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Baghpat News: रातोंरात करोड़पति हो गए थे सॉल्वर गैंग के कई सदस्य

Sat, 10 Feb 2024 03:20 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Feb 2024 03:20 AM IST
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Many members of Solver Gang became millionaires overnight.
बड़ौत। उप्र पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में पकड़े सॉल्वर गैंग के सदस्यों का एक और खुलासा हुआ है। कई साल्वर गैंग के सदस्य रातों रात करोड़पति बन गए थे। इन सॉल्वर गैंग के सदस्यों ने 60 से अधिक अभ्यर्थियों से लगभग तीन करोड़ से अधिक की धनराशि वसूल रखी थी। जबकि 20 से अधिक अभ्यार्थियों से एक करोड़ की धनराशि आनी बाकी थी। अन्य युवाओं से मोटी रकम वसूलने का मास्टर प्लान सॉल्वर गैंग ने तैयार कर रखा था, लेकिन समय रहते पुलिस ने इसको फेल कर दिया था।
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उल्लेखनीय है कि एसटीएफ की मेरठ टीम व कोतवाली पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बड़ौत की आवास विकास काॅलोनी में स्थित एक मकान में उप्र पुलिस में कंप्यूटर ऑपरेटर की ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में सेंधमारी कर रहे सॉल्वर गैंग के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जिनसे पुलिस ने तीन लैपटॉप, एक कंप्यटूर, एक डेस्क टॉप कम्पयूटर, आठ मोबाइल फोन, छह स्क्रीन शॉट, आठ एडमिट कार्ड बरामद भी बरामद किए थे। सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया था।
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इस मामले में एक ओर हैरान कर देने वाला खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि सॉल्वर गैंग के इन सदस्यों ने जनपद के अलावा शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर, हरियाणा समेत अन्य जगहों से 60 से अधिक अभ्यर्थियों से लगभग तीन करोड़ की धनराशि वसूल ली थी और आपस में बांट भी कर लिया था, जबकि 20 से अधिक सदस्यों से तकरीबन एक करोड़ की धनराशि आनी बाकी थी।
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पुलिस पूछताछ मेें सॉल्वर गैंग के कुछ सदस्यों ने बयान देकर वसूली गई धनराशि को आपस में बांटने की पुष्टि भी की है। जिसके बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है और ऐसे युवाओं से संपर्क साधने की कोशिश रह रहा है, जो सॉल्वर गैंग के सदस्यों को धनराशि दे चुका है, हालांकि पकड़े जाने के डर से अभी ठगी का शिकार हुए युवा सामने नहीं आ रहे है। पुलिस अपने स्तर पर ही जांच करने में जुटी हुई है।

- सभी सॉल्वर गैंग के सदस्यों की थी अलग-अलग जिम्मेदारी
बड़ौत। पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि पकड़े गए सॉल्वर गैंग के सदस्यों में से प्रत्येक की अलग-अलग जिम्मेदारी थी। जहां रजनीश पुत्र अर्जुन प्रसाद महतो बेगूसराय बिहार व अश्वनी पुत्र नरेश कूकड़ा जनपद मुजफ्फरनगर सीआरपीएफ के जवान बिजेन्द्र चौहान निवासी गढ़ी श्याम जनपद शामली ने की दुहाई गाजियाबाद में स्थित विधान पब्लिक स्कूल में रखे 250 कंप्यूटर सिस्टम को चालू रखने के लिए प्रतिदिन 1000 रुपये वसूलते थे, जबकि इंजीनियर राम चौहान एक अभ्यर्थी को स्क्रीन शेयर करने के बदले 50 हजार रुपये लेता था। बड़ौत निवासी दानवीर को अभ्यार्थियों से संपर्क साधने व उनसे रुपये वसूलने, तो ग्राम सचिव कर्मवीर निवासी बिहारीपुर पेपर सॉल्वर करने में मदद करता था।


वर्जन- पुलिस की जांच अभी चल रही है। एसटीएफ मेरठ की टीम की पूछताछ में सॉल्वर गैंग के कुछ सदस्यों ने वसूली गई धनराशि को आपस में बांटने की पुष्टि अपने बयान में की है। बाकी फरार सदस्यों को पकड़ने के लिए भी पुलिस टीम लगी हुई है। जल्द ही पुलिस को सफलता मिलेगी। - सविरत्न गौतम सीओ बड़ौत।
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