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व्यक्ति को सत्य व संयम के मार्ग पर चलना चाहिए : नरेश चंद्र
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-दिगंबर जैन स्थानक में जैन संत नरेश चंद्र महाराज का हुआ आगमन
फोटो-एक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बिनौली गांव के दिगंबर जैन स्थानक में बृहस्पतिवार को जैन संत नरेश चंद्र महाराज का आगमन हुआ। उन्होंने धर्मसभा में लोगों को सत्य, संयम और सद्भावना के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। संत ने कहा कि आपसी प्रेम और भाईचारे से ही समाज की समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।
जैन संत नरेश चंद्र महाराज ने धर्मसभा में कहा कि व्यक्ति को हमेशा सत्य और संयम के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे ही उनको शांति मिलेगी। संत ने जोर दिया कि इंसान की कीमत सहयोग और सद्भावना से पहचानी जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संत हमेशा देश और समाज को सद्भावना का संदेश देते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यवहार में विनम्रता, करुणा और सहयोग की भावना अपनाएं तो समाज की कई समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने लोगों को सत्य, संयम और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। सुधीर मुनि महाराज ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि क्रोध, अहंकार, लोभ और ईर्ष्या मनुष्य के सबसे बड़े शत्रु हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को इन बुराइयों से बचने की सलाह दी। धर्मसभा में सत्यप्रकाश गोयल, योगेश जैन, अवनीश जैन, रोहित जैन, लोकेश जैन, विकास जैन और सचिन जैन माैजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिनौली। बिनौली गांव के दिगंबर जैन स्थानक में बृहस्पतिवार को जैन संत नरेश चंद्र महाराज का आगमन हुआ। उन्होंने धर्मसभा में लोगों को सत्य, संयम और सद्भावना के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। संत ने कहा कि आपसी प्रेम और भाईचारे से ही समाज की समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।
जैन संत नरेश चंद्र महाराज ने धर्मसभा में कहा कि व्यक्ति को हमेशा सत्य और संयम के मार्ग पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे ही उनको शांति मिलेगी। संत ने जोर दिया कि इंसान की कीमत सहयोग और सद्भावना से पहचानी जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव की सबसे अधिक आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि संत हमेशा देश और समाज को सद्भावना का संदेश देते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यवहार में विनम्रता, करुणा और सहयोग की भावना अपनाएं तो समाज की कई समस्याएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने लोगों को सत्य, संयम और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। सुधीर मुनि महाराज ने भी धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि क्रोध, अहंकार, लोभ और ईर्ष्या मनुष्य के सबसे बड़े शत्रु हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को इन बुराइयों से बचने की सलाह दी। धर्मसभा में सत्यप्रकाश गोयल, योगेश जैन, अवनीश जैन, रोहित जैन, लोकेश जैन, विकास जैन और सचिन जैन माैजूद रहे।
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