाद, कृष्ण कुमार, वसुदेव , भूपेंद्र, अंकुश,अजय आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि स्वांत रंजन ने कहा कि राष्ट्र तभी सशक्त होता है, जब राष्ट्र निर्माण का कार्य सतत चलता रहता है। राष्ट्र निर्माण में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन सभी के लिए अनुकरणीय है। उन्होंंने संपूर्ण भारत को जोड़ने का कार्य किया। विश्व में अनेक देशों की आक्रमणों से संस्कृति समाप्त हो गई, लेकिन भारत में महापुरुषों के त्याग के कारण संस्कृति अक्षुण्य बनी रही है। प्रांत प्रमुख राज किशोर ने अहिल्याबाई होलकर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता बावन मंदिर अयोध्या के महंत और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर त्रि-शताब्दी समारोह समिति अवध प्रांत के अध्यक्ष वैदेही वल्लभ शरण महाराज ने किया। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर रवि गिरी जी महाराज, हनुमत धाम नगरौर के पीठाधीश्वर स्वामी विष्णु देवाचार्य जी महाराज, रंजीता वाल्मीकि, गंगा सिंह, महिरजध्वज, कृष्णानंद, अंबिका प्रसाद, कृष्ण कुमार, वसुदेव , भूपेंद्र, अंकुश,अजय आदि मौजूद रहे।
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