टयौढ़ी में महिला से छेड़छाड़ को लेकर फायरिंग
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घायलों में एक पक्ष के मनोज पुत्र रणवीर, बबली पत्नी मनोज निवासी टयौढ़ी, रूपक पुत्र सुरेंद्र निवासी कान्हड़ और दूसरे पक्ष के सोमदत्त पुत्र देवी चंद, कुलदीप और दीपक पुत्र सोमदत्त, अंकित पुत्र शिवदत्त निवासी टयौढ़ी शामिल हैं। मनोज पक्ष ने बताया उसकी पत्नी रविवार की सुबह खेत में खाना लेकर जा रही थी तो उसी रास्ते में 7-8 लोगों ने उसे बुरी नीयत से पकड़ लिया और उससे रेप का प्रयास किया।
शोर सुनकर जब मनोज और उसका भांजा रूपक वहां पहुंचे तो आरोपियों ने उन पर पिस्टल और तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी। जब अपनी जान बचाकर इधर उधर भाग तो उन्होंने घेरकर लाठी-डंडों से उन पर हमला बोल दिया और मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। एक गोली रूपक के सिर को छूती हुई निकल गई। इससे वह गंभीर घायल हो गया।
दूसरे तरफ सोमदत्त पक्ष ने बताया रूपक उसकी पुत्रवधू पर काफी दिनों से फब्बतियां कसता आ रहा था। 23 मार्च 2016 को भी रूपक ने उनके मकान पर फायरिंग की थी। इसमें वे बाल-बाल बचे थे। इसको लेकर झगड़ा भी हुआ था। इसे लेकर जब रविवार को वे अपने खेत में गेहूं काट रहे थे तो मनोज और रूपक ने उनके ऊपर फायरिंग कर दी।
इससे उन्होंने इधर-उधर भागकर जान बचाई। इसके बाद उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इसकी सूचना पर पुलिस गांव पहुंची और दोनों पक्षों के घायलों को सीएचसी बड़ौत में भर्ती कराया। सीएचसी से गंभीर हालत में मनोज और रूपक को जिला अस्पताल रेफर किया। इस संबंध में दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस से नोंक झोंक हुई
बड़ौत। सीएचसी में जिस समय सोमदत्त पक्ष के लोगों का मेडिकल हो रहा था तो उसी समय मनोज पक्ष की तरफ से छपरौली के पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र सिंह वहां पहुंच गए। इसको लेकर सोमदत्त पक्ष ने एतराज जताया और पुलिस ने उन्हें वहां से हटने को कहा। इस पर पुलिस ने जब वीरेंद्र सिंह को वहां से जाने को कहा तो वे पुलिस से भिड़ गए। पुलिस की उनके साथ काफी नोंक झोंक हुई।