मरीजों का अस्पताल में हंगामा
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बृहस्पतिवार को दोपहर के समय अचानक जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। कई घंटे तक बिजली नहीं आई तो गर्मी से मरीज और तीमारदार बेहाल हो गए। कुछ लोग अपने बच्चों को लेकर बाहर निकले, लेकिन भीषण गर्मी में चल रही लू के थपेड़ों ने बेहाल कर दिया। परेशान मरीजों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
एनआरसी वार्ड में कुपोषित बच्चों को उनके अभिभावक गर्मी से बचाने के लिए खिड़कियों में लेकर खड़े रहे। लोगों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। प्रवीण ट्यौढ़ी, महिपाल काठा, भवन सिंह और अंगूरी अग्रवाल मंडी टटीरी और जमीला नौरोजपुर ने बताया जिला अस्पताल में बुखार, उल्टी, दस्त के कारण भर्ती है। कई घंटे से बिजली न आने के कारण गर्मी ने बेहाल कर दिया है।
जिला अस्पताल के डॉक्टरों को भी इसकी शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। सीएमएस डॉ. बीएल कुशवाहा ने कहा फाल्ट के कारण बिजली सप्लाई नहीं हो सकी। कुछ ही देर जिला अस्पताल में बिजली गुल रही थी, लेकिन साथ ही जनरेटर चलवा दिया गया था।
डायरिया, बुखार का बढ़ा प्रकोप
बागपत। गर्मी बढ़ते ही लोगों को डायरिया, बुखार ने जकड़ लिया है। एक सप्ताह से अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी है। सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में डायरिया (उल्टी, दस्त), फीवर के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है। अप्रैल में ही चिलचिलाती गर्मी और लू ने लोगों को बेहाल करके रख दिया है। लोगों को उल्टी, दस्त, बुखार शुरू हो गया है। एक सप्ताह में ही उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या तीन गुनी हो गई है। जिला अस्पताल में इस समय 60 प्रतिशत मरीज इससे पीड़ित हैं। सीएमएस डॉॅ. बीएल कुशवाह ने कहा गर्मी के कारण डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। लोगों को गर्मी से बचने की सलाह दी जा रही है।
गेहूं कटाई के दौरान बीमार पड़ते हैं लोग
गेहूं की कटाई का सीजन चला हुआ है। जिसमें मजदूर और किसान वर्ग लू के बीच फसलों की कटाई कराने में लगे हुए हैं। इस सीजन में सबसे अधिक लोग डायरिया की चपेट में पहुंच जाते हैं।