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जमीन बचाने के लिए किसानों को बदलना होगा फसल चक्र
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बागपत के सम्राट पृथ्वीराज डिग्री कालेज के मैदान में आयेजित किसान मेले में किसानों को सम्मानित क?
- फोटो : BAGHPAT
मेरठ और सहारनपुर मंडल के ध्यानार्थ
एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय किसान मेले का आयोजन
मेरठ और सहारनपुर मंडल के किसान हुए शामिल
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि जैविक खेती की ओर लौटे किसान
फोटो संख्या-एक की सीरीज
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय किसान मेले में पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों से आह्वान किया गया वह फसल चक्र बदलने पर ध्यान दें। गेहूं और गन्ने के साथ अन्य फसलों का प्रयोग करें। जमीन की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने के लिए दलहनी फसलों की बुवाई करें। जोत सिमट रही है, मुनाफे के लिए खेती में प्रयोग किए जाने जरूरी हैं।
एसपीआरसी डिग्री कॉलेज के मैदान पर एकदिनी मेले का उद्घाटन बड़ौत विधायक केपी मलिक ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए पूरे प्रयास कर रही हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी, डॉ. राजकुमार कौशिक, डॉ. रविंद्र मलिक ने कहा कि फसल चक्र बदलने से धरती की उपजाऊ शक्ति बनी रहेगी। यह भविष्य के लिए जरूरी है। किसानों से जल संरक्षण का आह्वान भी किया।
डीएम शकुंतला गौतम ने कहा कि किसान समाज में अन्नदाता के रूप में योगदान देता है। उनके समग्र विकास के लिए प्रशासन तत्पर हैं। किसान अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लें। किसान गन्ने की फसल के अलावा जैविक खेती की फसल को भी उगाएं। ऐसी फसल उगाने से किसान का जीवन स्तर ऊंचा होता है। नए-नए विकास के आयाम खुलेंगे। सीडीओ पीसी जायसवाल, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. गजेंद्र पाल सिंह, महेश खोखर, धर्मेंद्र सिंह, जयकुमार शर्मा मौजूद रहे।
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लगे 25 स्टॉल, उपयोगी जानकारी दी
बागपत। एडीओ महेश खोखर ने बताया कि किसान मेले में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए। प्रगतिशील किसान, गन्ना, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, सहकारिता एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अतिरिक्त भारतीय गेहूं एवं जो अनुसंधान संस्थान करनाल और निजी क्षेत्र के कृषि यंत्रों एवं सोलर पंप से संबंधित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। किसानों को जानकारी उपलब्ध कराई गई।
स्वयं सहायता समूह को सराहा
बागपत। डीएम शकुंतला गौतम ने स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए जा रहे उपकरणों की सराहनीय प्रशंसा की। उन्होंने महिला मुन्नी फिरदोसी के प्रयास की सराहना की।
इन्हें किया सम्मानित
बागपत। वर्मी कंपोस्ट के लिए दर्शना सिंह, विनोद कुमार को ड्रिप सिंचाई, धर्मेंद्र सिंह को लेमन ग्रास की खेती, उदयवीर सिंह को गेहूं की जैविक खेती, पंकज कुमार को मसूर, सरसों एवं गेहूं की जैविक खेती, विजय सिंह को गन्ने की फसल में जैविक तकनीकी से खेती कर गुड़ तैयार करने और, संजीव और सुधीर खोखर को पॉली हाउस लगाकर गुलाब के फूलों की खेती करने पर सम्मानित किया गया।
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एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय किसान मेले का आयोजन
मेरठ और सहारनपुर मंडल के किसान हुए शामिल
कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि जैविक खेती की ओर लौटे किसान
फोटो संख्या-एक की सीरीज
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। एग्रो क्लाइमेटिक जोन स्तरीय किसान मेले में पश्चिम उत्तर प्रदेश के किसानों से आह्वान किया गया वह फसल चक्र बदलने पर ध्यान दें। गेहूं और गन्ने के साथ अन्य फसलों का प्रयोग करें। जमीन की उपजाऊ शक्ति बनाए रखने के लिए दलहनी फसलों की बुवाई करें। जोत सिमट रही है, मुनाफे के लिए खेती में प्रयोग किए जाने जरूरी हैं।
एसपीआरसी डिग्री कॉलेज के मैदान पर एकदिनी मेले का उद्घाटन बड़ौत विधायक केपी मलिक ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए पूरे प्रयास कर रही हैं। कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी, डॉ. राजकुमार कौशिक, डॉ. रविंद्र मलिक ने कहा कि फसल चक्र बदलने से धरती की उपजाऊ शक्ति बनी रहेगी। यह भविष्य के लिए जरूरी है। किसानों से जल संरक्षण का आह्वान भी किया।
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डीएम शकुंतला गौतम ने कहा कि किसान समाज में अन्नदाता के रूप में योगदान देता है। उनके समग्र विकास के लिए प्रशासन तत्पर हैं। किसान अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लें। किसान गन्ने की फसल के अलावा जैविक खेती की फसल को भी उगाएं। ऐसी फसल उगाने से किसान का जीवन स्तर ऊंचा होता है। नए-नए विकास के आयाम खुलेंगे। सीडीओ पीसी जायसवाल, जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र सिंह, डॉ. गजेंद्र पाल सिंह, महेश खोखर, धर्मेंद्र सिंह, जयकुमार शर्मा मौजूद रहे।
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लगे 25 स्टॉल, उपयोगी जानकारी दी
बागपत। एडीओ महेश खोखर ने बताया कि किसान मेले में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाए। प्रगतिशील किसान, गन्ना, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, सहकारिता एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अतिरिक्त भारतीय गेहूं एवं जो अनुसंधान संस्थान करनाल और निजी क्षेत्र के कृषि यंत्रों एवं सोलर पंप से संबंधित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। किसानों को जानकारी उपलब्ध कराई गई।
स्वयं सहायता समूह को सराहा
बागपत। डीएम शकुंतला गौतम ने स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए जा रहे उपकरणों की सराहनीय प्रशंसा की। उन्होंने महिला मुन्नी फिरदोसी के प्रयास की सराहना की।
इन्हें किया सम्मानित
बागपत। वर्मी कंपोस्ट के लिए दर्शना सिंह, विनोद कुमार को ड्रिप सिंचाई, धर्मेंद्र सिंह को लेमन ग्रास की खेती, उदयवीर सिंह को गेहूं की जैविक खेती, पंकज कुमार को मसूर, सरसों एवं गेहूं की जैविक खेती, विजय सिंह को गन्ने की फसल में जैविक तकनीकी से खेती कर गुड़ तैयार करने और, संजीव और सुधीर खोखर को पॉली हाउस लगाकर गुलाब के फूलों की खेती करने पर सम्मानित किया गया।