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Baghpat News: पश्चिमी उप्र, हरियाणा, पंजाब, बिहार, दिल्ली में फैली हुई हैं सॉल्वर गैंग की जड़ें
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आवास विकास कालोनी बड़ौत में पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों को जेल भेजते पुलिसकर्मी। संवाद
बड़ौत। अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने व उनसे मोटी रकम वसूलने का खेल बागपत में पिछले 11 सालों से चला आ रहा है। चाहे पुलिस भर्ती हो या फिर लेखपाल भर्ती व यूपी टीईटी समेत राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की संवर्ग परीक्षा सभी में जनपद के सॉल्वर गैंग सदस्य सक्रिय रहे हैं। अब तक दो ग्राम विकास अधिकारी समेत 30 से अधिक सॉल्वर गैंग के सदस्य यहां से पकड़े जा चुके हैं।
पुलिस भर्ती, लेखपाल भर्ती समेत कई परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर गैंग के सदस्यों के बैठाने का सबसे पहला मामला सन 2013 में आया था। पुलिस की जांच में इसमें बड़ौत के अरविंद राणा का नाम सामने आया। पुलिस कई बार अरविंद राणा को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। इसके बाद लगातार सॉल्वर गैंग का नेटवर्क बागपत से हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों तक फैलता जा रहा है। पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि सॉल्वर कोचिंग सेंटरों से ही तैयार किए जाते हैं और अभ्यर्थियों से रकम तय करने और भरोसा दिलाने का काम कोचिंग सेंटर संचालक करते हैं।
- सॉल्वर गैंग के ये अभी तक जा चुके हैं जेल
पुलिस अभी तक साॅल्वर गैंग के सरगना अरविंद राणा, जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुका शकील निवासी बागपत, बागपत के सांकलपुट्ठी निवासी विश्वेंद्र डागर और खेकड़ा के बसी निवासी सचिन, बालैनी का सॉल्वर अजय, छपरौली क्षेत्र के शेरपुर लुहारा गांव निवासी संजीव कुमार सरोहा और सोनू निवासी बड़ौत, हेवा निवासी विक्रांत, बड़ौत निवासी गौरव कुमार, सचिन, अंकित कुमार व संदीप निवासी तिलवाड़ा समेत 30 से अधिक सॉल्वर गैंग के सदस्यों को पकड़कर जेल भेज चुकी है।
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- दो ग्राम विकास अधिकारी भी परीक्षा में कर चुके है सेंधमारी
उप्र पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में पकड़ा सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड कर्मवीर निवासी बिहारीपुर अकेला नहीं है, इससे पहले भी 27 दिसंबर 2018 यूपीएसएसएससी की परीक्षा में एक आरोपी ग्राम विकास अधिकारी अमित वर्मा निवासी छपरौली को पुलिस जेल भेज चुकी है।
- भर्ती व परीक्षा मेंं पास करने की गांरटी पर वसूलते हैं मोटी रकम
पुलिस के अनुसार साॅल्वर गैंग के सदस्य नौकरी के लिए भटक रहे युवाओं से भर्ती व परीक्षा में पास कराने के नाम पर छह से आठ लाख वसूलते हैं। ऐसा न होेने पर कुछ पैसे लौटाने के बाद गांव व क्षेत्र से चंपत हो जाते हैं।
वर्जन- लगातार सॉल्वर गैंग के सदस्यों को पकड़े जाने का काम पुलिस द्वारा किया जा रहा है, पुलिस का हर संभव प्रयास रहता है कि परीक्षाएं व भर्ती नकलविहीन हों। -सविरत्न गौतम सीओ बड़ौत।
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पुलिस भर्ती, लेखपाल भर्ती समेत कई परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर गैंग के सदस्यों के बैठाने का सबसे पहला मामला सन 2013 में आया था। पुलिस की जांच में इसमें बड़ौत के अरविंद राणा का नाम सामने आया। पुलिस कई बार अरविंद राणा को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। इसके बाद लगातार सॉल्वर गैंग का नेटवर्क बागपत से हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों तक फैलता जा रहा है। पुलिस की जांच में यह भी खुलासा हुआ था कि सॉल्वर कोचिंग सेंटरों से ही तैयार किए जाते हैं और अभ्यर्थियों से रकम तय करने और भरोसा दिलाने का काम कोचिंग सेंटर संचालक करते हैं।
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- सॉल्वर गैंग के ये अभी तक जा चुके हैं जेल
पुलिस अभी तक साॅल्वर गैंग के सरगना अरविंद राणा, जिला पंचायत का चुनाव लड़ चुका शकील निवासी बागपत, बागपत के सांकलपुट्ठी निवासी विश्वेंद्र डागर और खेकड़ा के बसी निवासी सचिन, बालैनी का सॉल्वर अजय, छपरौली क्षेत्र के शेरपुर लुहारा गांव निवासी संजीव कुमार सरोहा और सोनू निवासी बड़ौत, हेवा निवासी विक्रांत, बड़ौत निवासी गौरव कुमार, सचिन, अंकित कुमार व संदीप निवासी तिलवाड़ा समेत 30 से अधिक सॉल्वर गैंग के सदस्यों को पकड़कर जेल भेज चुकी है।
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- दो ग्राम विकास अधिकारी भी परीक्षा में कर चुके है सेंधमारी
उप्र पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में पकड़ा सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड कर्मवीर निवासी बिहारीपुर अकेला नहीं है, इससे पहले भी 27 दिसंबर 2018 यूपीएसएसएससी की परीक्षा में एक आरोपी ग्राम विकास अधिकारी अमित वर्मा निवासी छपरौली को पुलिस जेल भेज चुकी है।
- भर्ती व परीक्षा मेंं पास करने की गांरटी पर वसूलते हैं मोटी रकम
पुलिस के अनुसार साॅल्वर गैंग के सदस्य नौकरी के लिए भटक रहे युवाओं से भर्ती व परीक्षा में पास कराने के नाम पर छह से आठ लाख वसूलते हैं। ऐसा न होेने पर कुछ पैसे लौटाने के बाद गांव व क्षेत्र से चंपत हो जाते हैं।
वर्जन- लगातार सॉल्वर गैंग के सदस्यों को पकड़े जाने का काम पुलिस द्वारा किया जा रहा है, पुलिस का हर संभव प्रयास रहता है कि परीक्षाएं व भर्ती नकलविहीन हों। -सविरत्न गौतम सीओ बड़ौत।