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Baghpat News: कर्ज लेकर राजबाला ने ठेके पर ली जमीन, खेती करके पहचान बनाई
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कर्ज लेकर राजबाला ने ठेके पर ली जमीन, खेती करके पहचान बनाई से संबंधित। खेत में गन्ना छिलाई करत
- शेरपुर गांव की राजबाला वैज्ञानिक विधि से खेती कर फसल उत्पादन बढ़ाकर कर रहीं अच्छी कमाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। शेरपुर गांव की राजबाला ने बैंक से कर्ज लेकर ठेके पर 40 बीघा जमीन ली और उसमें वैज्ञानिक विधि से खेती करके अच्छी कमाई कर प्रगतिशील महिला किसान के रूप में पहचान बनाई है। उनकी मेहनत व लगन को देखकर अन्य महिलाओं में भी खेती करने के लिए जागरूकता बढ़ी है। वह भी नई तकनीक को अपनाकर खेती कर रही हैं।
राजबाला ने बताया कि परिवार का खर्च चलाने के लिए आमदनी बढ़ाने का कोई स्रोत नजर नहीं आया तो वह एक समूह से जुड़ी। इसके बाद समूह के माध्यम से बैंक से लोन लिया और उससे गांव में ही करीब 40 बीघा जमीन ठेके पर ली। वैज्ञानिक विधि के अनुसार सरसों, गन्ना, ज्वार, धान आदि फसलाें को उगाकर अच्छी कमाई कर रही हैं। बताया कि उनके साथ परिवार के सदस्य भी खेती में सहयोग करते हैं।
पिछले पांच साल से वह खेती कर रही हैं। उनकी मेहनत व लगन से प्रेरित होकर गांव की सुमन व सीमा भी इस राह पर चलने लगी हैं। वह भी ठेके पर जमीन लेकर खेती कर रही हैं और उससे आमदनी कर परिवार चला रही हैं।
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- पहले घर और फिर खेत में जाकर करती हैं काम
राजबाला ने बताया कि पहले सुबह उठकर घर में करती हैं फिर खेत में जाकर मेहनत करती हैं। गन्ने की फसल में निराई-गुड़ाई, बंधाई व छिलाई परिवार वालों के साथ स्वयं करती हैं। बताया कि खेती से संबंधित कोई भी कार्य ठेके पर नहीं कराती हैं। इस मेहनत व लगन को देखते हुए गांव में महिला किसान के रूप में अलग पहचान बनाए हुए है। जिनकी हर कोई चर्चा कर उदाहरण देता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। शेरपुर गांव की राजबाला ने बैंक से कर्ज लेकर ठेके पर 40 बीघा जमीन ली और उसमें वैज्ञानिक विधि से खेती करके अच्छी कमाई कर प्रगतिशील महिला किसान के रूप में पहचान बनाई है। उनकी मेहनत व लगन को देखकर अन्य महिलाओं में भी खेती करने के लिए जागरूकता बढ़ी है। वह भी नई तकनीक को अपनाकर खेती कर रही हैं।
राजबाला ने बताया कि परिवार का खर्च चलाने के लिए आमदनी बढ़ाने का कोई स्रोत नजर नहीं आया तो वह एक समूह से जुड़ी। इसके बाद समूह के माध्यम से बैंक से लोन लिया और उससे गांव में ही करीब 40 बीघा जमीन ठेके पर ली। वैज्ञानिक विधि के अनुसार सरसों, गन्ना, ज्वार, धान आदि फसलाें को उगाकर अच्छी कमाई कर रही हैं। बताया कि उनके साथ परिवार के सदस्य भी खेती में सहयोग करते हैं।
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पिछले पांच साल से वह खेती कर रही हैं। उनकी मेहनत व लगन से प्रेरित होकर गांव की सुमन व सीमा भी इस राह पर चलने लगी हैं। वह भी ठेके पर जमीन लेकर खेती कर रही हैं और उससे आमदनी कर परिवार चला रही हैं।
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- पहले घर और फिर खेत में जाकर करती हैं काम
राजबाला ने बताया कि पहले सुबह उठकर घर में करती हैं फिर खेत में जाकर मेहनत करती हैं। गन्ने की फसल में निराई-गुड़ाई, बंधाई व छिलाई परिवार वालों के साथ स्वयं करती हैं। बताया कि खेती से संबंधित कोई भी कार्य ठेके पर नहीं कराती हैं। इस मेहनत व लगन को देखते हुए गांव में महिला किसान के रूप में अलग पहचान बनाए हुए है। जिनकी हर कोई चर्चा कर उदाहरण देता है।