सुधर नहीं रही व्यवस्था, हंगामा जारी
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नोटबंदी के बाद जो हालत बिगड़े हैं सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बैंकों के बाहर भीड़ कम नहीं हो रही है। सरकारी महकमे के कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है।
पेंशन के लिए लोग चक्कर लगा रहे हैं। बैंक कर्मचारियों को कैश न देने का आरोप लगाया जा रहा है। दाहा गांव स्थित केनरा बैंक के कर्मचारियों पर कैश न देने का आरोप लगाया गया। बताया कि सुबह चार बजे लाइन में लग जाते है, लेकिन 12 बजे तक ही कैश खत्म होने का पंफलेट चस्पा करवा दिया जाता है।
बुजुर्गों के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं है। तीन दिन से लाइन में खड़े हैं, लेकिन रुपये नहीं मिल रहा है। यह ही हालत कलक्ट्रेट के सिंडिकेट बैंक के रहे। रुपये लेने के लिए सुबह ही उपभोक्ता जुट गई, लेकिन दोपहर तक भी उन्हें कैश नहीं मिला। हाईवे पर स्थित काठा और सरूरपुर गांव में सिंडिकेट बैंक के बाहर लोगों ने हंगामा किया। कर्मचारियों पर कैश न देने का आरोप लगाया। छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेजों में फीस जमा नहीं हो पा रही है। जिस कारण उन्हें बर्खास्त करने की धमकी दी जा रही है। बैंकों के बाहर लाइन में छात्र कैश लेने के लिए जूझ रहे हैं।