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कोताना गांव के जंगल में टूटा रजवाहा, 50 बीघा फसल डूबी
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बड़ौत के कोताना गांव में रजवाहा टूटने से जलमग्न हुई फसल
- फोटो : BARAUT
कोताना गांव के जंगल में टूटा रजवाहा, 50 बीघा फसल डूबी
बड़ौत (बागपत)। कोताना गांव के पास से गुजर रहे रजवाहे के टूटने के कारण शुक्रवार को कई गांवों के किसानों की करीब 50 बीघा ईख व गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग अधिकारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की।
सिंचाई विभाग के अफसरों की अनदेखी का खामियाजा शुक्रवार को कोताना, लुहारी व जागोस गांव के किसानों को भुगतना पड़ा। कोताना गांव के पास से रजवाहा गुजर रहा है। इसका बांध बृहस्पतिवार की देर रात टूट गया और लुहारी निवासी महिपाल सिंह, यशपाल, जयसिंह, आशीष, संजय सहित कोताना व जागोस गांव के किसानों की 50 बीघा से अधिक गेहूं व ईख की फसल जलमग्न हो गई। किसानों का आरोप है कि रात में ही सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर तक कोई कार्रवाई नहंी की गई। बाद में किसानों ने मिलकर बमुश्किल से रजवाहे के बांध की मरम्मत की। इसके बाद किसानों ने फसल के मुआवजे को लेकर प्रदर्शन किया। उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार का कहना था कि सूचना मिलते ही तुरंत कर्मचारियों को भेज दिया गया था। यदि रजवाहे के टूटने से फसल बर्बाद हुई है तो उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
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बड़ौत (बागपत)। कोताना गांव के पास से गुजर रहे रजवाहे के टूटने के कारण शुक्रवार को कई गांवों के किसानों की करीब 50 बीघा ईख व गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। सूचना देने के बाद भी सिंचाई विभाग अधिकारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की।
सिंचाई विभाग के अफसरों की अनदेखी का खामियाजा शुक्रवार को कोताना, लुहारी व जागोस गांव के किसानों को भुगतना पड़ा। कोताना गांव के पास से रजवाहा गुजर रहा है। इसका बांध बृहस्पतिवार की देर रात टूट गया और लुहारी निवासी महिपाल सिंह, यशपाल, जयसिंह, आशीष, संजय सहित कोताना व जागोस गांव के किसानों की 50 बीघा से अधिक गेहूं व ईख की फसल जलमग्न हो गई। किसानों का आरोप है कि रात में ही सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी गई थी, लेकिन शुक्रवार दोपहर तक कोई कार्रवाई नहंी की गई। बाद में किसानों ने मिलकर बमुश्किल से रजवाहे के बांध की मरम्मत की। इसके बाद किसानों ने फसल के मुआवजे को लेकर प्रदर्शन किया। उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजीव कुमार का कहना था कि सूचना मिलते ही तुरंत कर्मचारियों को भेज दिया गया था। यदि रजवाहे के टूटने से फसल बर्बाद हुई है तो उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
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