बालिग होने पर ही जाएगी ससुराल
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डीएम हृदय शंकर तिवारी को एक व्यक्ति ने पत्र भेजकर शिकायत की कि गुराना गांव में दो सगी नाबालिग बहनों की शादी की जा रही है। बड़ी बहन की बारात हरियाणा से और छोटी बहन की बारात लूंब गांव से आई हुई है। इस पर जिलाधिकारी ने बाल संरक्षण अधिकारी बागपत दीपांजलि व न्याय कल्याण समिति के अधिकारी प्रदीप कुमार व समिति के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. योगेश जिंदल के पुलिस बल के साथ गांव भेजा। पुलिस व अधिकारियों को देख लूंब से आई बारात वहां से लौट गई। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और दोनों लड़कियों के बालिग होने के प्रमाणपत्र मांगे। प्रमाणपत्र आने पर बड़ी बहन साढ़े 17 वर्ष की और छोटी बहन 16 वर्ष की पाई गई। इस पर उन्होंने ग्राम प्रधान ममता को वहां बुलवाया। इस पर लड़कियों के परिजन काफी गिड़गिड़ाए और उन्होंने अधिकारियों से काफी मिन्नतें की कि गरीब घर की बेटियां हैं इनकी शादी होने दो।
जांच पड़ताल के बाद बड़ी लड़की को फेरे लेेने के बाद ससुराल तभी भेजने का प्रधान से लिखित प्रमाणपत्र लिया गया कि बालिग होने से पूर्व ससुराल नहीं जाएगी। इस निर्णय पर हरियाणा से आई बारात बिना दुल्हन के फेरे कर चली गई, जबकि छोटी बहन जो 16 वर्ष की थी उसकी शादी रुकवा दी गई और प्रधान ममता से भी लिखित में लिया गया। ग्राम प्रधान ममता ने बताया कि छोटी बहन की शादी बालिग न होने के कारण रुकवा दी गई है, जबकि बड़ी बहन के फेरे तो करा दिए हैं लेकिन बालिग होने पर ही ससुराल जा सकेगी। उन्होंने इसकी जिम्मेदारी ली है।
डीएम को रिपोर्ट भेजी
बड़ौत। बाल संरक्षण अधिकारी बागपत दीपांजलि ने बताया कि छोटी बहन की शादी को बीच में ही रुकवा दिया गया है और बड़ी बहन के फेरे करा ससुराल बालिग होने पर ही भेजने को ही कहा गया है और इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।