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मां का आंचल ही बन गया बच्चों की मौत का फंदा
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मां का आंचल ही बन गया बच्चों की मौत का फंदा
बागपत। पति के साथ झगड़े के बाद अंजुम के सिर पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि अपनी कोख से जन्म लेने वाले दोनों मासूमों का गला अपने ही दुपट्टे से घोटते समय उसके हाथ नहीं कांपे। गला घोटने के दौरान दोनों मासूम चीखे-चिल्लाए और तड़पे भी होंगे, लेकिन अंजुम का कलेजा नहीं पसीजा। उसने अपने ही हाथों से अपनी दुनिया उजाड़ ली।
उमेर और अलशिफा बुधवार रात मां के आंचल में गहरी नींद सो रहे थे। उन्हें जरा भी अहसास नहीं होगा कि यही आंचल उनकी मौत का फंदा बन जाएगा। बच्चों की हत्या करने के बाद अंजुम रात भर शवों के साथ कमरे में बैठी रही। इस खौफनाक वारदात को सुनने के बाद ज्यादातर लोगों को एकबारगी यकीन ही नहीं हुआ। मौके पर एकत्र हुए लोगों ने इस कुकृत्य के लिए अंजुम को काफी भला-बुरा भी कहा। उससे बच्चों की हत्या करने की वजह पूछी, लेकिन वह बस रोती रही। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर साथ ले गई।
अंजुम ने सास का भी दबा दिया था गला
उमेर और अलशिफा के दादा सईद और दादी शाहिदा का रो-रोकर बुरा हाल था। शाहिदा ने बताया कि अंजुम उसके साथ भी आएदिन झगड़ा करती थी। एक बार झगड़े के दौरान उसका भी गला दबा दिया था। उस घटना के बाद वह अलग मकान में रहने लगे।
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11 साल पहले हुई थी शादी
गुलाब कुरैशी की शादी करीब 11 साल पहले कोताना की रहने वाली अंजुम से हुई थी। दोनों के दो प्यारे बच्चे हुए। परिवार का हंसते-खेलते गुजारा हो रहा था। अचानक ही खुशियों को किसी की नजर लग गई। गुलाब के चार भाई दूसरे मोहल्लों में रहते हैं। माता-पिता भी अलग मकान में रहते हैं।
पुलिस से उलझा पिता
बच्चोें की हत्या की खबर सुनकर जब गुलाब घर पहुंचा तो पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी। इस बात को लेकर गुलाब पुलिस से उलझ गया। उसने अपने आने से पहले शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का विरोध जताया। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर उसे शांत किया।
पड़ोसी बोले, कुछ और है हत्या की वजह
घटना का पता चलने पर पड़ोसी ही नहीं, आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पड़ोसियों की जुबान पर एक ही सवाल था कि पति से झगड़े के बाद अंजुम इतना खौफनाक कदम कैसे उठा सकती है। उन्होंने बताया कि बुधवार को उनके घर से झगड़े की कोई आवाज किसी ने नहीं सुनी थी। ऐसे में मुमकिन है कि हत्या की कोई और वजह भी हो।
मायके वालों को भी हिरासत में लिया
घटना की जानकारी मिलने पर अंजुम के परिजन भी थाने पहुंच गए। उन्होंने अंजुम को प्रताड़ित करने का आरोप उसके ससुराल वालों पर लगाया। इस पर दोनों पक्षों के बीच थाने में गालीगलौज होने लगी। मामला मारपीट तक पहुंचने ही वाला था कि पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। अंजुम के मायके पक्ष से भी कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। गुलाब के भाई हसीन ने अंजुम के खिलाफ हत्या की तहरीर दी।
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बागपत। पति के साथ झगड़े के बाद अंजुम के सिर पर ऐसा जुनून सवार हुआ कि अपनी कोख से जन्म लेने वाले दोनों मासूमों का गला अपने ही दुपट्टे से घोटते समय उसके हाथ नहीं कांपे। गला घोटने के दौरान दोनों मासूम चीखे-चिल्लाए और तड़पे भी होंगे, लेकिन अंजुम का कलेजा नहीं पसीजा। उसने अपने ही हाथों से अपनी दुनिया उजाड़ ली।
उमेर और अलशिफा बुधवार रात मां के आंचल में गहरी नींद सो रहे थे। उन्हें जरा भी अहसास नहीं होगा कि यही आंचल उनकी मौत का फंदा बन जाएगा। बच्चों की हत्या करने के बाद अंजुम रात भर शवों के साथ कमरे में बैठी रही। इस खौफनाक वारदात को सुनने के बाद ज्यादातर लोगों को एकबारगी यकीन ही नहीं हुआ। मौके पर एकत्र हुए लोगों ने इस कुकृत्य के लिए अंजुम को काफी भला-बुरा भी कहा। उससे बच्चों की हत्या करने की वजह पूछी, लेकिन वह बस रोती रही। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर साथ ले गई।
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अंजुम ने सास का भी दबा दिया था गला
उमेर और अलशिफा के दादा सईद और दादी शाहिदा का रो-रोकर बुरा हाल था। शाहिदा ने बताया कि अंजुम उसके साथ भी आएदिन झगड़ा करती थी। एक बार झगड़े के दौरान उसका भी गला दबा दिया था। उस घटना के बाद वह अलग मकान में रहने लगे।
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11 साल पहले हुई थी शादी
गुलाब कुरैशी की शादी करीब 11 साल पहले कोताना की रहने वाली अंजुम से हुई थी। दोनों के दो प्यारे बच्चे हुए। परिवार का हंसते-खेलते गुजारा हो रहा था। अचानक ही खुशियों को किसी की नजर लग गई। गुलाब के चार भाई दूसरे मोहल्लों में रहते हैं। माता-पिता भी अलग मकान में रहते हैं।
पुलिस से उलझा पिता
बच्चोें की हत्या की खबर सुनकर जब गुलाब घर पहुंचा तो पुलिस शव पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी। इस बात को लेकर गुलाब पुलिस से उलझ गया। उसने अपने आने से पहले शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का विरोध जताया। पुलिस ने किसी तरह समझा-बुझाकर उसे शांत किया।
पड़ोसी बोले, कुछ और है हत्या की वजह
घटना का पता चलने पर पड़ोसी ही नहीं, आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पड़ोसियों की जुबान पर एक ही सवाल था कि पति से झगड़े के बाद अंजुम इतना खौफनाक कदम कैसे उठा सकती है। उन्होंने बताया कि बुधवार को उनके घर से झगड़े की कोई आवाज किसी ने नहीं सुनी थी। ऐसे में मुमकिन है कि हत्या की कोई और वजह भी हो।
मायके वालों को भी हिरासत में लिया
घटना की जानकारी मिलने पर अंजुम के परिजन भी थाने पहुंच गए। उन्होंने अंजुम को प्रताड़ित करने का आरोप उसके ससुराल वालों पर लगाया। इस पर दोनों पक्षों के बीच थाने में गालीगलौज होने लगी। मामला मारपीट तक पहुंचने ही वाला था कि पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया। अंजुम के मायके पक्ष से भी कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। गुलाब के भाई हसीन ने अंजुम के खिलाफ हत्या की तहरीर दी।