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मलकपुर का गन्ना नहीं लेंगी चीनी मिलें
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
Updated Thu, 24 Nov 2016 12:05 AM IST
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बागपत में चीनी मिलों के प्रतिनिधियों की बैठक लेते जिला गन्ना अधिकारी।
- फोटो : maar ujala
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बागपत। मलकपुर चीनी मिल के पेराई सत्र पर संकट के बीच किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वेस्ट यूपी की अन्य चीनी मिलों ने मलकपुर क्षेत्र के किसानों का गन्ना लेने से इंकार कर दिया है। इस पर किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। किसानों का गन्ना खेत में खड़ा है, जिस कारण गेहूं बुआई का संकट भी पैदा हो रहा है।
मलकपुर शुगर मिल पर किसानों के करीब 235 करोड़ रुपये बकाया हैं। किसान नाराज हैं और मिल के नए पेराई सत्र को लेकर संशय के हालात है। किसानों के गन्ने की पेराई कराने के लिए जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार की ओर से बुधवार को अन्य चीनी मिलों के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें भैसाना, गांगनौली, दौराला, सिंभावली, बृजनाथपुर, किनौनी और तितावी मिल के प्रतिनिधि शामिल हुए। डीसीओ सुशील कुमार ने बताया कि इन चीनी मिलों ने मलकपुर क्षेत्र के किसानों का गन्ना लेने से इंकार कर दिया है। मिलों का कहना है कि उनके पास पहले से ही पर्याप्त गन्ना है, जिस कारण वह इस क्षेत्र का गन्ना लेने में असमर्थ है। मिलों के इंकार करने से किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो सकती है।
उधर, प्रशासन भी यह नहीं समझ पा रहा है कि आखिर किसानों के गन्ने को कैसे एडजेस्ट करें। क्योंकि किसानों का गन्ना खेत में खड़ा है, गेहूं की बुआई का दबाव है और यहां रोज हंगामे प्रदर्शन हो रहे हैं। डीसीओ ने बताया कि मिलों के इंकार के बावजूद गन्ना आयुक्त को वैकल्पिक प्रस्ताव तैयार कराकर भेजा गया है। केशवराम चौधरी, ब्रह्मप्रकाश, प्रदीप कुमार शर्मा, ओमप्रकाश, अनिल सिंह, कुलजीत पंवार, मुनेंद्र सिंह, योगेंद्र मौजूद रहे।
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भुगतान नहीं होने पर दी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
दोघट। भैसाना चीनी मिल की ओर से पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बकाया गन्ना भुगतान उनके खातों में नहीं पहुंचा तो धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे।किसानों ने बताया कि भैसाना चीनी मिल पर पेराई सत्र 2015-16 का कई करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। जबकि मिल ने पेराई सत्र 2016-17 शुरू हो चुका है। मिल अधिकारियों ने पेराई सत्र शुरू होने से पहले पूर्ण भुगतान करने का वादा किया था। जो अभी तक नहीं किया गया है।
इसलिए किसानों में आक्रोश व्याप्त है। चेतावनी दी है कि शीघ्र ही बकाया भुगतान नहीं भेजा गया तो वे धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। उन्होंने मिल अधिकारियों से इंडेंट जल्दी-जल्दी से जारी करने की भी मांग की है। पर्चियां अधिक आने से उनके खेत समय पर खाली हो जाएंगी और समय पर गेहूं की बुवाई हो सकेगी। चेतावनी देने वालों में राजेंद्र, हरपाल, पूरण सिंह, रविंद्र, ब्रजपाल, नीरज, धीर सिंह, जसवीर, रामफल, यासीन, सुबेद्दीन आदि रहे।
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मलकपुर शुगर मिल पर किसानों के करीब 235 करोड़ रुपये बकाया हैं। किसान नाराज हैं और मिल के नए पेराई सत्र को लेकर संशय के हालात है। किसानों के गन्ने की पेराई कराने के लिए जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार की ओर से बुधवार को अन्य चीनी मिलों के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें भैसाना, गांगनौली, दौराला, सिंभावली, बृजनाथपुर, किनौनी और तितावी मिल के प्रतिनिधि शामिल हुए। डीसीओ सुशील कुमार ने बताया कि इन चीनी मिलों ने मलकपुर क्षेत्र के किसानों का गन्ना लेने से इंकार कर दिया है। मिलों का कहना है कि उनके पास पहले से ही पर्याप्त गन्ना है, जिस कारण वह इस क्षेत्र का गन्ना लेने में असमर्थ है। मिलों के इंकार करने से किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी हो सकती है।
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उधर, प्रशासन भी यह नहीं समझ पा रहा है कि आखिर किसानों के गन्ने को कैसे एडजेस्ट करें। क्योंकि किसानों का गन्ना खेत में खड़ा है, गेहूं की बुआई का दबाव है और यहां रोज हंगामे प्रदर्शन हो रहे हैं। डीसीओ ने बताया कि मिलों के इंकार के बावजूद गन्ना आयुक्त को वैकल्पिक प्रस्ताव तैयार कराकर भेजा गया है। केशवराम चौधरी, ब्रह्मप्रकाश, प्रदीप कुमार शर्मा, ओमप्रकाश, अनिल सिंह, कुलजीत पंवार, मुनेंद्र सिंह, योगेंद्र मौजूद रहे।
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भुगतान नहीं होने पर दी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
दोघट। भैसाना चीनी मिल की ओर से पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही बकाया गन्ना भुगतान उनके खातों में नहीं पहुंचा तो धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे।किसानों ने बताया कि भैसाना चीनी मिल पर पेराई सत्र 2015-16 का कई करोड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है। जबकि मिल ने पेराई सत्र 2016-17 शुरू हो चुका है। मिल अधिकारियों ने पेराई सत्र शुरू होने से पहले पूर्ण भुगतान करने का वादा किया था। जो अभी तक नहीं किया गया है।
इसलिए किसानों में आक्रोश व्याप्त है। चेतावनी दी है कि शीघ्र ही बकाया भुगतान नहीं भेजा गया तो वे धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। उन्होंने मिल अधिकारियों से इंडेंट जल्दी-जल्दी से जारी करने की भी मांग की है। पर्चियां अधिक आने से उनके खेत समय पर खाली हो जाएंगी और समय पर गेहूं की बुवाई हो सकेगी। चेतावनी देने वालों में राजेंद्र, हरपाल, पूरण सिंह, रविंद्र, ब्रजपाल, नीरज, धीर सिंह, जसवीर, रामफल, यासीन, सुबेद्दीन आदि रहे।