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श्रावस्ती में 2646 परीक्षार्थियों ने छोड़ी हिंदी की परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 18 Feb 2016 09:41 PM IST
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श्रावस्ती। माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रारंभ हुई। पहले दिन की पहली पारी में हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा में 2646 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे।
वहीं इस दौरान तपसी इंटर कॉलेज सेमरहना में एक परीक्षार्थी नकल करते पकड़ा गया। उसके विरुद्ध नकल अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। परीक्षा के दौरान पुलिस समेत सचल दल व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त देखी गई।
यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन गुरुवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल हिंदी में पंजीकृत 12580 के सापेक्ष 9935 विद्यार्थी ही परीक्षा में सम्मलित हुए। इस दौरान 2645 परीक्षार्थी एग्जाम के दौरान नदारद रहे।
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वहीं प्रारंभिक हिंदी में पंजीकृत एक मात्र छात्र परीक्षा के दौरान नदारद रहा। पहले दिन हुई परीक्षा की पहली पाली में सिरसिया के तपसी इंटर कॉलेज सेमरहना में एक परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़ा गया। उसके विरुद्ध सिरसिया थाने में नकल अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कराया गया।
परीक्षा के दौरान जहां केंद्रों के बाहर स्थानीय पुलिस के जवान होमगार्डों के साथ मुस्तैद रहे, वहीं परीक्षा केंद्रों पर स्टे्रटिक मजिस्ट्रेटों द्वारा कड़ी चौकसी बरती गई।
इसी बीच डीआईओएस अनूप कुमार, बीएसए महेश प्रताप सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी गिरीश कुमार समेत नीलम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रमेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित सचल दस्तों द्वारा परीक्षा केंद्रों की औचक छापेमारी की गई।
स्वयं डीएम आर विक्रम सिंह, एडीएम आरबी सोनकर व क्षेत्रीय उप जिलाधिकारी भी केंद्रों पर पहुंच कर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए कड़ी चौकसी बरतते देखे गए।
सौ मीटर परिधि से दूर रहे अभिभावक
जिले में बनाए गए सभी 45 परीक्षा केंद्रों के बाहर चारों ओर पुलिस व होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया था। जवानों ने परीक्षा केंद्र के सौ मीटर परिधि के अंदर किसी को भी आने की अनुमत नहीं दी। ऐसे में अभिभावक भी परीक्षा केंद्र से सौ मीटर दूर मौजूद रहे।
सघन तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को मिला प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर मुख्य गेट व परीक्षा कक्ष गेट पर केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा परीक्षार्थियों की सघन तलाशी कराई गई। बिना तलाशी के किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में घुसने नहीं दिया गया।
स्थाई तो कहीं अस्थाई रही व्यवस्था
जिले में बनाए गए ज्यादातर परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सुविधा के अनुरूप प्रसाधन व पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पेयजल व्यवस्था में लगाया गया था। वहीं प्रसाधन कक्षों की कमी के कारण कई परीक्षा केंद्रों पर परिसर में ही अस्थाई व्यवस्था की गई है।
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वहीं इस दौरान तपसी इंटर कॉलेज सेमरहना में एक परीक्षार्थी नकल करते पकड़ा गया। उसके विरुद्ध नकल अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया गया है। परीक्षा के दौरान पुलिस समेत सचल दल व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त देखी गई।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के पहले दिन गुरुवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल हिंदी में पंजीकृत 12580 के सापेक्ष 9935 विद्यार्थी ही परीक्षा में सम्मलित हुए। इस दौरान 2645 परीक्षार्थी एग्जाम के दौरान नदारद रहे।
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वहीं प्रारंभिक हिंदी में पंजीकृत एक मात्र छात्र परीक्षा के दौरान नदारद रहा। पहले दिन हुई परीक्षा की पहली पाली में सिरसिया के तपसी इंटर कॉलेज सेमरहना में एक परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करते पकड़ा गया। उसके विरुद्ध सिरसिया थाने में नकल अधिनियम के तहत मामला पंजीकृत कराया गया।
परीक्षा के दौरान जहां केंद्रों के बाहर स्थानीय पुलिस के जवान होमगार्डों के साथ मुस्तैद रहे, वहीं परीक्षा केंद्रों पर स्टे्रटिक मजिस्ट्रेटों द्वारा कड़ी चौकसी बरती गई।
इसी बीच डीआईओएस अनूप कुमार, बीएसए महेश प्रताप सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी गिरीश कुमार समेत नीलम राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रमेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित सचल दस्तों द्वारा परीक्षा केंद्रों की औचक छापेमारी की गई।
स्वयं डीएम आर विक्रम सिंह, एडीएम आरबी सोनकर व क्षेत्रीय उप जिलाधिकारी भी केंद्रों पर पहुंच कर नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए कड़ी चौकसी बरतते देखे गए।
सौ मीटर परिधि से दूर रहे अभिभावक
जिले में बनाए गए सभी 45 परीक्षा केंद्रों के बाहर चारों ओर पुलिस व होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया था। जवानों ने परीक्षा केंद्र के सौ मीटर परिधि के अंदर किसी को भी आने की अनुमत नहीं दी। ऐसे में अभिभावक भी परीक्षा केंद्र से सौ मीटर दूर मौजूद रहे।
सघन तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को मिला प्रवेश
परीक्षा केंद्रों पर मुख्य गेट व परीक्षा कक्ष गेट पर केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा परीक्षार्थियों की सघन तलाशी कराई गई। बिना तलाशी के किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में घुसने नहीं दिया गया।
स्थाई तो कहीं अस्थाई रही व्यवस्था
जिले में बनाए गए ज्यादातर परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सुविधा के अनुरूप प्रसाधन व पेयजल की व्यवस्था न होने के कारण केंद्र व्यवस्थापकों द्वारा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पेयजल व्यवस्था में लगाया गया था। वहीं प्रसाधन कक्षों की कमी के कारण कई परीक्षा केंद्रों पर परिसर में ही अस्थाई व्यवस्था की गई है।