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स्कूलों का मिला साथ तो टीकाकरण ने पकड़ी रफ्तार
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जहां शुरुआत में किशोरों को कोरोना रोधी टीका लगाने में स्थिति काफी खराब रही। अब वहीं स्कूलों का साथ मिलने पर टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। टीका लगवाने के लिए किशोरों में भी उत्साह दिख रहा है। वह टीका लगवाने के लिए आगे खड़े दिख रहे है। अब किशोरों को दूसरी डोज लगनी शुरू हो गई हैं। इनमें भी स्कूलों का सहयोग अहम है।
यहां 12-14 वर्ष की उम्र वाले 55 हजार 197 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य है। जब मार्च में टीका लगाने की शुरूआत हुई तो पहले दस दिन में केवल 56 को टीका लगाया गया। उस वक्त तक स्कूलों में परीक्षा के चलते कैंप नहीं लगाए जा रहे थे। केवल जिला अस्पताल व सीएचसी में टीका लगाया जा रहा था। यहां टीका लगवाने के लिए किशोर नहीं पहुंच रहे थे। अब स्कूलों में कैंप लगने शुरू हुए तो टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। अब एक महीने में 49 हजार 299 को पहली डोज लग चुकी है। इसके साथ ही 500 से ज्यादा को दूसरी डोज लग चुकी है। अब पांच से 12 साल की उम्र वाले बच्चों को टीका लगाने की तैयारी है। इसमें भी स्कूलों की अहम भागीदारी रहेगी।
अब कोरोना का डर नहीं
मैंने स्कूल में कैंप लगते ही टीका लगवाया है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। अब कोरोना का डर नहीं है और पढ़ाई भी अच्छे से कर रहे हैं।-वंशिका छात्रा
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बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी
स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण कराया गया। स्कूलों में सभी किशोरों को टीका लग चुका है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है।-अमित चौहान, प्रिंसीपल गेटवे इंटरनेशनल स्कूल
किशोरों को टीकाकरण की शुरूआत हुई तो स्कूलों में परीक्षा व अन्य कारणों से व्यवस्था नहीं बन पाई थी। जब स्कूलों में कैंप लगाने शुरू किए तो टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। अब लक्ष्य के पास पहुंच गए हैं। 12-15 वर्ष की उम्र वालों को दूसरी डोज लगानी शुरू कर दी है।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ
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बागपत। जहां शुरुआत में किशोरों को कोरोना रोधी टीका लगाने में स्थिति काफी खराब रही। अब वहीं स्कूलों का साथ मिलने पर टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। टीका लगवाने के लिए किशोरों में भी उत्साह दिख रहा है। वह टीका लगवाने के लिए आगे खड़े दिख रहे है। अब किशोरों को दूसरी डोज लगनी शुरू हो गई हैं। इनमें भी स्कूलों का सहयोग अहम है।
यहां 12-14 वर्ष की उम्र वाले 55 हजार 197 बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य है। जब मार्च में टीका लगाने की शुरूआत हुई तो पहले दस दिन में केवल 56 को टीका लगाया गया। उस वक्त तक स्कूलों में परीक्षा के चलते कैंप नहीं लगाए जा रहे थे। केवल जिला अस्पताल व सीएचसी में टीका लगाया जा रहा था। यहां टीका लगवाने के लिए किशोर नहीं पहुंच रहे थे। अब स्कूलों में कैंप लगने शुरू हुए तो टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। अब एक महीने में 49 हजार 299 को पहली डोज लग चुकी है। इसके साथ ही 500 से ज्यादा को दूसरी डोज लग चुकी है। अब पांच से 12 साल की उम्र वाले बच्चों को टीका लगाने की तैयारी है। इसमें भी स्कूलों की अहम भागीदारी रहेगी।
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अब कोरोना का डर नहीं
मैंने स्कूल में कैंप लगते ही टीका लगवाया है। कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। अब कोरोना का डर नहीं है और पढ़ाई भी अच्छे से कर रहे हैं।-वंशिका छात्रा
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बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी
स्कूलों में कैंप लगाकर टीकाकरण कराया गया। स्कूलों में सभी किशोरों को टीका लग चुका है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगवाना जरूरी है।-अमित चौहान, प्रिंसीपल गेटवे इंटरनेशनल स्कूल
किशोरों को टीकाकरण की शुरूआत हुई तो स्कूलों में परीक्षा व अन्य कारणों से व्यवस्था नहीं बन पाई थी। जब स्कूलों में कैंप लगाने शुरू किए तो टीकाकरण ने रफ्तार पकड़ी। अब लक्ष्य के पास पहुंच गए हैं। 12-15 वर्ष की उम्र वालों को दूसरी डोज लगानी शुरू कर दी है।-डॉ. दिनेश कुमार, सीएमओ